अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का निधन, ट्रंप के कट्टर समर्थक और पाकिस्तान के आलोचक रहे
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का शनिवार, 12 जुलाई 2025 की शाम संक्षिप्त बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके कार्यालय ने रविवार तड़के एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर यह दुखद सूचना साझा की। दक्षिण कैरोलिना से रिपब्लिकन पार्टी के 71 वर्षीय इस वरिष्ठ नेता का निधन अमेरिकी राजनीति में एक महत्वपूर्ण अध्याय के अंत का प्रतीक है।
कार्यालय का आधिकारिक बयान
ग्राहम के कार्यालय ने कहा, 'एक संक्षिप्त बीमारी के बाद सीनेटर ग्राहम का शनिवार शाम देहांत हो गया। परिवार इस समय लोगों से प्रार्थनाओं की अपील करता है और इस बेहद कठिन समय में निजता का सम्मान करने का अनुरोध करता है।' ग्राहम अविवाहित थे और दक्षिण कैरोलिना के सेनेका में रहते थे।
राजनीतिक सफर: आलोचक से समर्थक तक
ग्राहम को 2002 में अमेरिकी सीनेट के लिए चुना गया था। इससे पहले वह 1994 में दक्षिण कैरोलिना के तीसरे कांग्रेसनल जिले से प्रतिनिधि सभा के सदस्य बने थे। अपने राजनीतिक करियर के शुरुआती दौर में वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुखर आलोचक रहे, लेकिन कालांतर में वह कैपिटल हिल पर ट्रंप के सबसे भरोसेमंद और मुखर समर्थकों में शुमार हो गए। यह राजनीतिक रूपांतरण अमेरिकी रिपब्लिकन पार्टी के भीतर ट्रंप युग के प्रभाव का एक उल्लेखनीय उदाहरण माना जाता है।
रक्षा और विदेश नीति पर कड़ा रुख
रक्षा मामलों में सख्त रुख रखने वाले नेता के रूप में ग्राहम की विशेष पहचान थी। उनके कार्यालय की वेबसाइट के अनुसार, उन्होंने 'आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में ऐसे परिणामों के लिए लगातार प्रयास किया, जो अमेरिका के दीर्घकालिक राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की रक्षा करें।' वह सीनेट बजट समिति के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य कर चुके थे और सीनेट विनियोग समिति, सीनेट न्यायपालिका समिति तथा सीनेट पर्यावरण एवं लोक निर्माण समिति के सदस्य भी रहे।
पाकिस्तान और ईरान पर संदेह
ग्राहम पाकिस्तान की नीति और नीयत को लेकर हमेशा सशंकित रहे। उन्होंने पाकिस्तान को अमेरिका-ईरान संघर्ष में मध्यस्थ की भूमिका के लिए अनुपयुक्त बताया और उसे 'समस्याओं' से भरा तथा इजरायल के प्रति नकारात्मक रवैए वाला मध्यस्थ करार दिया था। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल न होने को भी वह गलत ठहराते थे। इसके अतिरिक्त, यूएस-ईरान संघर्ष के दौरान ईरानी सैन्य विमानों के पाकिस्तानी हवाई अड्डों पर रखे जाने की खबरों पर भी उन्होंने गंभीर चिंता जताई थी।
अमेरिकी राजनीति पर असर
ग्राहम के निधन से सीनेट में रिपब्लिकन खेमे को एक अनुभवी और मुखर आवाज़ से हाथ धोना पड़ा है। गौरतलब है कि दक्षिण कैरोलिना में उनकी रिक्त सीट को भरने की प्रक्रिया राज्य के कानून के अनुसार आगे बढ़ेगी। अमेरिकी विदेश और रक्षा नीति पर उनके दशकों के प्रभाव को देखते हुए, उनका उत्तराधिकारी कौन होगा — यह सवाल रिपब्लिकन पार्टी के भीतर अहम बहस का विषय बनेगा।