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यूसीसी अल्पसंख्यक विरोधी, TMC का विरोध जारी रहेगा: सौगत रॉय

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यूसीसी अल्पसंख्यक विरोधी, TMC का विरोध जारी रहेगा: सौगत रॉय

सारांश

TMC सांसद सौगत रॉय ने साफ कहा — यूसीसी अल्पसंख्यकों के हित में नहीं और पार्टी का विरोध जारी रहेगा। साथ ही अनुब्रत मंडल के पार्टी छोड़ने को 'विश्वासघात' बताकर TMC ने अपनी आंतरिक दरारों को भी उजागर किया।

मुख्य बातें

TMC सांसद सौगत रॉय ने 12 जुलाई 2026 को कोलकाता में यूसीसी को अल्पसंख्यक विरोधी बताया।
रॉय के अनुसार मुस्लिम और ईसाई समुदायों की अपनी-अपनी व्यक्तिगत कानून व्यवस्थाएँ हैं, जिनका सम्मान होना चाहिए।
अनुब्रत मंडल के TMC छोड़ने को रॉय ने 'पार्टी के प्रति विश्वासघात' करार दिया।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की हिंदू कानून टिप्पणी को रॉय ने अप्रासंगिक बताया; मिताक्षरा और दायभाग परंपराओं का हवाला दिया।
PM नरेंद्र मोदी के न्यूजीलैंड दौरे को रॉय ने प्रवासी भारतीयों से जुड़ाव की दृष्टि से उचित बताया।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने 12 जुलाई 2026 को कोलकाता में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर पार्टी का स्पष्ट रुख दोहराया — TMC यूसीसी के विरोध में है और इसे अल्पसंख्यक समुदायों के हितों के प्रतिकूल मानती है। रॉय ने कहा कि विभिन्न धार्मिक समुदायों की अपनी-अपनी व्यक्तिगत कानून व्यवस्थाएँ हैं, जिन्हें एक समान कानून से प्रतिस्थापित करना न्यायसंगत नहीं होगा।

यूसीसी पर TMC का पक्ष

सौगत रॉय ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस शुरू से ही यूसीसी के प्रस्ताव के खिलाफ रही है। उनके अनुसार, मुस्लिम समाज शरीयत कानून के अनुसार चलता है, जबकि ईसाई समुदाय के विवाह और उत्तराधिकार संबंधी अपने अलग कानून हैं। उन्होंने तर्क दिया कि इन विविध परंपराओं को एक ही कानूनी ढाँचे में समेटना सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता का अपमान होगा। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार पर यूसीसी लागू करने का दबाव बढ़ता जा रहा है।

अनुब्रत मंडल के पार्टी छोड़ने पर प्रतिक्रिया

TMC नेता अनुब्रत मंडल के पार्टी से अलग होने के सवाल पर रॉय ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंडल को वर्षों तक राजनीतिक संरक्षण और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ दीं। रॉय ने मंडल के इस फैसले को 'पार्टी के प्रति विश्वासघात' करार दिया। उनका कहना था कि अलग रास्ता चुनना मंडल का व्यक्तिगत निर्णय है, लेकिन इससे पार्टी की निष्ठा पर सवाल उठता है।

तुषार मेहता की टिप्पणी पर रॉय का जवाब

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की हिंदू कानून संबंधी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए सौगत रॉय ने स्वीकार किया कि वे इस विषय के विशेषज्ञ नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज में पहले से ही मिताक्षरा और दायभाग जैसी पारंपरिक कानूनी व्यवस्थाएँ मौजूद हैं और पारिवारिक मामलों में इन्हीं के अनुसार व्यवस्था चलती रही है। रॉय ने कहा, 'तुषार मेहता क्या कहते हैं, उससे कोई फर्क नहीं पड़ता — हिंदू समाज अपने कानून के अनुसार ही चलेगा।'

PM मोदी के न्यूजीलैंड दौरे पर विचार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यूजीलैंड दौरे पर पूछे गए सवाल के जवाब में रॉय ने कहा कि न्यूजीलैंड में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं और उनसे संपर्क बनाए रखना किसी भी सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने इस दौरे को प्रवासी भारतीय समुदाय के साथ जुड़ाव की दृष्टि से उचित बताया। आगे भी यूसीसी पर विपक्षी दलों का विरोध और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसका कोई विस्तृत कानूनी विकल्प सार्वजनिक नहीं किया है। अनुब्रत मंडल प्रकरण पर 'विश्वासघात' जैसे कड़े शब्द यह संकेत देते हैं कि TMC के भीतर अनुशासन को लेकर दबाव बढ़ रहा है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है वह यह है कि यूसीसी-विरोध और आंतरिक विद्रोह — दोनों मुद्दे मिलकर 2026 के बंगाल राजनीतिक परिदृश्य को आकार दे रहे हैं।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

TMC यूसीसी का विरोध क्यों करती है?
तृणमूल कांग्रेस का मानना है कि समान नागरिक संहिता अल्पसंख्यक समुदायों की धार्मिक और सांस्कृतिक स्वायत्तता को कमज़ोर करती है। सांसद सौगत रॉय के अनुसार, मुस्लिम और ईसाई समुदायों की अपनी-अपनी व्यक्तिगत कानून व्यवस्थाएँ हैं, जिन्हें एक समान कानून से प्रतिस्थापित करना उचित नहीं।
अनुब्रत मंडल के TMC छोड़ने पर सौगत रॉय ने क्या कहा?
सौगत रॉय ने अनुब्रत मंडल के पार्टी छोड़ने को 'पार्टी के प्रति विश्वासघात' करार दिया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने मंडल को वर्षों तक राजनीतिक संरक्षण दिया, इसलिए यह फैसला निष्ठा के विरुद्ध है।
मिताक्षरा और दायभाग कानून क्या हैं?
मिताक्षरा और दायभाग हिंदू उत्तराधिकार की दो पारंपरिक कानूनी व्यवस्थाएँ हैं जो ऐतिहासिक रूप से भारत के विभिन्न क्षेत्रों में पारिवारिक संपत्ति विभाजन को नियंत्रित करती थीं। सौगत रॉय ने इनका उल्लेख यह तर्क देने के लिए किया कि हिंदू समाज की अपनी विविध कानूनी परंपराएँ पहले से मौजूद हैं।
सौगत रॉय ने PM मोदी के न्यूजीलैंड दौरे पर क्या कहा?
रॉय ने कहा कि न्यूजीलैंड में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं और उनसे संपर्क बनाए रखना किसी भी सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने इस दौरे को प्रवासी भारतीय समुदाय से जुड़ाव की दृष्टि से उचित बताया।
यूसीसी विवाद का अल्पसंख्यक समुदायों पर क्या असर पड़ सकता है?
आलोचकों का कहना है कि यूसीसी लागू होने पर मुस्लिम, ईसाई और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के विवाह, तलाक और उत्तराधिकार संबंधी व्यक्तिगत कानून बदल जाएँगे। समर्थकों का तर्क है कि यह सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार सुनिश्चित करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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