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यूसीसी सांप्रदायिक एजेंडा है, मुस्लिम पर्सनल लॉ बना रहे: तृणमूल सांसद सौगत रॉय

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यूसीसी सांप्रदायिक एजेंडा है, मुस्लिम पर्सनल लॉ बना रहे: तृणमूल सांसद सौगत रॉय

सारांश

TMC सांसद सौगत रॉय ने यूसीसी को सांप्रदायिक एजेंडा बताते हुए मुस्लिम पर्सनल लॉ की वकालत की। साथ ही तारातला हादसे पर सरकार से जवाबदेही, राम मंदिर चढ़ावा मामले में निष्पक्ष जांच और पार्टी के बागी गुट को खारिज करने की बात कही।

मुख्य बातें

TMC सांसद सौगत रॉय ने 27 जून को कोलकाता में यूसीसी को 'पूरी तरह सांप्रदायिक एजेंडा' करार दिया।
रॉय ने कहा — मुस्लिम पर्सनल लॉ बरकरार रहना चाहिए; 'लव जिहाद' के लिए अलग कानून की जरूरत नहीं।
तारातला हादसे पर सरकार और नगर निगम से जिम्मेदारी तय करने की माँग; 31 जुलाई तक निर्माण रोकने के फैसले पर सवाल।
राम मंदिर चढ़ावा मामले में चंपत राय की भूमिका की निष्पक्ष जांच की माँग; BJP को बड़ी विफलता बताया।
TMC के बागी गुट को कानूनी मान्यता नहीं; आधिकारिक संगठनात्मक सूची चुनाव आयोग को सौंपी जा चुकी है।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने 27 जून को कोलकाता में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को 'पूरी तरह सांप्रदायिक एजेंडा' करार दिया और कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ को बरकरार रखा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) जानबूझकर जनता को गुमराह करने के लिए यह मुद्दा उठा रही है।

यूसीसी पर सौगत रॉय का कड़ा विरोध

पश्चिम बंगाल में यूसीसी लागू करने की चर्चाओं के बीच रॉय ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'यह पूरी तरह सांप्रदायिक एजेंडा है और हमारी पार्टी इसका कड़ा विरोध करती है।' उन्होंने यह भी कहा कि 'लव जिहाद' केवल हिंदू सांप्रदायिक संगठनों द्वारा गढ़ा गया नारा है और इसके लिए अलग कानून बनाने की कोई आवश्यकता नहीं है। उनके अनुसार, विवाह से जुड़े मौजूदा कानून पर्याप्त हैं।

रॉय ने आरोप लगाया कि ऐसे मुद्दे उठाने का एकमात्र उद्देश्य समाज में हिंदू-मुस्लिम विभाजन पैदा करना है। उन्होंने दोहराया कि मुस्लिम समुदाय के लिए अलग पर्सनल लॉ बने रहने चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं है।

तारातला हादसे पर असंतोष

तारातला हादसे को लेकर रॉय ने पश्चिम बंगाल सरकार की कार्रवाई पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केवल पिछली सरकार पर दोष मढ़ने से समस्या का समाधान नहीं होगा — अब सरकार और नगर निगम की जिम्मेदारी है कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उचित कार्रवाई की जाए।

31 जुलाई तक निर्माण कार्य रोकने के फैसले पर भी उन्होंने सवाल उठाए और चेताया कि इससे विकास कार्यों में देरी होगी तथा नगर निगम को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर निष्पक्ष जांच की मांग

राम मंदिर चढ़ावा मामले पर रॉय ने कहा कि इस सिलसिले में कई गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं और चंपत राय की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने इसे BJP सरकार की बड़ी विफलता बताते हुए सवाल उठाया कि यदि अनियमितताओं की जानकारी पहले से थी, तो समय पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। रॉय ने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की माँग की।

पार्टी में बागी गुट और चुनाव आयोग का मामला

TMC के भीतर बागी गुट द्वारा चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाने के मुद्दे पर रॉय ने कहा कि उस गुट को कोई कानूनी या संवैधानिक मान्यता प्राप्त नहीं है। उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस की आधिकारिक संगठनात्मक सूची पहले ही चुनाव आयोग को सौंपी जा चुकी है और पार्टी अध्यक्ष की मंजूरी के बिना किसी भी दावे का कोई कानूनी आधार नहीं है।

विपक्ष के आरोपों पर उन्होंने कहा कि यदि किसी के खिलाफ ठोस सबूत हैं तो कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई हो, लेकिन बिना जांच के बेबुनियाद आरोप लगाने से बचना चाहिए। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है और यूसीसी को लेकर राष्ट्रीय बहस तेज हो चुकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे 'पूरी तरह सांप्रदायिक एजेंडा' कहना राजनीतिक तापमान को दर्शाता है जो 2026 के पश्चिम बंगाल में तेज़ी से बढ़ रहा है। असली सवाल यह है कि क्या मुस्लिम पर्सनल लॉ की यह वकालत संवैधानिक बहस है या चुनावी ध्रुवीकरण का जवाबी दांव — दोनों पक्षों पर यह आरोप लागू होता है। तारातला और राम मंदिर चढ़ावे पर रॉय की आलोचना उनकी पार्टी की सरकार को भी असहज करती है, जो बताती है कि TMC के भीतर भी जवाबदेही का दबाव बन रहा है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सौगत रॉय ने यूसीसी का विरोध क्यों किया?
TMC सांसद सौगत रॉय ने यूसीसी को 'पूरी तरह सांप्रदायिक एजेंडा' बताया और कहा कि BJP इसे जनता को गुमराह करने के लिए जानबूझकर उठा रही है। उनके अनुसार, इसका उद्देश्य समाज में हिंदू-मुस्लिम विभाजन पैदा करना है।
सौगत रॉय का मुस्लिम पर्सनल लॉ पर क्या कहना है?
रॉय ने स्पष्ट कहा कि मुस्लिम समुदाय के लिए अलग पर्सनल लॉ बने रहने चाहिए और इसमें किसी प्रकार का हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि विवाह से जुड़े मौजूदा कानून पर्याप्त हैं।
तारातला हादसे पर TMC सांसद का क्या रुख है?
रॉय ने पश्चिम बंगाल सरकार की कार्रवाई पर असंतोष जताया और कहा कि केवल पिछली सरकार पर आरोप लगाने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने 31 जुलाई तक निर्माण रोकने के फैसले पर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि इससे नगर निगम को आर्थिक नुकसान होगा।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद में सौगत रॉय ने क्या माँग की?
रॉय ने चंपत राय की भूमिका की निष्पक्ष जांच की माँग की और इसे BJP सरकार की बड़ी विफलता बताया। उन्होंने पूछा कि यदि अनियमितताओं की जानकारी पहले से थी तो समय पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
TMC के बागी गुट के चुनाव आयोग जाने पर रॉय का क्या कहना है?
रॉय ने कहा कि उस गुट को कोई कानूनी या संवैधानिक मान्यता नहीं है और TMC की आधिकारिक सूची पहले ही चुनाव आयोग को सौंपी जा चुकी है। उनके अनुसार, पार्टी अध्यक्ष की मंजूरी के बिना किसी दावे का कोई आधार नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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