यूसीसी बिल पर भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना बोले — सभी नागरिकों के लिए समान कानून का स्वागत हो
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद गुलाम अली खटाना ने पश्चिम बंगाल में प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने 29 जून को कहा कि देश के सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून का स्वागत किया जाना चाहिए और इस पर किसी को भी आपत्ति नहीं होनी चाहिए। खटाना ने इसके साथ ही नीट पेपर लीक विवाद और राम मंदिर दान प्रकरण पर भी अपनी स्पष्ट राय रखी।
यूसीसी बिल पर खटाना का रुख
पश्चिम बंगाल विधानसभा में शनिवार को यूसीसी विधेयक पेश किए जाने की संभावना है। भाजपा सांसद खटाना ने कहा, 'देश के सभी नागरिकों के लिए समान कानून का स्वागत किया जाना चाहिए।' उनके अनुसार यह कोई एक वर्ग या समुदाय के लिए नहीं, बल्कि समूचे देश के नागरिकों के हित में उठाया गया कदम है।
नीट पेपर लीक पर सरकार का पक्ष
नीट पेपर लीक विवाद पर खटाना ने कहा कि छात्रों के मुद्दों को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने इस मामले में पहले ही सख्त कदम उठाए हैं और भविष्य में यदि कहीं भी पेपर लीक की घटना सामने आती है, तो उसकी जांच निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से की जाएगी। उन्होंने कहा, 'हम राजनीति करते हैं, लेकिन छात्रों के विषय पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। अगर कहीं और पेपर लीक हुए हैं, उन पर सख्त कार्रवाई होगी और जांच निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से होगी।'
राम मंदिर दान प्रकरण और अखिलेश पर आरोप
राम मंदिर दान प्रकरण पर भाजपा सांसद ने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। खटाना के अनुसार, 'अखिलेश यादव इस विषय को लेकर राजनीति कर रहे हैं। यह उनकी कोशिश है कि बहुसंख्यक वोटर समाजवादी पार्टी की ओर रुख करें। हालांकि, देश और खासकर उत्तर प्रदेश की जनता यह मन नहीं है।'
मुद्दों के राजनीतिकरण पर चेतावनी
खटाना ने यह भी कहा कि हर मुद्दे को सियासी चश्मे से देखना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध से उत्पन्न संकट पर भी अनावश्यक बयानबाजी की, जबकि देश के असली मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। यूसीसी, नीट और राम मंदिर — तीनों मुद्दों पर खटाना का रुख सरकार के पक्ष में दृढ़ रहा और उन्होंने विपक्ष पर राजनीतिक अवसरवाद का आरोप लगाया।