राम मंदिर चंदा चोरी पर पूर्णिमा चक्रवर्ती का कड़ा रुख, यूसीसी को बताया ऐतिहासिक कदम
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री पूर्णिमा चक्रवर्ती ने 26 जून 2026 को कोलकाता में राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों से जुड़े भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को देश की एकता और समानता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।
राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर सरकार का रुख
मंत्री पूर्णिमा चक्रवर्ती ने स्पष्ट किया कि किसी भी धार्मिक स्थल से जुड़ी चोरी या भ्रष्टाचार की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने कहा, 'धार्मिक स्थल में इस तरह का काम बहुत ही निंदनीय है — हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और प्रशासन ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेंगे और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
यूसीसी को लेकर पूर्ण समर्थन
पश्चिम बंगाल विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर चर्चा के प्रस्ताव को लेकर मंत्री ने इसे 'एक देश, एक संविधान, एक विधान और एक निशान' की दीर्घकालिक अवधारणा की दिशा में बड़ा कदम बताया। उनके अनुसार, यह केवल किसी एक राजनीतिक दल का एजेंडा नहीं, बल्कि देश के आम नागरिकों की वर्षों पुरानी आकांक्षा है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग व्यवस्थाओं के कारण आम जनता को जो कठिनाइयाँ होती हैं, यूसीसी उसका समाधान करेगी और इससे समान अधिकारों की दिशा में ठोस प्रगति होगी।
नकताला मामले में कार्रवाई और गिरफ्तारियाँ
नकताला मामले में कथित अनियमितताओं पर मंत्री ने बताया कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जाँच शुरू कर दी है और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार किसी भी अपराधी, भ्रष्टाचारी या कानून तोड़ने वाले व्यक्ति को संरक्षण नहीं देती और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिरहाद हकीम की कथित भूमिका पर तीखी प्रतिक्रिया
नकताला मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता फिरहाद हकीम की कथित भूमिका को लेकर पूछे गए सवाल पर पूर्णिमा चक्रवर्ती ने कहा कि हकीम को लेकर समय-समय पर कई विवाद सामने आते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती राजनीतिक परिस्थितियों में कई मामलों में कार्रवाई नहीं हो पाती थी, लेकिन अब कानून का शासन स्थापित है और कोई भी व्यक्ति केवल राजनीतिक प्रभाव के आधार पर बचाया नहीं जाएगा।
कानून के शासन पर सरकार की प्रतिबद्धता
मंत्री ने दावा किया कि वर्तमान व्यवस्था में शासन व्यक्तिगत प्रभाव से नहीं, बल्कि कानून के अनुसार संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा कि जाँच एजेंसियाँ स्वतंत्र रूप से कार्रवाई कर रही हैं और सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता भ्रष्टाचार, अपराध और अनियमितताओं के विरुद्ध निर्णायक कदम उठाना है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में कई प्रशासनिक और राजनीतिक विवाद एक साथ सुर्खियों में हैं।