टेसेरैक्ट जमीन डील: बीआरएस का आरोप — तेलंगाना CM के भाई को ₹200 करोड़ की जमीन ₹7 करोड़ में, मूडा से बड़ा घोटाला
सारांश
मुख्य बातें
भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव ने मंगलवार, 11 अगस्त को हैदराबाद में आरोप लगाया कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के भाई कोंडल रेड्डी से जुड़ी कंपनी टेसेरैक्ट एडवांस्ड सिस्टम्स को ₹200 करोड़ मूल्य की सरकारी जमीन मात्र ₹7 करोड़ में आवंटित की गई। बीआरएस का दावा है कि यह सौदा कर्नाटक के मूडा घोटाले से भी बड़ा है, जिसने तत्कालीन मुख्यमंत्री को इस्तीफे की कगार तक पहुँचा दिया था।
आरोपों का सार: क्या है टेसेरैक्ट डील
के.टी. रामा राव ने मीडिया के सामने बीआरएस द्वारा जुटाए गए दस्तावेज़ पेश करते हुए बताया कि टेसेरैक्ट एडवांस्ड सिस्टम्स की पेड-अप कैपिटल कथित तौर पर महज ₹1 लाख है और कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार उसमें कोई कर्मचारी नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया, 'सिर्फ ₹1 लाख की पेड-अप कैपिटल और कथित तौर पर बिना किसी कर्मचारी वाली कंपनी को ₹200 करोड़ की कीमत वाली 5 एकड़ जमीन सिर्फ ₹7 करोड़ में कैसे मिल सकती है।'
रामा राव ने यह भी बताया कि कंपनी की वेबसाइट पर दर्ज फोन नंबर '123456789' है — जो किसी वास्तविक व्यावसायिक इकाई का नहीं हो सकता। कंपनी का पंजीकृत पता संगारेड्डी जिले के पटनचेरु में एक फ्लैट बताया गया है।
कोंडल रेड्डी की भूमिका पर सवाल
बीआरएस नेता ने कोंडल रेड्डी की वे तस्वीरें सार्वजनिक कीं जिनमें वे यूएस-इंडिया बिजनेस फोरम (USIBF) के स्ट्रैटेजिक फोरम में टेसेरैक्ट एडवांस्ड सिस्टम्स के चेयरमैन के रूप में शामिल दिख रहे हैं। एक तस्वीर में कोंडल रेड्डी अमेरिकी काउंसल जनरल के बगल में बैठे हैं और उनके सामने रखी नेम प्लेट पर टेसेरैक्ट का उल्लेख स्पष्ट है।
रामा राव ने कहा, 'अगर कोंडल रेड्डी का टेसेरैक्ट से कोई संबंध नहीं है, तो उन्हें USIBF की सदस्यता कैसे दी गई और वे किस हैसियत से इन बैठकों में शामिल हो रहे थे।' उन्होंने यह भी दावा किया कि उस बैठक का आयोजन स्वयं टेसेरैक्ट ने किया था।
मूडा से तुलना और राजनीतिक संदर्भ
रामा राव ने याद दिलाया कि कर्नाटक में मैसूर अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MUDA) घोटाले में मुख्यमंत्री की पत्नी को 3 एकड़ जमीन आवंटित की गई थी, जिसके चलते तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया इस्तीफे की कगार तक पहुँच गए थे। उनके अनुसार, टेसेरैक्ट मामले में जमीन का आकार और मूल्य दोनों कहीं अधिक हैं, इसलिए यह घोटाला मूडा से भी बड़ा है।
गौरतलब है कि उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू पहले यह दावा कर चुके हैं कि कोंडल रेड्डी का टेसेरैक्ट से कोई संबंध नहीं है। रामा राव ने इसी दावे को चुनौती देते हुए तस्वीरें और दस्तावेज़ पेश किए।
बीआरएस की अगली कार्रवाई
बीआरएस नेता ने घोषणा की कि वे इस मामले में तेलंगाना के राज्यपाल से मुलाकात करेंगे, लोकायुक्त के पास शिकायत दर्ज कराएंगे और सभी उपलब्ध कानूनी व संवैधानिक रास्ते अपनाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, कोंडल रेड्डी, संबंधित मंत्रियों और अधिकारियों की भूमिका की स्वतंत्र जाँच की माँग की।
रामा राव ने यह भी कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को भी इस मामले पर जवाब देना होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से सीधे पूछा, 'क्या आपके भाइयों के लिए अलग कानून और अलग नियम हैं?' यह मामला तेलंगाना की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है, क्योंकि बीआरएस विधानसभा चुनाव में हार के बाद से सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार को घेरने के हर अवसर का उपयोग कर रही है।