जयशंकर-लावरोव मुलाकात: भारत-रूस ने UNGA में रणनीतिक साझेदारी की प्रतिबद्धता दोहराई
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के बीच 26 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के इतर न्यूयॉर्क में द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसमें भारत और रूस ने अपनी 'विशेष और खास रणनीतिक साझेदारी' को और सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र, जी-20 तथा ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय मंचों पर आपसी तालमेल बनाए रखने पर भी सहमति जताई।
बैठक में क्या हुआ
बैठक के बाद रूसी विदेश मंत्रालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'दोनों पक्षों ने रूस-भारत की विशेष और खास रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और संयुक्त राष्ट्र, जी-20 तथा ब्रिक्स में करीबी तालमेल बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।' जयशंकर ने भी एक्स पर पोस्ट कर बताया कि दोनों नेताओं ने 'कई मौजूदा मुद्दों' पर विचार साझा किए और भारत-रूस द्विपक्षीय संबंधों तथा ब्रिक्स के तहत सहयोग की समीक्षा की।
गौरतलब है कि दोनों मंत्रियों में से किसी ने भी इस बैठक से संबंधित जारी बयानों में यूक्रेन युद्ध का सीधे तौर पर उल्लेख नहीं किया — जयशंकर ने केवल 'कई मौजूदा मुद्दों' की बात कही।
यूक्रेन संघर्ष की पृष्ठभूमि
यह बैठक ऐसे समय में हुई जब भारत यूक्रेन संघर्ष पर दोनों पक्षों से संपर्क बनाए हुए है। इससे महज कुछ दिन पहले, सोमवार को जयशंकर ने यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा से भी मुलाकात की थी। उस बैठक के बाद जयशंकर ने 'पिछले कुछ हफ्तों के घटनाक्रम' पर ध्यान देने की बात कही, जबकि सिबिहा ने अधिक स्पष्ट शब्दों में कहा कि चर्चा 'शांति की कोशिशों' पर केंद्रित रही।
यह ऐसे समय में आया है जब पिछले महीने किर्गिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी और उनसे 'मानवता के नाम पर' यूक्रेन युद्ध समाप्त करने का आग्रह किया था।
ब्रिक्स और बहुपक्षीय सहयोग
लावरोव इस महीने की शुरुआत में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति पुतिन के साथ भारत आए थे। भारत और रूस ब्रिक्स के संस्थापक सदस्य के रूप में वैश्विक वित्तीय संस्थाओं में सुधार, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और स्वच्छ ऊर्जा की ओर संक्रमण जैसे मुद्दों पर अपने रुख में तालमेल करते रहे हैं।
इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुतिन को दिसंबर में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। प्रधानमंत्री मोदी के भी इस सम्मेलन में भाग लेने की संभावना है, जो एक अन्य त्रिकोणीय कूटनीतिक अवसर बन सकता है।
UNGA में भारत की सक्रिय कूटनीति
लावरोव के साथ यह बैठक UNGA के दौरान जयशंकर की व्यापक कूटनीतिक श्रृंखला का हिस्सा है। इस दौरान वे अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को सुदृढ़ करने, जलवायु परिवर्तन और आतंकवाद जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने, और 'ग्लोबल साउथ' की आवाज़ के रूप में भारत की भूमिका को मजबूत करने के उद्देश्य से कई देशों के विदेश मंत्रियों से अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कर रहे हैं।
आने वाले हफ्तों में जी-20 शिखर सम्मेलन की तैयारियों और ब्रिक्स के भीतर सहयोग की दिशा पर दोनों देशों के बीच और बातचीत होने की संभावना है।