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UNGA से पहले जयशंकर की कूटनीति: फ्रांस और इक्वाडोर के विदेश मंत्रियों से अहम बैठकें

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UNGA से पहले जयशंकर की कूटनीति: फ्रांस और इक्वाडोर के विदेश मंत्रियों से अहम बैठकें

सारांश

UNGA सत्र से ठीक एक दिन पहले जयशंकर ने न्यूयॉर्क में ताबड़तोड़ कूटनीति की — फ्रांस के साथ विशेष रणनीतिक साझेदारी को धार दी, इक्वाडोर के साथ ग्लोबल साउथ जुड़ाव गहरा किया। UNSC सुधार और यूक्रेन संकट दोनों बैठकों में केंद्र में रहे।

मुख्य बातें

जयशंकर ने 21 सितंबर 2026 को UNGA से पहले फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां-नोएल बैरो और इक्वाडोर के विदेश मंत्री रोबर्टो क्यूरी से मुलाकात की।
भारत-फ्रांस बैठक में यूक्रेन संकट , खाड़ी क्षेत्र और UNSC सुधार पर विचार-विमर्श हुआ।
भारत-फ्रांस 'विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' फरवरी 2026 में राष्ट्रपति मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान घोषित की गई थी।
पिछले पाँच वर्षों में भारत ने 223 इक्वाडोरियन पेशेवरों को और IT उत्कृष्टता केंद्र के ज़रिये 813 लोगों को प्रशिक्षित किया।
इक्वाडोर बैठक में ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स, कौशल प्रशिक्षण और बहुपक्षीय सहयोग पर चर्चा हुई।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के उच्च स्तरीय सत्र की औपचारिक शुरुआत से ठीक एक दिन पहले, सोमवार, 21 सितंबर 2026 को, न्यूयॉर्क में ताबड़तोड़ कूटनीतिक बैठकों की शृंखला आरंभ की। उन्होंने फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां-नोएल बैरो और इक्वाडोर के विदेश मंत्री रोबर्टो क्यूरी से अलग-अलग मुलाकात की, जिनमें द्विपक्षीय से लेकर बहुपक्षीय सभी अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।

भारत-फ्रांस: विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा

जयशंकर ने फ्रांसीसी विदेश मंत्री बैरो के साथ हुई मुलाकात के बाद एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि 'नियमित बैठकें और टेलीकॉन्फ्रेंस भारत-फ्रांस विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी की गति बनाए रखने में सहायक होती हैं।' इस बैठक में यूक्रेन संकट और खाड़ी क्षेत्र की अस्थिरता सहित प्रमुख क्षेत्रीय एवं वैश्विक मसलों पर चर्चा हुई।

दोनों विदेश मंत्रियों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार समेत विभिन्न बहुपक्षीय मंचों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। गौरतलब है कि फरवरी 2026 में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मैक्रों ने दोनों देशों के संबंधों को 'विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक उन्नत करने की घोषणा की थी। उस संयुक्त बयान में कहा गया था कि यह साझेदारी आने वाले दशकों में भारत-फ्रांस द्विपक्षीय सहयोग की दिशा तय करेगी, जिसमें रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में संयुक्त विकास प्राथमिकता पर है।

भारत-इक्वाडोर: ग्लोबल साउथ के साथ जुड़ाव को नई ऊँचाई

इक्वाडोर के विदेश मंत्री रोबर्टो क्यूरी के साथ बैठक में ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स, लोगों की आवाजाही, कौशल प्रशिक्षण, विकास साझेदारी और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को और मजबूत करने के उपायों पर विचार हुआ। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत वैश्विक दक्षिण (ग्लोबल साउथ) के साथ अपने कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों को व्यापक रूप से विस्तार दे रहा है।

दक्षिण अमेरिका के प्रशांत तट पर स्थित तेल समृद्ध देश इक्वाडोर के साथ भारत के संबंध प्रौद्योगिकी और फार्मास्यूटिकल्स के क्षेत्र में तेज़ी से गहरे हो रहे हैं। पिछले पाँच वर्षों में भारत ने 223 इक्वाडोरियन पेशेवरों को प्रशिक्षण प्रदान किया है। इसके अलावा, इक्वाडोर के एक विश्वविद्यालय में भारत द्वारा स्थापित सूचना प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र के माध्यम से 813 लोगों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।

UNGA सत्र से पहले भारत की रणनीतिक तैयारी

जयशंकर की ये बैठकें UNGA के उच्च स्तरीय सत्र की पूर्व संध्या पर हुई हैं, जो भारत की बहुपक्षीय कूटनीति की सोची-समझी रणनीति को दर्शाती हैं। एक ओर यूरोप के प्रमुख भागीदार फ्रांस से संवाद और दूसरी ओर लैटिन अमेरिका में पाँव जमाने की कोशिश — भारत की विदेश नीति में भौगोलिक विविधता स्पष्ट दिखती है।

यह ऐसे समय में आया है जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सुधार की माँग फिर ज़ोर पकड़ रही है और भारत इस मंच पर स्थायी सदस्यता के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने में सक्रिय है।

आगे क्या

UNGA के उच्च स्तरीय सत्र के दौरान जयशंकर के और भी कई द्विपक्षीय बैठकें करने की उम्मीद है। भारत से इक्वाडोर को फार्मास्यूटिकल्स निर्यात के विस्तार और भारत-फ्रांस के बीच रक्षा एवं ऊर्जा सहयोग की प्रगति पर आने वाले हफ्तों में ठोस घोषणाएँ संभव हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

इक्वाडोर जैसे देशों के साथ सक्रिय जुड़ाव यह बताता है कि भारत का 'ग्लोबल साउथ नेतृत्व' केवल भाषणों तक सीमित नहीं, बल्कि धीरे-धीरे द्विपक्षीय ठोस सहयोग में तब्दील हो रहा है। हालाँकि, UNSC सुधार पर वास्तविक प्रगति के लिए चीन और रूस की सहमति अभी भी सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है — और यही वह सवाल है जिसका जवाब UNGA सत्र के बाद मिलेगा।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयशंकर ने UNGA से पहले किन देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 21 सितंबर 2026 को UNGA के उच्च स्तरीय सत्र से एक दिन पहले फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां-नोएल बैरो और इक्वाडोर के विदेश मंत्री रोबर्टो क्यूरी से अलग-अलग बैठकें कीं। दोनों बैठकों में द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।
भारत-फ्रांस विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी क्या है?
यह साझेदारी फरवरी 2026 में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मैक्रों के संयुक्त बयान में घोषित की गई थी। इसके तहत रक्षा सहयोग और ऊर्जा क्षेत्र में संयुक्त विकास को प्राथमिकता दी गई है।
जयशंकर और फ्रांसीसी विदेश मंत्री की बैठक में क्या मुद्दे उठे?
बैठक में यूक्रेन संकट, खाड़ी क्षेत्र की अस्थिरता और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सुधार सहित कई बहुपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई। जयशंकर ने एक्स पर लिखा कि नियमित बैठकें और टेलीकॉन्फ्रेंस दोनों देशों की साझेदारी की गति बनाए रखने में सहायक हैं।
भारत और इक्वाडोर के बीच सहयोग के कौन-से प्रमुख क्षेत्र हैं?
प्रौद्योगिकी, फार्मास्यूटिकल्स, ऊर्जा और कौशल प्रशिक्षण दोनों देशों के सहयोग के मुख्य क्षेत्र हैं। पिछले पाँच वर्षों में भारत ने 223 इक्वाडोरियन पेशेवरों को प्रशिक्षित किया है और भारत-स्थापित IT उत्कृष्टता केंद्र से 813 लोग लाभान्वित हुए हैं।
UNGA 2026 में भारत की क्या प्राथमिकताएँ हैं?
UNGA सत्र में भारत की प्रमुख प्राथमिकताओं में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सुधार, ग्लोबल साउथ के साथ सहयोग और यूक्रेन तथा खाड़ी संकट जैसे भू-राजनीतिक मुद्दों पर भारत की स्थिति को स्पष्ट करना शामिल है। जयशंकर की UNGA से पहले की बैठकें इसी रणनीतिक एजेंडे का हिस्सा हैं।
राष्ट्र प्रेस
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