जयशंकर ने UNGA में चार यूरोपीय विदेश मंत्रियों से की द्विपक्षीय वार्ता, भारत EU FTA और यूक्रेन पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 24 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के सत्र के दौरान नीदरलैंड, फिनलैंड, स्लोवेनिया और अंडोरा के विदेश मंत्रियों के साथ अलग अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों में भारत यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA), यूक्रेन संघर्ष, ऊर्जा, रक्षा सहयोग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे अहम मुद्दों पर विचार विमर्श हुआ। यह बैठकें ऐसे समय में हुईं जब भारत और यूरोपीय संघ दिसंबर में FTA को औपचारिक रूप देने की दिशा में काम कर रहे हैं।
नीदरलैंड के साथ वार्ता: यूक्रेन और रणनीतिक साझेदारी
जयशंकर ने नीदरलैंड के विदेश मंत्री टॉम बेरेंडसेन के साथ बैठक में यूक्रेन संघर्ष पर दोनों देशों के दृष्टिकोण साझा किए। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मई में द हेग की यात्रा के बाद हुई प्रगति की भी समीक्षा की गई। गौरतलब है कि उस यात्रा के दौरान भारत और नीदरलैंड ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ऊँचा उठाया था।
जयशंकर ने एक्स पर इस बैठक की जानकारी साझा करते हुए बताया कि दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत बनाने पर सहमति बनी।
फिनलैंड और स्लोवेनिया: EU FTA और व्यापार के नए अवसर
फिनलैंड की विदेश मंत्री एलिना वाल्टोनन के साथ बैठक में जयशंकर ने मौजूदा भू राजनीतिक और प्रौद्योगिकी से जुड़ी चुनौतियों पर विचार साझा किए। उन्होंने कहा, "हमारे द्विपक्षीय संबंध और यूरोपीय संघ के साथ हमारा सहयोग मजबूत बना हुआ है।"
स्लोवेनिया के विदेश मंत्री टोन काइजर ने बैठक के बाद एक्स पर कहा, "हम द्विपक्षीय रणनीतिक और राजनीतिक संबंधों के साथ साथ आर्थिक और निवेश सहयोग को मजबूत करना चाहते हैं।" काइजर ने यह भी बताया कि वे विशेष क्षेत्रों पर केंद्रित एक आर्थिक प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत की यात्रा पर काम कर रहे हैं।
जयशंकर ने बताया कि इन तीनों EU सदस्य देशों के साथ बैठकों में भारत EU FTA को लागू करने की दिशा में उभर रहे व्यापार और निवेश के नए अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई। इन बैठकों में ऊर्जा, मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल टेक्नोलॉजी, कनेक्टिविटी, रक्षा और बहुपक्षीय सहयोग भी एजेंडे में रहे।
अंडोरा के साथ बैठक: AI और जलवायु परिवर्तन
अंडोरा की विदेश मंत्री इम्मा टोर फॉस के साथ द्विपक्षीय वार्ता में जयशंकर ने व्यापार और निवेश, जलवायु परिवर्तन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर चर्चा की। उन्होंने बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग के विषय पर भी बातचीत की।
ग्लोबल साउथ और UNSC सुधार
यूरोपीय बैठकों के साथ साथ जयशंकर ने बुधवार को ग्लोबल साउथ के देशों के कई बहुपक्षीय समूहों के साथ भी वार्ता की। इनमें 15 सदस्यीय कैरीकॉम (CARICOM), 14 सदस्यीय फोरम फॉर इंडिया पैसिफिक आइलैंड्स कोऑपरेशन (FIPIC) और एल.69 समूह शामिल रहे।
एल.69 समूह में ग्लोबल साउथ के 30 से अधिक देश शामिल हैं, जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार के लिए सामूहिक रूप से प्रयासरत हैं। इस बैठक में अफ्रीकी देशों के सी 10 (C 10) समूह के नेता ने भी भागीदारी की।
कूटनीतिक महत्व और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब भारत और EU के बीच जनवरी में सहमति बने FTA को दिसंबर 2026 में औपचारिक रूप दिया जाना है। विशेषज्ञों के अनुसार, UNGA के मंच पर यूरोपीय विदेश मंत्रियों के साथ ये बैठकें उस प्रक्रिया को गति देने के लिए महत्वपूर्ण कूटनीतिक संकेत हैं। आने वाले महीनों में स्लोवेनिया के आर्थिक प्रतिनिधिमंडल की भारत यात्रा से दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों में नई ऊर्जा आने की उम्मीद है।