जयशंकर ने UNGA में एस्टोनिया, घाना, मालदीव, बारबाडोस और इराक के समकक्षों से की मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 25 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के हाई-लेवल सेगमेंट के दौरान एस्टोनिया, घाना, मालदीव, बारबाडोस और इराक के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन मुलाकातों में यूक्रेन संघर्ष, पश्चिम एशिया की स्थिति, ऊर्जा सहयोग और बहुपक्षीय मंचों पर समन्वय जैसे अहम विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
एस्टोनिया के साथ यूक्रेन और बहुपक्षीय सहयोग पर संवाद
जयशंकर ने एस्टोनिया के विदेश मंत्री मार्गस त्साहकना से मुलाकात कर यूक्रेन में जारी संघर्ष और उसके व्यापक प्रभावों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'यूएनजीए के 81वें सत्र के दौरान एस्टोनिया के विदेश मंत्री मार्गस त्साहकना से मिलकर खुशी हुई। हमने यूक्रेन में चल रहे संघर्ष और उसके असर पर बातचीत की। साथ ही बहुपक्षीय सहयोग को लेकर भी चर्चा हुई।' गौरतलब है कि भारत यूक्रेन संघर्ष में संवाद और कूटनीति का आह्वान करता रहा है।
घाना के साथ द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत
जयशंकर ने घाना के विदेश मंत्री सैमुअल ओकुडजेटो अबलाकवा के साथ भी बैठक की। उन्होंने लिखा, 'संयुक्त राष्ट्र में घाना के विदेश मंत्री सैमुअल ओकुडजेटो अबलाकवा से मिलकर खुशी हुई। हमने दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने पर चर्चा की। इसके अलावा मौजूदा क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी बातचीत हुई। उम्मीद है कि जल्द ही फिर मुलाकात होगी।' भारत और घाना के बीच अफ्रीकी महाद्वीप में सहयोग बढ़ाने के प्रयास जारी हैं।
मालदीव और बारबाडोस से संबंधों की समीक्षा
मालदीव की विदेश मंत्री इरुथिशम आदम के साथ बैठक में जयशंकर ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और बहुपक्षीय मंचों पर दोनों देशों के सहयोग पर चर्चा की। उन्होंने पोस्ट में लिखा, 'यूएनजीए के दौरान मालदीव के विदेश मंत्री से मिलकर खुशी हुई। हमने दोनों देशों के आपसी रिश्तों की समीक्षा की और बहुपक्षीय मंचों पर हमारे सहयोग को लेकर भी चर्चा की।' यह बैठक ऐसे समय में हुई जब भारत-मालदीव संबंधों में हाल के वर्षों में उतार-चढ़ाव देखे गए हैं। बारबाडोस के विदेश मंत्री क्रिस्टोफर पीटर सिंकलर के साथ भी संक्षिप्त मुलाकात हुई।
इराक के साथ ऊर्जा और पश्चिम एशिया पर विशेष फोकस
जयशंकर ने इराक के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री फुअद हुसैन से संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में मुलाकात की। उन्होंने लिखा, 'संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में इराक के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री फुअद हुसैन से मिलकर बेहद खुशी हुई। हमने पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रमों पर अपने विचार साझा किए। साथ ही, हमारे आर्थिक और ऊर्जा संबंधों पर भी चर्चा की।' इराक भारत के प्रमुख कच्चे तेल आपूर्तिकर्ताओं में से एक है, इसलिए यह बैठक ऊर्जा सुरक्षा की दृष्टि से विशेष महत्व रखती है।
UNGA के हाशिये पर भारत की सक्रिय कूटनीति
यह ऐसे समय में आया है जब भारत ग्लोबल साउथ में अपनी भूमिका को और सुदृढ़ करने की कोशिश कर रहा है। एक ही दिन में पाँच देशों के समकक्षों से मुलाकात कर जयशंकर ने यह संकेत दिया है कि भारत की विदेश नीति बहुआयामी है और विभिन्न क्षेत्रों — यूरोप, अफ्रीका, दक्षिण एशिया, कैरेबियन और पश्चिम एशिया — में एक साथ संवाद बनाए रखने पर जोर दे रही है। आने वाले दिनों में इन बैठकों के परिणाम और संभावित द्विपक्षीय समझौते सामने आ सकते हैं।