जयशंकर ने UNGA में EU और इंडो-पैसिफिक विदेश मंत्रियों से की बैठक, अंतरराष्ट्रीय कानून पर सहयोग पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 22 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में यूरोपीय संघ (EU) और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के कई देशों के विदेश मंत्रियों के साथ एक अहम अनौपचारिक बैठक की। इस बैठक में अंतरराष्ट्रीय कानून के बुनियादी सिद्धांतों की रक्षा के लिए यूरोप और इंडो-पैसिफिक देशों के बीच समन्वय बढ़ाने पर केंद्रित चर्चा हुई। सभी मंत्री संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के हाई-लेवल सप्ताह में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क में एकत्रित हुए हैं।
बैठक में कौन-कौन शामिल हुए
इस अनौपचारिक बैठक में EU देशों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून भी मौजूद रहे। पोलैंड के उप प्रधानमंत्री रादोस्लाव सिकोर्स्की ने भी बैठक में भाग लिया और बाद में एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इसकी जानकारी साझा की।
सिकोर्स्की ने अपनी पोस्ट में लिखा कि बातचीत के प्रमुख मुद्दों में 'अंतरराष्ट्रीय कानून के बुनियादी सिद्धांतों की रक्षा के लिए यूरोप और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के बीच सहयोग' शामिल था।
चर्चा के प्रमुख मुद्दे
जयशंकर ने एक्स पर लिखा कि बैठक में भारत-EU सहयोग, बहुपक्षीय मुद्दों और मौजूदा वैश्विक घटनाक्रमों पर विस्तार से चर्चा हुई। इनमें खाड़ी क्षेत्र, यूक्रेन और इंडो-पैसिफिक से जुड़े हालात भी शामिल थे। उन्होंने कहा, 'अपने यूरोपीय संघ के सहयोगियों से मिलकर खुशी हुई।'
सिकोर्स्की के अनुसार, मंत्रियों ने अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आपसी तालमेल बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श किया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सहित प्रौद्योगिकी के लिए एक साझा वैश्विक ढाँचा तैयार करने का मुद्दा भी एजेंडे में रहा — जो इन वार्ताओं में एक उभरते प्राथमिकता क्षेत्र के रूप में सामने आ रहा है।
जयशंकर-कैसिस द्विपक्षीय वार्ता
UNGA हाई-लेवल वीक के इतर जयशंकर ने स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्री इग्नाजियो कैसिस से भी द्विपक्षीय बैठक की। इस मुलाकात में भारत-EFTA व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (TEPA) के लागू होने के बाद दोनों देशों के बीच गहरे होते आर्थिक संबंधों की समीक्षा की गई।
जयशंकर ने एक्स पर जानकारी देते हुए कहा, 'भारत-EFTA व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते के लागू होने के बाद हमारे मजबूत होते आर्थिक संबंधों की समीक्षा की। साथ ही वैश्विक मुद्दों और बहुपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।' दोनों नेताओं ने वैश्विक मुद्दों पर मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
व्यापक संदर्भ और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव — विशेष रूप से यूक्रेन संघर्ष और इंडो-पैसिफिक में समुद्री विवाद — के बीच बहुपक्षीय संस्थाओं की प्रासंगिकता पर बहस तेज हो गई है। गौरतलब है कि भारत लगातार 'बहुपक्षवाद में सुधार' की वकालत करता आया है और यह बैठक उसी नीतिगत रुख को आगे बढ़ाती है। EU और इंडो-पैसिफिक देशों के साथ इस तरह का समन्वय भारत की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता का प्रमाण है, जो इसे एक महत्वपूर्ण 'संपर्क सेतु' राष्ट्र के रूप में स्थापित करता है। UNGA सत्र के दौरान जयशंकर की बैठकों का सिलसिला आगे भी जारी रहने की उम्मीद है।