यूएनजीए हाई-लेवल सेशन: जयशंकर न्यूयॉर्क पहुंचे, शनिवार को महासभा को करेंगे संबोधित
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर 21 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क पहुंच गए हैं, जहाँ वे संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के हाई-लेवल सेशन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। वरिष्ठ भारतीय राजनयिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उनका स्वागत किया। उनका कार्यक्रम अत्यंत व्यस्त रहने वाला है — इसमें द्विपक्षीय, बहुपक्षीय और अनौपचारिक बैठकों की लंबी श्रृंखला शामिल है।
महासभा में संबोधन का कार्यक्रम
जयशंकर शनिवार को दोपहर के सत्र में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे। यह सत्र स्थानीय समय (न्यूयॉर्क) के अनुसार दोपहर 3 बजे शुरू होगा, जो भारतीय समय के अनुसार रविवार रात 12:30 बजे होगा। अपने संबोधन में वे विश्व के समक्ष मौजूद विभिन्न चुनौतियों पर भारत का दृष्टिकोण प्रस्तुत करेंगे और संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों के नेताओं के सामने भारत की प्राथमिकताओं एवं चिंताओं को रखेंगे।
मुख्य बैठकों का एजेंडा
मंगलवार से शुरू होने वाले हाई-लेवल सेशन से पहले और उसके दौरान जयशंकर विभिन्न देशों के नेताओं, विदेश मंत्रियों तथा संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इनमें कुछ बैठकें द्विपक्षीय होंगी, कुछ बहुपक्षीय मंचों पर, और कई अनौपचारिक मुलाकातें भी अपेक्षित हैं। गौरतलब है कि पिछले साल के हाई-लेवल सेशन में जयशंकर ने 47 द्विपक्षीय और 10 बहुपक्षीय बैठकें की थीं, साथ ही दर्जनों अनौपचारिक मुलाकातें भी हुई थीं।
ग्लोबल साउथ और 'शान्तु' घोषणापत्र
कुछ बैठकों में ग्लोबल साउथ के देशों के लिए भारत के सहायता कार्यक्रमों पर भी चर्चा होने की संभावना है, जिन्हें भारत सीधे और संयुक्त राष्ट्र एवं अन्य बहुपक्षीय संस्थाओं के माध्यम से संचालित करता है। जयशंकर भारत के 6-पॉइंट घोषणापत्र 'शान्तु' का उल्लेख भी कर सकते हैं — जिसका पूरा नाम 'सिक्योरिंग होलिस्टिक एडवांसमेंट थ्रू नॉर्म्स, ट्रस्ट एंड इन्टीग्रिटी' है। यह घोषणापत्र नियमों, भरोसे और ईमानदारी के ज़रिए सर्वांगीण विकास की अवधारणा पर आधारित है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सदस्यता की दावेदारी
न्यूयॉर्क में इस व्यस्त कार्यक्रम के दौरान जयशंकर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की अस्थायी सदस्यता के लिए समर्थन जुटाने का अवसर भी मिलेगा। इस पद के लिए चुनाव अगले वर्ष निर्धारित है और चुने गए देश का दो वर्षीय कार्यकाल 2028 से शुरू होगा। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक कूटनीति में अपनी भूमिका को और सुदृढ़ करने की कोशिश कर रहा है।
अन्य कार्यक्रम और पृष्ठभूमि
जयशंकर के न्यूयॉर्क प्रवास में 26 सितंबर को एशिया सोसाइटी में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम भी शामिल है। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष यूएनजीए के मौजूदा सत्र की अध्यक्षता बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान कर रहे हैं। भारत की सक्रिय बहुपक्षीय कूटनीति की परंपरा को देखते हुए, इस सप्ताह की बैठकें वैश्विक मंच पर नई दिल्ली के रुख को स्पष्ट करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।