जयशंकर 26 सितंबर को UNGA में रखेंगे भारत का पक्ष, बहुपक्षीय-द्विपक्षीय बैठकें भी तय
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर 26 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के 'हाई लेवल सेशन' में भारत का आधिकारिक पक्ष रखेंगे। विदेश मंत्रालय (MEA) ने रविवार, 20 सितंबर को जारी एक आधिकारिक बयान में इसकी पुष्टि की और स्पष्ट किया कि जयशंकर इस दौरे में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।
दौरे का कार्यक्रम और संबोधन की तारीख
UNGA का हाई-लेवल वीक 22 से 29 सितंबर तक चलेगा, जिसमें आम बहस 22 से 26 सितंबर और फिर 28 सितंबर को होगी। विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, जयशंकर का संबोधन संशोधित वक्ताओं की सूची में 26 सितंबर के लिए निर्धारित है। इस दौरान वे कई बहुपक्षीय और द्विपक्षीय बैठकों में भी हिस्सा लेंगे।
वैश्विक मंच पर भारत के प्रमुख मुद्दे
यह संबोधन ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया कई गंभीर भू-राजनीतिक संघर्षों, आर्थिक दबावों तथा ऊर्जा एवं खाद्य कीमतों से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है। इस बार UNGA में समुद्र के बढ़ते जलस्तर से उत्पन्न खतरे, जलवायु परिवर्तन पर उठाए गए कदम, महामारी की रोकथाम, वैश्विक शांति एवं सुरक्षा और परमाणु हथियारों के पूर्ण उन्मूलन जैसे विषयों पर विशेष चर्चा अपेक्षित है।
सत्र की विशेष पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि यह संयुक्त राष्ट्र के मौजूदा महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के दूसरे कार्यकाल का अंतिम हाई-लेवल UNGA होगा, क्योंकि उनका कार्यकाल दिसंबर 2026 में समाप्त हो रहा है। इस 81वें सत्र की अध्यक्षता बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान करेंगे।
सदस्य देशों की भागीदारी
UN के 193 सदस्य देशों के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और वरिष्ठ प्रतिनिधि UNGA के प्रतिष्ठित हरे संगमरमर के पोडियम से महासभा को संबोधित करेंगे। यह वार्षिक उच्च-स्तरीय सप्ताह वैश्विक कूटनीति का सबसे बड़ा मंच माना जाता है, जहाँ देश अपने राष्ट्रीय हितों, प्राथमिकताओं और वैश्विक एजेंडे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हैं।
आगे क्या
जयशंकर के संबोधन में भारत की विदेश नीति के प्रमुख स्तंभों — बहुपक्षवाद को मज़बूत करना, ग्लोबल साउथ की आवाज़ उठाना और यूएन सुधारों की माँग — पर ज़ोर दिए जाने की संभावना है। द्विपक्षीय बैठकों की आधिकारिक सूची बाद में जारी की जाएगी।