जयशंकर की UN उप महासचिव अमीना मोहम्मद से नई दिल्ली में बैठक, SDG और जलवायु पर मंथन
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 27 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव अमीना जे. मोहम्मद से मुलाकात की और सतत विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन तथा खाद्य सुरक्षा सहित कई अहम वैश्विक मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। यह बैठक अमीना मोहम्मद की तीन दिवसीय आधिकारिक भारत यात्रा के दौरान हुई, जो बुधवार को शुरू हुई थी।
बैठक में क्या हुआ
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'आज नई दिल्ली में संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव अमीना जे. मोहम्मद से मुलाकात कर खुशी हुई। सतत विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन और खाद्य सुरक्षा सहित विभिन्न विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।' इससे पहले उसी दिन विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने भी अमीना मोहम्मद से अलग बैठक की।
सिबी जॉर्ज के साथ हुई चर्चा में भारत-संयुक्त राष्ट्र सहयोग, सतत विकास लक्ष्यों (SDG) की प्राप्ति, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के परिवर्तनकारी प्रभाव, शांति स्थापना अभियान, आपदा जोखिम न्यूनीकरण और संयुक्त राष्ट्र सुधार जैसे विषय शामिल रहे।
यात्रा का उद्देश्य और एजेंडा
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने यात्रा से पूर्व बताया था कि अमीना मोहम्मद भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर भारत-संयुक्त राष्ट्र सहयोग और SDG को आगे बढ़ाने में भारत की भूमिका पर संवाद करेंगी। यात्रा के दौरान वह भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) के छात्रों से भी मिलेंगी और सतत विकास लक्ष्यों के समर्थन में डिजिटल नवाचार के अवसरों व चुनौतियों पर चर्चा करेंगी।
व्यापक कूटनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि इसी महीने जयशंकर ने अध्ययन दौरे पर भारत आए 17 देशों के संयुक्त राष्ट्र स्थायी प्रतिनिधियों से भी बातचीत की थी। उन्होंने कहा था कि बदलती वैश्विक व्यवस्था में वैश्विक दक्षिण की आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करने वाला सुधारित बहुपक्षवाद समय की जरूरत है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत बहुपक्षीय मंचों पर अपनी उपस्थिति और प्रभाव लगातार बढ़ा रहा है।
UNSC सदस्यता अभियान से जुड़ाव
जुलाई में जयशंकर ने न्यूयॉर्क में 2028-29 कार्यकाल के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की अस्थायी सदस्यता हेतु भारत के अभियान की औपचारिक शुरुआत की थी। उन्होंने अधिक प्रतिनिधित्वपूर्ण, प्रभावी और भविष्य के अनुरूप वैश्विक व्यवस्था के लिए भारत का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया था। अमीना मोहम्मद की यह यात्रा उसी व्यापक कूटनीतिक प्रयास की कड़ी के रूप में देखी जा रही है।
आगे की राह
अमीना मोहम्मद की इस यात्रा से भारत और संयुक्त राष्ट्र के बीच SDG, जलवायु वित्त और AI शासन जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। भारत की G20 अध्यक्षता के बाद वैश्विक दक्षिण का नेतृत्व करने की उसकी महत्वाकांक्षा इन बैठकों के केंद्र में बनी हुई है।