20 सितंबर 2026
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ओम प्रकाश राजभर का अखिलेश और राहुल पर हमला — 'युवा राष्ट्रवाद के साथ, डूसू नतीजे ने भ्रम तोड़ा'

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ओम प्रकाश राजभर का अखिलेश और राहुल पर हमला — 'युवा राष्ट्रवाद के साथ, डूसू नतीजे ने भ्रम तोड़ा'

सारांश

उत्तर प्रदेश मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने देवरिया में सपा और कांग्रेस पर दोतरफा हमला बोला — अखिलेश पर दलित-पिछड़ा विरोधी नीतियों का आरोप और डूसू नतीजों को राहुल गांधी के 'युवा भ्रम' का खंडन बताया। UP चुनाव की आहट के बीच यह बयान भाजपा गठबंधन की आक्रामक रणनीति का हिस्सा दिखता है।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 20 सितंबर 2026 को देवरिया में मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर निशाना साधा।
राजभर ने सपा के नीले रंग को 2 जून की गेस्ट हाउस घटना और प्रमोशन में आरक्षण खत्म करने से जोड़ा।
डूसू चुनाव में ABVP पैनल की जीत को उन्होंने युवाओं के राष्ट्रवादी रुझान का प्रमाण बताया।
अंबेडकर और कांशीराम के नाम वाले जिलों का नाम बदलने तथा दलित-पिछड़ा कल्याण योजनाएँ बंद करने का आरोप।
विधानसभा चुनाव में सीट-बँटवारे पर राजभर ने कहा — चुनाव आयोग की घोषणा से पहले इस पर चर्चा बेमानी है।

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 20 सितंबर 2026 को देवरिया में मीडिया से बातचीत के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। राजभर ने दावा किया कि दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव के नतीजे यह साबित करते हैं कि देश का युवा राष्ट्रवाद और देशभक्ति की राह पर चल रहा है।

अखिलेश यादव पर सीधा प्रहार

राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा, 'सभी को पता है कि सीएम योगी और अखिलेश यादव कहाँ पर खड़े हैं। अखिलेश यादव जो बोल रहे हैं, वह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। वे खुद अपने गले में फाँस लगा लिए हैं।' उन्होंने आगे कहा कि अखिलेश ने गले में नीला रंग पहना है और गाड़ी केसरिया रंग की की है — जिसे उन्होंने राजनीतिक विरोधाभास बताया।

राजभर ने सपा के नीले रंग को 2 जून की गेस्ट हाउस घटना से जोड़ा और आरोप लगाया कि उस दिन सपा समर्थकों ने बसपा नेता मायावती को घेरा था। उन्होंने दावा किया, 'तब भाजपा नेता वहाँ नहीं पहुँचे होते तो वे मायावती को मार देते।'

दलित-पिछड़ा आरक्षण और बसपा विरासत का मुद्दा

मंत्री राजभर ने सपा पर यह भी आरोप लगाया कि उसने अपने शासनकाल में प्रमोशन में आरक्षण समाप्त किया और डॉ. भीमराव अंबेडकरकांशीराम के नाम पर रखे गए जिलों के नामों को बदला। उन्होंने कहा कि पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के उत्थान के लिए बनी तमाम योजनाएँ अखिलेश यादव के कार्यकाल में बंद कर दी गईं। राजभर ने अयोध्या में राम भक्तों पर कथित गोलीबारी का भी उल्लेख किया, जिसका आरोप उन्होंने सपा शासन पर लगाया।

डूसू नतीजे और जेन-जी का रुझान

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के पैनल की जीत का हवाला देते हुए राजभर ने कहा, 'जेन-जी राष्ट्रहित और देशभक्ति के लिए काम कर रहा है। राहुल गांधी और अखिलेश का भ्रम टूट गया।' यह टिप्पणी उन्होंने ऐसे समय में की जब विपक्षी दल छात्र राजनीति में युवा समर्थन का दावा करते रहे हैं।

सीट-बँटवारे पर राजभर का रुख

आगामी विधानसभा चुनाव में गठबंधन के भीतर सीट-बँटवारे के सवाल पर राजभर ने स्पष्ट किया कि यह चर्चा समयपूर्व है। उन्होंने कहा, 'जब चुनाव का बिगुल बजता है और चुनाव आयोग चुनावों की घोषणा करता है, तभी यहाँ सीटों का बँटवारा होता है। उससे पहले, कोई कितना भी शोर मचा ले, उसका कोई मतलब नहीं है।' गौरतलब है कि सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के प्रमुख राजभर वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा हैं।

राजनीतिक संदर्भ

यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की रणनीतिक तैयारियाँ तेज हो रही हैं और सभी दल अपनी-अपनी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं। डूसू परिणामों को लेकर भाजपा खेमे में उत्साह देखा जा रहा है, जिसे राजभर जैसे सहयोगी दल के नेताओं ने भी अपने आख्यान से जोड़ा है। आने वाले हफ्तों में विपक्ष की प्रतिक्रिया और गठबंधन की आंतरिक समीकरण इस राजनीतिक घटनाक्रम की दिशा तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें ABVP की डूसू जीत को यूपी के युवा मतदाता से सीधे जोड़ा जा रहा है। दिलचस्प यह है कि राजभर जो दलित-पिछड़ा-अल्पसंख्यक हितों की रक्षा का दावा करते हैं, वही एक ऐसे गठबंधन में हैं जिसकी नीतियों पर भी कल्याणकारी मोर्चे पर सवाल उठते रहे हैं। असली परीक्षा यह होगी कि क्या ये बयान OBC और दलित मतदाताओं तक पहुँचते हैं, या यह केवल मीडिया-चक्र की आक्रामकता बनकर रह जाते हैं।
RashtraPress
20 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाए?
राजभर ने अखिलेश यादव पर प्रमोशन में आरक्षण खत्म करने, डॉ. अंबेडकर और कांशीराम के नाम वाले जिलों का नाम बदलने और दलित-पिछड़ा कल्याण योजनाएँ बंद करने का आरोप लगाया। उन्होंने सपा के नीले रंग को 2 जून की गेस्ट हाउस घटना से भी जोड़ा।
राजभर ने डूसू चुनाव का ज़िक्र क्यों किया?
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव में ABVP पैनल की जीत को राजभर ने युवाओं के राष्ट्रवादी और देशभक्ति-केंद्रित रुझान का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि इससे राहुल गांधी और अखिलेश यादव का 'युवा समर्थन' वाला भ्रम टूट गया है।
UP विधानसभा चुनाव में सीट-बँटवारे पर राजभर का क्या कहना है?
राजभर ने स्पष्ट किया कि सीट-बँटवारे की चर्चा तभी होती है जब चुनाव आयोग चुनाव की घोषणा करता है। उनके अनुसार उससे पहले इस विषय पर जो भी शोर मचाया जाए, उसका कोई व्यावहारिक अर्थ नहीं है।
ओम प्रकाश राजभर कौन हैं और किस पार्टी से हैं?
ओम प्रकाश राजभर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के प्रमुख और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री हैं। वे वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन के सहयोगी हैं।
राजभर ने सपा के नीले रंग को लेकर क्या कहा?
राजभर ने कहा कि सपा का नीला रंग 2 जून की गेस्ट हाउस घटना का प्रतीक है, जब उनके अनुसार सपा समर्थकों ने बसपा नेता मायावती को घेरा था। उन्होंने इसे दलित-विरोधी मानसिकता का प्रतीक भी बताया।
राष्ट्र प्रेस
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