राजभर का अखिलेश पर पलटवार: 'शिवपाल डीजीपी को पर्ची देते थे, ठेका-पट्टा पर अखिलेश'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने शुक्रवार, 15 मई को बलिया में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा पलटवार किया। राजभर ने कहा कि सपा शासनकाल में खुद अखिलेश यादव ठेका-पट्टे की पर्चियाँ देते थे और उनके चाचा शिवपाल यादव पुलिस भर्ती में डीजीपी को पर्चियाँ थमाते थे। यह बयान अखिलेश द्वारा योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर की गई 'पर्ची राजनीति' वाली टिप्पणी के जवाब में आया।
अखिलेश के बयान की पृष्ठभूमि
इससे पहले अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा था कि यूपी में मंत्रियों के विभागों के लिए 'पर्चियाँ ऊपर से आएंगी' और मंत्रालयों के बंटवारे में देरी की असली वजह 'कमीशन-कमाई' का बँटवारा है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा का 'डबल इंजन' बाकी मंत्रियों को किनारे कर देता है और नए मंत्री 'गैलरी में बैठे दर्शक' बनकर रह गए हैं।
राजभर का पलटवार
मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा, 'अखिलेश पाँच साल मुख्यमंत्री थे, तो उनके यहाँ पर्ची कहाँ से आती थी। जिस तरह पुलिस की भर्ती में शिवपाल यादव डीजीपी को पर्ची देते थे, और ठेका-पट्टा पर अखिलेश पर्ची देते थे, वही उनके दिमाग में चल रहा है।' उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार में यदि देरी है, तो इससे अखिलेश को क्या आपत्ति होनी चाहिए।
पेट्रोल-डीजल मूल्यवृद्धि पर राजभर का रुख
ईंधन के बढ़ते दामों पर राजभर ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध की स्थिति के कारण भारत में ईरान से आने वाले तेल और सीएनजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा, 'युद्ध की वजह से आवाजाही बंद हो गई है, जिसके कारण दाम बढ़े हैं।' उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक शांति प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मोदी हमेशा अमन-चैन का संदेश लेकर दुनियाभर में जाते हैं।
पश्चिम बंगाल चुनाव विवाद पर प्रतिक्रिया
तृणमूल कांग्रेस (TMC) द्वारा पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा पर हेरा-फेरी और केंद्रीय बलों के दुरुपयोग के आरोपों पर राजभर ने कहा कि यह आरोप निराधार हैं। उन्होंने कहा, 'चुनाव हारने के बाद यही आरोप लगते हैं। जब ममता बनर्जी जीती थीं, तब कोई आरोप नहीं लगा।' राजभर ने TMC को सुझाव दिया कि यदि उन्हें आपत्ति है तो वे उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएँ।
राजनीतिक संदर्भ
यह आरोप-प्रत्यारोप ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है। विपक्ष लगातार सरकार पर विभागों के बँटवारे में अपारदर्शिता का आरोप लगा रहा है, जबकि सत्तापक्ष इसे राजनीतिक प्रेरित बताकर खारिज कर रहा है। गौरतलब है कि ओम प्रकाश राजभर, जो पहले सपा के साथ रह चुके हैं, अब भाजपा गठबंधन में शामिल हैं और अखिलेश के खिलाफ उनके बयान राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाते हैं।