महिलाओं को अधिकार देने की बात पर ओम प्रकाश राजभर का बयान
सारांश
Key Takeaways
- महिलाओं को समान अधिकार देने की आवश्यकता है।
- राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ानी चाहिए।
- सपा और कांग्रेस की नीतियों की आलोचना की गई।
- अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया दी गई।
- 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए तैयारी चल रही है।
आजमगढ़, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने महिला आरक्षण विधेयक के संबंध में कहा कि डॉ. अंबेडकर ने संविधान में समानता का अधिकार दिया है। महिलाओं की संख्या आधी है, और पीएम मोदी ने बताया है कि देश में महिलाओं को भी अधिकार प्राप्त हैं।
सीतापुर के कांग्रेस सांसद राकेश राठौर द्वारा दिए गए विवादित बयान पर ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि इस देश में सबसे विद्वान कौम ब्राह्मण है। एक बार अखिलेश यादव ने कहा था कि यादव भी विद्वान हो सकता है। उन्होंने कहा कि जब आजमगढ़ में सपा ऑफिस का उद्घाटन हुआ था, तब उसे छह पंडितों ने किया था। अगर अखिलेश यादव किसी यादव को बुलाते, तो बेहतर होता।
उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश यादव ने आजमगढ़ में सपा ऑफिस के उद्घाटन में पंडितों को बुलाकर यह सिद्ध कर दिया कि विद्वता यादव में नहीं, बल्कि ब्राह्मणों में है।
यूपी में पोस्टर वार पर ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी को लोग इसी कारण गुंडों और माफिया की पार्टी मानते हैं। सदन में इतना समय बीत गया, लेकिन कभी रोहिणी आयोग की रिपोर्ट लागू करने की बात सपा और कांग्रेस के नेताओं ने नहीं की। ये लोग प्रदेश में सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट लागू करने की बात नहीं करते। समाजवादी पार्टी की ओर से केवल झगड़े और नफरत की बातें होती हैं।
राजभर ने 7 अप्रैल को भी कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजनीति में महिलाओं को 35%25 आरक्षण देने की पहल की है। उम्मीद है कि 2029 तक यह पहल साकार होगी, जिससे महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, क्योंकि ऐतिहासिक रूप से पुरुषों ने ही अधिकतर जीत हासिल की है।
उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए भी तैयारी की बात कही। शौकत अली के बयान पर उन्होंने कहा था कि अफगानिस्तान का सैयद सालार मसूद गाजी भारत को लूटने आया था, और उसे महाराजा सुहेल देव ने 17 दिन की लड़ाई में मार गिराया था।