महानदी जल विवाद जल्द सुलझेगा: छत्तीसगढ़ CM विष्णु देव साय ने ओडिशा CM माझी से की मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 20 सितंबर 2026 को भुवनेश्वर में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से उनके आवास पर मुलाकात की और विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ व ओडिशा के बीच महानदी जल विवाद शीघ्र ही सुलझा लिया जाएगा। दो दिवसीय ओडिशा दौरे पर आए साय ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि दोनों राज्यों और केंद्र में एक ही दल की सरकार होने के कारण यह मसला आपसी सहमति से हल होगा।
मुलाकात में किन मुद्दों पर हुई चर्चा
भुवनेश्वर में दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच कई महत्वपूर्ण अंतरराज्यीय विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने कहा, 'महानदी के पानी को लेकर कोई विवाद नहीं है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों राज्यों के साथ-साथ केंद्र में भी भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार है, इसलिए यह मामला बहुत जल्द सुलझ जाएगा। कई लंबे समय से लंबित अंतरराज्यीय नदी जल विवाद भी आपसी सहमति से सुलझाए जा रहे हैं, इसलिए छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच महानदी जल विवाद भी जल्द सुलझ जाएगा।'
केंद्रीय जल आयोग को मिली दोनों राज्यों की सहमति
साय ने बताया कि हाल ही में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नई दिल्ली में एक संयुक्त बैठक की थी। उस बैठक में दोनों पक्षों ने केंद्रीय जल आयोग को आपसी बातचीत के ज़रिए महानदी जल विवाद सुलझाने की अपनी सहमति दी। यह एक सकारात्मक संकेत है, क्योंकि इससे पहले यह विवाद न्यायिक मंच तक पहुँचा था।
महानदी विवाद की पृष्ठभूमि
महानदी के पानी के बँटवारे को लेकर ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच यह विवाद वर्ष 2016 से चला आ रहा है। ओडिशा का आरोप है कि छत्तीसगढ़ ने अपनी ओर से कम से कम आठ बैराज बनाए हैं, जिससे नदी के निचले हिस्से में पानी का बहाव कम हो गया है। इसका प्रत्यक्ष असर खेती, मछली पालन और बिजली उत्पादन पर पड़ा है। ओडिशा महानदी को इन तीनों क्षेत्रों के लिए अपनी 'जीवनरेखा' मानता है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब कई अन्य अंतरराज्यीय नदी जल विवाद भी समाधान की ओर बढ़ रहे हैं।
ओडिशा CM की प्रतिक्रिया और आगे का कार्यक्रम
मुलाकात के बाद ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का अपने आवास पर स्वागत कर खुशी हुई। ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच सहयोग को मजबूत करने और दोनों राज्यों के लोगों के विकास एवं कल्याण के लिए हमारी साझा प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने पर सार्थक बातचीत हुई।' तय कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री माझी से मुलाकात के बाद साय भुवनेश्वर के लिंगराज मंदिर और फिर पुरी के जगन्नाथ मंदिर में दर्शन के लिए जाएंगे।
दोनों राज्यों के बीच यह संवाद आगे किस दिशा में जाता है, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि केंद्रीय जल आयोग की अगली बैठक में किस ठोस रूपरेखा पर सहमति बनती है।