डीएमडीके की प्रेमलता विजयकांत ने तमिलनाडु में अपराध, किसान संकट और डेंगू पर TVK सरकार को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
डीएमडीके की महासचिव और वृद्धाचलम विधानसभा क्षेत्र से विधायक प्रेमलता विजयकांत ने 20 सितंबर 2026 को तमिलनाडु में बढ़ते हिंसक अपराधों, किसानों के कर्ज संकट, डेंगू महामारी, अघोषित बिजली कटौती और बारिश से भीगे धान की खरीद जैसे ज्वलंत मुद्दों पर TVK सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की माँग की। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार की विश्वसनीयता इन समस्याओं के समयबद्ध समाधान पर निर्भर करेगी।
कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल
प्रेमलता ने राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर तीखी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने शिवगंगा में हुए दोहरे हत्याकांड और मदुरै तथा कृष्णागिरि में हुई हत्याओं का विशेष रूप से उल्लेख किया। उनका कहना था कि ऐसी घटनाओं की तेज़ जाँच और दोषियों को कड़ी सज़ा मिलना अनिवार्य है, ताकि आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा बहाल हो सके।
डीएमडीके नेता ने पुलिस से इन अपराधों के आरोपियों की शीघ्र पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने और कानूनी प्रक्रिया के तहत कड़ी सज़ा दिलाने की अपील की। साथ ही उन्होंने सरकार से ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निवारक उपाय करने को भी कहा।
डेंगू और सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट
प्रेमलता ने डेंगू और मच्छरजनित अन्य बीमारियों की रोकथाम के लिए स्थानीय निकायों को मच्छर-नियंत्रण अभियान तेज़ करने का निर्देश देने की माँग की। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त बेड, दवाइयाँ और जाँच सुविधाएँ तत्काल उपलब्ध कराई जाएँ।
विशेष रूप से उन्होंने अन्ना यूनिवर्सिटी परिसर में छात्रों के बीच डेंगू संक्रमण की खबरों पर चिंता जताई और कैंपस में आपातकालीन बचाव उपाय लागू करने की माँग की।
किसानों का कर्ज संकट और धान खरीद
समयपुरम में किसानों के प्रदर्शन का हवाला देते हुए प्रेमलता ने राज्य के सभी पात्र किसानों के कृषि ऋण पूरी तरह माफ करने की माँग की। उन्होंने बताया कि तिरुचि जिले में 50,779 किसानों के ₹247.15 करोड़ के फसल ऋण माफ किए जाने की खबरें हैं और इसी राहत मॉडल को पूरे तमिलनाडु में लागू किया जाना चाहिए।
उन्होंने तिरुनेलवेली और वृद्धाचलम में बारिश से भीगे धान की खरीद में तेज़ी लाने की भी माँग की, ताकि किसानों को अनावश्यक आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।
बिजली, मछुआरे और कावेरी जल विवाद
प्रेमलता ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में बिना पूर्व सूचना के हो रही बिजली कटौती पर तत्काल ध्यान देने की माँग की। उन्होंने पट्टिनपक्कम के मछुआरों की समस्याओं के समाधान और विनायक चतुर्थी के जुलूसों के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील भी की।
कावेरी नदी के जल बँटवारे पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को तमिलनाडु का उचित हिस्सा दिलाने के लिए कर्नाटक पर कूटनीतिक और कानूनी दबाव बढ़ाना चाहिए।
आगे की राह
प्रेमलता विजयकांत ने TVK सरकार से माँग की कि वह उपर्युक्त सभी मुद्दों को प्राथमिकता में रखते हुए तय समय-सीमा के साथ ठोस कदमों की घोषणा करे। उनका स्पष्ट संदेश था कि सरकार की जनता के बीच साख इस बात पर टिकी है कि वह लोगों की सुरक्षा, किसानों की मदद और आवश्यक सेवाओं की अबाध आपूर्ति में कितनी सक्षम साबित होती है।