तमिलनाडु बिजली कटौती: डीएमके नेता सेंथिल बालाजी ने TVK सरकार पर साधा निशाना, तत्काल कार्रवाई की माँग
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के पूर्व बिजली मंत्री और डीएमके नेता सेंथिल बालाजी ने रविवार, 14 जून 2026 को राज्यभर में जारी गंभीर बिजली कटौती को लेकर टीवीके (TVK) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया। बालाजी ने सरकार पर प्रशासनिक विफलता का आरोप लगाते हुए माँग की कि वह ध्यान भटकाने वाले बयानों की जगह संकट के तत्काल समाधान पर ध्यान केंद्रित करे।
मुख्य आरोप: 6 से 12 घंटे की कटौती
बालाजी ने दावा किया कि राज्य के कई हिस्सों में लोगों को प्रतिदिन 6 से 12 घंटे तक बिजली कटौती झेलनी पड़ रही है। स्थिति इतनी विकट हो गई है कि बच्चे, बुज़ुर्ग और मरीज आधी रात को सड़कों पर उतरने और जाम लगाने के लिए मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बदलाव का वादा करने वाली सरकार ने सत्ता संभालने के महज एक महीने के भीतर जनता को निराशा के सिवा कुछ नहीं दिया।
मुख्यमंत्री और बिजली मंत्री पर सीधा हमला
बालाजी ने इस संकट पर चुप्पी साधने के लिए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की आलोचना की। उन्होंने बिजली मंत्री वी. सेंथिलकुमार पर आरोप लगाया कि वे साजिश की बातें उठाकर असली मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्री के उस बयान पर सवाल उठाते हुए, जिसमें फ्यूज कैरियर की चोरी और हार्डडिस्क के गायब होने को बिजली कटौती का कारण बताया गया था, बालाजी ने कहा — 'दिन में हुई चोरी को रात की बिजली कटौती के लिए कैसे जिम्मेदार ठहराया जा सकता है? क्या पूरा बिजली वितरण नेटवर्क एक ही फ्यूज कैरियर पर निर्भर है?'
उन्होंने यह भी कहा कि मंत्री 'मनगढ़ंत कहानियाँ बनाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।' बिजली क्षेत्र के कर्मचारियों पर तोड़फोड़ के संकेत देने वाले सुझावों को भी बालाजी ने सिरे से खारिज किया और कहा कि कर्मचारियों ने हमेशा पूरी निष्ठा से जनता की सेवा की है।
पिछली डीएमके सरकार के रिकॉर्ड का हवाला
बालाजी ने आँकड़ों के साथ तुलना पेश की। उनके अनुसार तमिलनाडु में बिजली की अधिकतम माँग 2021 में 16,481 मेगावाट से बढ़कर अप्रैल 2026 में 20,974 मेगावाट हो गई थी — फिर भी पिछली डीएमके सरकार के कार्यकाल में बिना किसी बड़ी रुकावट के बिजली आपूर्ति जारी रही। उन्होंने यह भी दावा किया कि बिजली विश्वसनीयता के मामले में तमिलनाडु को भारत के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों में गिना जाता था और पिछली सरकार के दौरान लगभग 2 लाख किसानों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए गए थे।
सरकार से युद्धस्तरीय कदम उठाने की माँग
बालाजी ने सरकार से आग्रह किया कि वह सोशल मीडिया कंटेंट बनाने में समय गँवाने के बजाय बिजली संकट के समाधान पर ध्यान केंद्रित करे। डीएमके अध्यक्ष एम. के. स्टालिन के एक कथन का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सरकारें कुछ समय के लिए लोगों को गुमराह कर सकती हैं, लेकिन हमेशा के लिए नहीं। उन्होंने प्रशासन से बिजली कटौती समाप्त करने और जनता का भरोसा बहाल करने के लिए युद्ध स्तर पर कदम उठाने की माँग की।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब तमिलनाडु में गर्मी का मौसम चरम पर है और बिजली की माँग ऐतिहासिक ऊँचाइयों को छू रही है — जिससे नई TVK सरकार पर शुरुआती दिनों में ही जनता के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है।