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तमिलनाडु में बिजली बिल दो-तीन गुना बढ़े, TANGEDCO ने बिलिंग गड़बड़ी स्वीकारी और समीक्षा के आदेश दिए

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तमिलनाडु में बिजली बिल दो-तीन गुना बढ़े, TANGEDCO ने बिलिंग गड़बड़ी स्वीकारी और समीक्षा के आदेश दिए

सारांश

तमिलनाडु में घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिल दो से तीन गुना बढ़ने की शिकायतों ने राजनीतिक बहस छेड़ दी है। TANGEDCO ने मीटर रीडिंग और बिलिंग प्रक्रिया में गड़बड़ी स्वीकार करते हुए समीक्षा के आदेश दिए हैं — और यह विवाद TVK सरकार की 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना के बीच उठा है।

मुख्य बातें

तमिलनाडु में कई घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिल पिछली बिलिंग अवधि की तुलना में दो से तीन गुना अधिक आए।
TANGEDCO के पाडी जोन के मुख्य अभियंता ने मीटर रीडिंग और बिलिंग प्रक्रिया में कमियाँ स्वीकार कीं और राज्यव्यापी समीक्षा के आदेश दिए।
जोसेफ विजय की टीवीके सरकार ने सत्ता संभालने के बाद 500 यूनिट तक खपत वाले उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की योजना शुरू की थी।
सरकार ने द्विमासिक बिलिंग व्यवस्था जारी रखी, जबकि चुनाव में मासिक बिलिंग का वादा किया गया था।
विपक्ष ने आरोप लगाया कि मुफ्त बिजली योजना की आड़ में बिजली दरों में चुपचाप बढ़ोतरी की गई।
बिजली विभाग प्रभावित मामलों की समीक्षा कर सुधारात्मक कार्रवाई करेगा।

तमिलनाडु में घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को पिछले कुछ हफ्तों में दो से तीन गुना अधिक बिजली बिल मिलने की शिकायतें तेज़ी से बढ़ी हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली खपत में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं होने के बावजूद उनके बिल पिछली बिलिंग अवधि की तुलना में कई गुना अधिक आए हैं। इस मामले के गंभीर होने पर तमिलनाडु उत्पादन और वितरण निगम (TANGEDCO) के पाडी जोन के मुख्य अभियंता ने एक आधिकारिक सर्कुलर जारी कर बिलिंग प्रणाली में गड़बड़ी की बात स्वीकार की और राज्यव्यापी समीक्षा के निर्देश दिए।

मुख्य घटनाक्रम

राज्य के विभिन्न हिस्सों से आई शिकायतों में उपभोक्ताओं ने बताया कि उनकी बिजली खपत में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया, फिर भी बिल असामान्य रूप से अधिक थे। TANGEDCO के सर्कुलर में स्पष्ट किया गया कि मीटर रीडिंग और बिल तैयार करने की प्रक्रिया में कमियों के कारण कुछ मामलों में गलत और अत्यधिक बिल दर्ज हुए। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके (TVK) सरकार सत्ता संभाले कुछ ही महीने हुए हैं।

200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना और बिलिंग विवाद

नई सरकार की शुरुआती प्रमुख कल्याणकारी घोषणाओं में से एक यह थी कि जिन घरेलू उपभोक्ताओं की एक बिलिंग चक्र में खपत 500 यूनिट तक है, उन्हें पहली 200 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाएगी। मुख्यमंत्री विजय ने पद संभालने के तुरंत बाद इस योजना से जुड़े आदेश पर हस्ताक्षर किए थे।

हालाँकि, सरकार ने द्विमासिक बिलिंग व्यवस्था — यानी दो महीने में एक बार बिल भेजने की प्रणाली — को जारी रखा। गौरतलब है कि चुनाव प्रचार के दौरान मासिक बिलिंग लागू करने का वादा किया गया था, जो अभी तक पूरा नहीं हुआ।

उपभोक्ता संगठनों और विपक्ष की आपत्तियाँ

कई उपभोक्ता संगठनों ने तर्क दिया है कि द्विमासिक बिलिंग के कारण लोगों के लिए अपनी बिजली खपत पर नज़र रखना और मुफ्त बिजली योजना के लाभ को समझना कठिन हो रहा है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि मुफ्त बिजली योजना की घोषणा के बाद सरकार ने चुपचाप बिजली दरों में बढ़ोतरी कर दी — हालाँकि सरकार ने इस आरोप का खंडन किया है।

TANGEDCO की प्रतिक्रिया और सुधारात्मक कदम

TANGEDCO के पाडी जोन के मुख्य अभियंता द्वारा जारी सर्कुलर में माना गया कि कुछ क्षेत्रों में गलत बिलिंग प्रक्रिया के कारण उपभोक्ताओं को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा। सर्कुलर में पर्यवेक्षण इंजीनियरों को बिलिंग प्रक्रिया की नियमित जाँच करने और गड़बड़ियों का शीघ्र पता लगाने के निर्देश दिए गए हैं। डिविजनल कार्यालयों को भी खराब मीटर रीडिंग से जुड़ी समस्याओं को तत्काल पहचानकर सुधारने को कहा गया है।

आगे क्या होगा

बिजली विभाग अब प्रभावित मामलों की व्यापक समीक्षा करेगा और जहाँ भी बिलिंग में त्रुटि पाई जाएगी, वहाँ सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह देखना बाकी है कि क्या सरकार मासिक बिलिंग के अपने चुनावी वादे को भी जल्द पूरा करती है, जो उपभोक्ताओं की निगरानी को आसान बनाएगा और भविष्य में ऐसे विवादों की आशंका को कम करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन द्विमासिक बिलिंग व्यवस्था को बनाए रखना और मासिक बिलिंग के वादे को टालना उपभोक्ताओं में भ्रम और अविश्वास पैदा कर रहा है। TANGEDCO का सर्कुलर स्वीकृति तो है, पर जवाबदेही का ढाँचा अभी भी अस्पष्ट है — यह नहीं बताया गया कि कितने उपभोक्ता प्रभावित हुए, कितनी राशि गलत वसूली गई और मुआवज़ा कब तक मिलेगा।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु में बिजली बिल अचानक इतने ज़्यादा क्यों आए?
TANGEDCO के पाडी जोन के मुख्य अभियंता द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, मीटर रीडिंग और बिल तैयार करने की प्रक्रिया में कमियों के कारण कुछ मामलों में गलत और अत्यधिक बिल दर्ज हुए। विपक्ष ने बिजली दरों में चुपचाप बढ़ोतरी का भी आरोप लगाया है, जिसे सरकार ने खारिज किया है।
TANGEDCO ने इस समस्या पर क्या कदम उठाए हैं?
TANGEDCO ने एक आधिकारिक सर्कुलर जारी कर बिलिंग गड़बड़ी स्वीकार की है और पर्यवेक्षण इंजीनियरों को नियमित जाँच के निर्देश दिए हैं। डिविजनल कार्यालयों को खराब मीटर रीडिंग से जुड़ी समस्याओं को तत्काल सुधारने को कहा गया है और प्रभावित मामलों की समीक्षा की जाएगी।
तमिलनाडु की 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना क्या है?
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की TVK सरकार ने सत्ता संभालने के तुरंत बाद यह योजना शुरू की, जिसके तहत जिन घरेलू उपभोक्ताओं की एक बिलिंग चक्र में खपत 500 यूनिट तक है, उन्हें पहली 200 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाती है।
द्विमासिक बिलिंग से उपभोक्ताओं को क्या समस्या हो रही है?
उपभोक्ता संगठनों का कहना है कि दो महीने में एक बार बिल आने से लोगों के लिए बिजली खपत पर नज़र रखना और मुफ्त बिजली योजना के वास्तविक लाभ को समझना कठिन हो रहा है। सरकार ने चुनाव में मासिक बिलिंग का वादा किया था, जो अभी तक लागू नहीं हुआ।
क्या तमिलनाडु सरकार ने बिजली दरें बढ़ाई हैं?
विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि मुफ्त बिजली योजना की घोषणा के बाद बिजली दरों में चुपचाप बढ़ोतरी की गई। हालाँकि सरकार ने इस आरोप को खारिज किया है और TANGEDCO ने बिलिंग प्रक्रिया में तकनीकी गड़बड़ी को ज़िम्मेदार ठहराया है।
राष्ट्र प्रेस
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