तमिलनाडु में बिजली बिल दो-तीन गुना बढ़े, TANGEDCO ने बिलिंग गड़बड़ी स्वीकारी और समीक्षा के आदेश दिए
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु में घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को पिछले कुछ हफ्तों में दो से तीन गुना अधिक बिजली बिल मिलने की शिकायतें तेज़ी से बढ़ी हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली खपत में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं होने के बावजूद उनके बिल पिछली बिलिंग अवधि की तुलना में कई गुना अधिक आए हैं। इस मामले के गंभीर होने पर तमिलनाडु उत्पादन और वितरण निगम (TANGEDCO) के पाडी जोन के मुख्य अभियंता ने एक आधिकारिक सर्कुलर जारी कर बिलिंग प्रणाली में गड़बड़ी की बात स्वीकार की और राज्यव्यापी समीक्षा के निर्देश दिए।
मुख्य घटनाक्रम
राज्य के विभिन्न हिस्सों से आई शिकायतों में उपभोक्ताओं ने बताया कि उनकी बिजली खपत में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया, फिर भी बिल असामान्य रूप से अधिक थे। TANGEDCO के सर्कुलर में स्पष्ट किया गया कि मीटर रीडिंग और बिल तैयार करने की प्रक्रिया में कमियों के कारण कुछ मामलों में गलत और अत्यधिक बिल दर्ज हुए। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके (TVK) सरकार सत्ता संभाले कुछ ही महीने हुए हैं।
200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना और बिलिंग विवाद
नई सरकार की शुरुआती प्रमुख कल्याणकारी घोषणाओं में से एक यह थी कि जिन घरेलू उपभोक्ताओं की एक बिलिंग चक्र में खपत 500 यूनिट तक है, उन्हें पहली 200 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाएगी। मुख्यमंत्री विजय ने पद संभालने के तुरंत बाद इस योजना से जुड़े आदेश पर हस्ताक्षर किए थे।
हालाँकि, सरकार ने द्विमासिक बिलिंग व्यवस्था — यानी दो महीने में एक बार बिल भेजने की प्रणाली — को जारी रखा। गौरतलब है कि चुनाव प्रचार के दौरान मासिक बिलिंग लागू करने का वादा किया गया था, जो अभी तक पूरा नहीं हुआ।
उपभोक्ता संगठनों और विपक्ष की आपत्तियाँ
कई उपभोक्ता संगठनों ने तर्क दिया है कि द्विमासिक बिलिंग के कारण लोगों के लिए अपनी बिजली खपत पर नज़र रखना और मुफ्त बिजली योजना के लाभ को समझना कठिन हो रहा है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि मुफ्त बिजली योजना की घोषणा के बाद सरकार ने चुपचाप बिजली दरों में बढ़ोतरी कर दी — हालाँकि सरकार ने इस आरोप का खंडन किया है।
TANGEDCO की प्रतिक्रिया और सुधारात्मक कदम
TANGEDCO के पाडी जोन के मुख्य अभियंता द्वारा जारी सर्कुलर में माना गया कि कुछ क्षेत्रों में गलत बिलिंग प्रक्रिया के कारण उपभोक्ताओं को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा। सर्कुलर में पर्यवेक्षण इंजीनियरों को बिलिंग प्रक्रिया की नियमित जाँच करने और गड़बड़ियों का शीघ्र पता लगाने के निर्देश दिए गए हैं। डिविजनल कार्यालयों को भी खराब मीटर रीडिंग से जुड़ी समस्याओं को तत्काल पहचानकर सुधारने को कहा गया है।
आगे क्या होगा
बिजली विभाग अब प्रभावित मामलों की व्यापक समीक्षा करेगा और जहाँ भी बिलिंग में त्रुटि पाई जाएगी, वहाँ सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह देखना बाकी है कि क्या सरकार मासिक बिलिंग के अपने चुनावी वादे को भी जल्द पूरा करती है, जो उपभोक्ताओं की निगरानी को आसान बनाएगा और भविष्य में ऐसे विवादों की आशंका को कम करेगा।