तमिलनाडु में 60,120 किसान बिजली कनेक्शन के इंतजार में, अंबुमणि ने TNPDCL पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
पट्टाली मक्कल काची (PMK) के अध्यक्ष अंबुमणि रामदास ने रविवार, 9 अगस्त को तमिलनाडु सरकार और तमिलनाडु पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (TNPDCL) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 'तत्काल कृषि बिजली कनेक्शन योजना' के तहत ₹1,500 करोड़ से अधिक जमा करने वाले 60,120 किसान महीनों बाद भी कनेक्शन का इंतजार कर रहे हैं। अंबुमणि ने इसे किसान समुदाय के साथ 'गंभीर अन्याय' करार दिया और राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
कितने किसान प्रभावित, कितनी राशि फंसी
अंबुमणि के अनुसार, दिसंबर 2023 में घोषित तत्काल योजना के तहत 47,554 किसानों ने अपने कृषि पंप सेटों की हॉर्सपावर के आधार पर ₹2.50 लाख से ₹4 लाख तक का डिपॉजिट जमा किया था। इन आवेदकों से कुल ₹1,250 करोड़ से अधिक राशि एकत्र की गई।
इसके अतिरिक्त, 2023 में योजना के तहत आवेदन करने वाले 12,566 अन्य किसानों ने भी ₹250 करोड़ से अधिक जमा किए थे। इस प्रकार दोनों समूहों की संयुक्त जमा राशि ₹1,500 करोड़ के करीब पहुँच जाती है — और ये सभी किसान अभी तक बिजली कनेक्शन से वंचित हैं।
नियम क्या कहते हैं, हकीकत क्या है
PMK नेता ने बताया कि TNPDCL के अपने नियमों के अनुसार, तत्काल योजना के तहत आवेदन जमा होने के 15 से 90 दिनों के भीतर कृषि बिजली कनेक्शन दिया जाना अनिवार्य है। हालाँकि, उनके आरोप के अनुसार, हाल के दौर के किसी भी आवेदक को भुगतान के आठ महीने बाद भी कनेक्शन नहीं मिला है — जो निर्धारित समय-सीमा का स्पष्ट उल्लंघन है।
गौरतलब है कि तमिलनाडु में लगभग 45 प्रतिशत कृषि भूमि भूजल पर निर्भर है, जबकि शेष 55 प्रतिशत नदियों और नहरों पर आश्रित है, जिनकी उपलब्धता अक्सर पड़ोसी राज्यों द्वारा छोड़े जाने वाले पानी पर निर्भर करती है। ऐसे में कृषि पंप सेटों को निर्बाध बिजली न मिलना किसानों के लिए दोहरी मार साबित होती है।
किसानों पर आर्थिक बोझ
अंबुमणि ने बताया कि कई किसानों ने डिपॉजिट जमा करने के लिए ऊँची ब्याज दरों पर कर्ज लिया था, यह उम्मीद रखते हुए कि तय समय-सीमा के भीतर कनेक्शन मिल जाएगा। देरी के कारण वे बढ़ते ब्याज और कर्ज के बोझ तले दब गए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस देरी की वजह से कई किसान 'कुरुवई' फसल सीजन के दौरान ठीक से खेती नहीं कर पाए, जिससे उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ा। यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में कृषि संकट पहले से ही चर्चा का विषय बना हुआ है।
PMK की माँग
अंबुमणि ने राज्य सरकार से माँग की कि वह तुरंत दखल दे और TNPDCL को निर्देश जारी करे कि सभी 60,120 लंबित आवेदकों को प्राथमिकता के आधार पर मुफ्त कृषि बिजली कनेक्शन दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि तमिलनाडु में चार लाख से अधिक किसान अभी भी मुफ्त कृषि बिजली कनेक्शन की प्रतीक्षा में हैं, जो इस समस्या की व्यापकता को दर्शाता है।
राज्य सरकार और TNPDCL की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। किसानों को राहत मिलेगी या नहीं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।