तमिलनाडु बिजली विभाग ₹2.5 लाख करोड़ के कर्ज में डूबा, मंत्री सीटीआर निर्मल कुमार ने बड़े सुधार का ऐलान किया

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तमिलनाडु बिजली विभाग ₹2.5 लाख करोड़ के कर्ज में डूबा, मंत्री सीटीआर निर्मल कुमार ने बड़े सुधार का ऐलान किया

सारांश

तमिलनाडु का बिजली विभाग ₹2.5 लाख करोड़ के कर्ज और 15 साल के सबसे कम कर्मचारियों के बोझ तले दबा है। मंत्री सीटीआर निर्मल कुमार ने व्यापक ऑडिट, CBI जाँच और मुख्यमंत्री विजय के निर्देश पर बड़े सुधार का ऐलान किया है।

मुख्य बातें

तमिलनाडु बिजली विभाग ₹2.5 लाख करोड़ के कर्ज में डूबा है।
बिजली एवं कानून मंत्री सीटीआर निर्मल कुमार ने 19 मई 2026 को व्यापक सुधार की घोषणा की।
विभाग में कर्मचारियों की संख्या 15 साल पहले के मुकाबले भी कम हो गई है।
पिछली DMK सरकार पर अनियमितताओं के आरोप; कई मामले CBI को सौंपे गए।
मुख्यमंत्री विजय के निर्देश पर पहले चरण का निरीक्षण जारी; हर स्तर पर ऑडिट कराया जाएगा।

तमिलनाडु के बिजली एवं कानून मंत्री सीटीआर निर्मल कुमार ने 19 मई 2026 को खुलासा किया कि राज्य का बिजली विभाग ₹2.5 लाख करोड़ के भारी कर्ज और गंभीर कर्मचारी संकट से जूझ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री विजय के निर्देश पर विभाग को पुनर्जीवित करने के लिए व्यापक सुधार प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।

मौजूदा स्थिति और पहले चरण का निरीक्षण

मंत्री निर्मल कुमार के अनुसार, विभाग में फिलहाल पहले चरण का निरीक्षण जारी है, जिसके माध्यम से मौजूदा वित्तीय और प्रशासनिक स्थिति का व्यापक आकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि करोड़ों नागरिक प्रतिदिन बिजली सेवाओं पर निर्भर हैं, इसलिए विभाग का पुनर्गठन अत्यंत आवश्यक हो गया है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता को लेकर आम जनता में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

कर्मचारियों की कमी: 15 साल में सबसे निचला स्तर

मंत्री ने विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी को एक गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कर्मचारियों की संख्या 15 साल पहले के मुकाबले भी कम हो गई है। उनके अनुसार, पर्याप्त मानव संसाधन के बिना किसी भी विभाग को कुशलतापूर्वक संचालित करना संभव नहीं है, और यह कमी सेवाओं की गुणवत्ता पर सीधा असर डाल रही है।

पिछली सरकार पर आरोप और सीबीआई जाँच

निर्मल कुमार ने पिछली द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) सरकार पर गंभीर अनियमितताओं और कुप्रबंधन के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार की नीतियों और कथित भ्रष्टाचार के कारण विभाग लगातार कमजोर होता गया। उनके अनुसार, कई मामलों को पहले ही केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) को सौंपा जा चुका है। गौरतलब है कि विपक्ष ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज किया है।

सुधार की रूपरेखा: ऑडिट और पारदर्शिता

मंत्री ने बताया कि विभाग के हर स्तर पर ऑडिट कराया जाएगा और जनहित में आवश्यक सभी निर्णय लिए जाएंगे। सरकार बिजली बोर्ड को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार, दलाली और अनियमितताओं को समाप्त करना सरकार की प्राथमिकता है, और चुनाव-पूर्व किए गए वादों के अनुरूप प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने का काम जारी रहेगा।

आगे क्या होगा

पहले चरण के निरीक्षण के बाद सरकार विस्तृत सुधार योजना सार्वजनिक करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ₹2.5 लाख करोड़ के कर्ज को कम करने के लिए न केवल प्रशासनिक, बल्कि वित्तीय पुनर्गठन भी अनिवार्य होगा। राज्य के बिजली क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने और सेवा वितरण सुधारने के लिए आने वाले महीने निर्णायक साबित होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि नई सरकार कर्ज पुनर्गठन का ठोस रोडमैप कब और कैसे पेश करती है। कर्मचारियों की कमी का मुद्दा भर्ती नीति की दीर्घकालिक विफलता को उजागर करता है, जिसे केवल ऑडिट से नहीं सुलझाया जा सकता। बिना वित्तीय अनुशासन और स्वतंत्र नियामकीय निगरानी के, यह सुधार अभियान भी पिछले वादों की तरह सुर्खियों तक सीमित रह सकता है।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु बिजली विभाग पर कितना कर्ज है?
तमिलनाडु का बिजली विभाग कथित तौर पर ₹2.5 लाख करोड़ के कर्ज में डूबा हुआ है। मंत्री सीटीआर निर्मल कुमार ने 19 मई 2026 को यह जानकारी सार्वजनिक की।
तमिलनाडु बिजली विभाग में सुधार की क्या योजना है?
मुख्यमंत्री विजय के निर्देश पर पहले चरण का निरीक्षण शुरू हो चुका है, जिसमें मौजूदा वित्तीय और प्रशासनिक स्थिति का आकलन किया जा रहा है। इसके बाद हर स्तर पर ऑडिट कराया जाएगा और विभाग को आधुनिक व पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
तमिलनाडु बिजली विभाग में कर्मचारियों की स्थिति क्या है?
मंत्री निर्मल कुमार के अनुसार, विभाग में कर्मचारियों की संख्या 15 साल पहले के मुकाबले भी कम हो गई है। पर्याप्त स्टाफ के अभाव में विभाग को प्रभावी ढंग से चलाना संभव नहीं है।
पिछली DMK सरकार पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
मंत्री सीटीआर निर्मल कुमार ने पिछली DMK सरकार पर गंभीर अनियमितताओं और कुप्रबंधन के आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, कई मामलों को पहले ही CBI को सौंपा जा चुका है, हालांकि DMK ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है।
तमिलनाडु बिजली सुधार से आम जनता पर क्या असर होगा?
करोड़ों नागरिक प्रतिदिन बिजली सेवाओं पर निर्भर हैं, इसलिए सफल सुधार से बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और विश्वसनीयता में सुधार की उम्मीद है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि ₹2.5 लाख करोड़ के कर्ज से उबरने में समय और ठोस वित्तीय रणनीति दोनों की जरूरत होगी।
राष्ट्र प्रेस
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