सीएम फडणवीस का दावा: तमिलनाडु में एनडीए के लिए बदलाव की लहर
सारांश
Key Takeaways
- एनडीए के पक्ष में बदलाव की लहर
- फडणवीस का विश्वास सरकार बनाने में
- डीएमके पर भ्रष्टाचार के आरोप
- तमिलनाडु की आर्थिक स्थिति चिंताजनक
- भाषाई विविधता और एकता का महत्व
मदुरै (तमिलनाडु), 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा कि एनडीए के पक्ष में तमिलनाडु में बदलाव की एक मजबूत लहर देखने को मिल रही है और उन्हें विश्वास है कि यह गठबंधन राज्य में अगली सरकार का गठन करेगा।
मदुरै में भाजपा उम्मीदवार रामा श्रीनिवासन का नामांकन दाखिल करने के बाद मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए फडणवीस ने उन्हें सार्वजनिक सेवा में व्यापक अनुभव रखने वाला एक युवा और होनहार नेता बताया।
उन्होंने कहा कि हमने अपने उम्मीदवार रामा श्रीनिवासन का नामांकन दाखिल किया है। मैं स्पष्ट रूप से देख सकता हूं कि तमिलनाडु में बदलाव की लहर बह रही है। इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हमारे एनडीए सहयोगियों के नेतृत्व में हम तमिलनाडु में सरकार बनाएंगे। हमारा उम्मीदवार इस निर्वाचन क्षेत्र से निश्चित रूप से विजयी होगा।
सत्ताधारी डीएमके और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के 'डब्बा इंजन' वाले बयान पर फडणवीस ने कहा कि राज्य की जनता अपने मत के माध्यम से एक ठोस जवाब देगी।
फडणवीस ने आरोप लगाया कि लोगों ने डीएमके का कुशासन देखा है। लगभग 75 प्रतिशत मंत्रिमंडल सदस्यों पर आपराधिक आरोप हैं। भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी हैं। महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक और बच्चे असुरक्षित हैं। पिछले चार वर्षों में बाल यौन शोषण के मामले दोगुने हो गए हैं, और लोग डीएमके और ऐसे तत्वों के बीच सांठगांठ देख रहे हैं। इसलिए, जनता एनडीए को सत्ता में लाकर जवाब देगी।
मुख्यमंत्री ने राज्य की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि तमिलनाडु कर्ज के जाल में फंसता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु हमारे देश के सबसे होनहार राज्यों में से एक रहा है, लेकिन डीएमके सरकार के शासन में यह भारी कर्ज के बोझ तले दब गया है। कुल कर्ज 10 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया है और जीडीपी अनुपात 30-33 प्रतिशत से भी ऊपर चला गया है, जो चिंताजनक है।
तीन-भाषा नीति पर, फडणवीस ने भाषाई विविधता का सम्मान करते हुए एकता की आवश्यकता पर जोर दिया।
डीएमके के इस नीति के विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि हम एक लोग हैं, एक राष्ट्र हैं। हमें अपनी भाषा पर गर्व होना चाहिए और साथ ही साथ देश की अन्य भाषाओं का भी सम्मान करना चाहिए।