तमिलनाडु: डीएमके का सीएम विजय पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप, राज्यपाल को शिकायत
सारांश
मुख्य बातें
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) ने 13 जुलाई 2026 को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय पर विधायकों की खरीद-फरोख्त (हॉर्स-ट्रेडिंग) का गंभीर आरोप लगाया है। DMK के संगठन सचिव आर.एस. भारती ने चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय अन्ना अरिवलयम में पत्रकारों से बातचीत में यह आरोप लगाए। पार्टी ने स्पष्ट किया कि यदि राज्यपाल की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे कानूनी रास्ता अपनाएंगे।
मुख्य आरोप और घटनाक्रम
आर.एस. भारती ने कहा कि मुख्यमंत्री विजय लगातार हॉर्स-ट्रेडिंग में लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) के पूर्व मंत्री एम.आर. विजयभास्कर ने तमिलगा वेट्री कषगम (TVK) का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है, जिसे DMK अपने आरोपों की पुष्टि मानती है। DMK के अनुसार, करूर में हुई भगदड़ की घटना को लेकर पार्टी पहले ही सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर चुकी है।
करूर दौरे पर विवाद
भारती ने आरोप लगाया कि 10 जुलाई को करूर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने जमीन के मुद्दे पर भ्रामक दावे किए। उनके अनुसार, संबंधित सरकारी आदेश 9 जुलाई को ही जारी हो चुका था, जबकि मुख्यमंत्री का दौरा 10 जुलाई को हुआ। भारती ने कहा कि इस फैसले को दौरे के बाद का परिणाम बताकर पेश करना 'महज राजनीतिक ड्रामा' है।
विवादास्पद टिप्पणी और पलटवार
DMK ने मुख्यमंत्री विजय की उस टिप्पणी पर भी आपत्ति जताई जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा कि 'कोलाथुर को कोथु परोटा बना दिया गया है।' AIADMK के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने इस टिप्पणी का जवाब पहले ही दे दिया है। भारती ने यह भी कहा कि 10 जुलाई के करूर भाषण में मुख्यमंत्री ने हॉर्स-ट्रेडिंग के आरोपों और वाइको की टिप्पणियों पर राज्यपाल को दी गई DMK की शिकायत का खुद उल्लेख किया।
राज्यपाल को शिकायत और कानूनी विकल्प
भारती ने स्पष्ट किया कि DMK राज्यपाल को अपनी शिकायतों पर कार्रवाई के लिए उचित समय देगी। यदि राज्यपाल की ओर से संतोषजनक कदम नहीं उठाए गए, तो पार्टी न्यायिक मार्ग अपनाने से नहीं हिचकेगी। गठबंधन से जुड़े मुद्दों पर उन्होंने आगे टिप्पणी करने से परहेज किया।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि DMK ने पिछले चुनाव के दौरान AIADMK को 'मरा हुआ सांप' बताया था। अब भारती ने TVK और विजय को 'काला कोबरा' की संज्ञा दी है — जो तमिलनाडु की बदलती राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को दर्शाता है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ तेज हो रही हैं और TVK एक उभरती शक्ति के रूप में सामने आ रही है।