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तमिलनाडु निकाय चुनाव: टीवीके-डीएमके में जुबानी जंग, भारती बोले — 'एक भी मेयर जीते तो मूंछ मुंडवाऊंगा'

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तमिलनाडु निकाय चुनाव: टीवीके-डीएमके में जुबानी जंग, भारती बोले — 'एक भी मेयर जीते तो मूंछ मुंडवाऊंगा'

सारांश

तमिलनाडु में निकाय चुनाव से पहले TVK और DMK के बीच जुबानी जंग चरम पर है। TVK मंत्री आधव अर्जुन ने DMK को एक भी मेयर न जीतने की चुनौती दी, तो DMK के भारती ने पलटवार करते हुए कहा — TVK एक भी मेयर जीते तो मूंछ मुंडवाऊंगा। 1984-86 के इतिहास का हवाला देकर DMK ने TVK को आईना दिखाया।

मुख्य बातें

TVK मंत्री आधव अर्जुन ने दावा किया कि DMK राज्य के किसी भी नगर निगम में एक भी मेयर पद नहीं जीत पाएगी।
ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन की मेयर प्रिया पर TVK विधायक पल्लवी का सार्वजनिक अपमान करने का आरोप लगाया गया, जिससे यह विवाद शुरू हुआ।
DMK संगठन सचिव आर.एस.
भारती ने कहा कि यदि TVK एक भी मेयर पद जीते तो वे अपनी मूंछ का एक हिस्सा मुंडवाएंगे ।
भारती ने 1984 के विधानसभा और 1986 के निकाय चुनावों का हवाला देते हुए कहा कि दोनों के नतीजे अलग-अलग होते हैं।
तमिलनाडु में स्थानीय निकाय चुनावों की तारीखों का ऐलान अभी बाकी है, लेकिन राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज हो गई हैं।

तमिलनाडु में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) और विपक्षी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। 7 जून को दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं ने एक-दूसरे पर सीधे हमले बोले और चुनावी नतीजों को लेकर खुली चुनौती दी। यह टकराव ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य में स्थानीय निकाय चुनावों की तारीखों का ऐलान अभी बाकी है।

विवाद की जड़: मेयर पर अपमान का आरोप

विवाद की शुरुआत उस घटना से हुई जिसमें आरोप लगाया गया कि ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन की मेयर प्रिया ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान TVK विधायक पल्लवी का अपमान किया। यह मामला जल्द ही दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का अखाड़ा बन गया। गौरतलब है कि चुनावी मौसम में इस तरह के टकराव राजनीतिक ध्रुवीकरण को और गहरा कर सकते हैं।

TVK मंत्री की डीएमके को खुली चुनौती

राज्य के लोक निर्माण विभाग मंत्री आधव अर्जुन ने DMK नेतृत्व पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित जनप्रतिनिधि का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि TVK अब तक संयम बरतती रही है, लेकिन अपने विधायकों का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगी।

मंत्री ने DMK अध्यक्ष एम.के. स्टालिन और वरिष्ठ नेता उदयनिधि स्टालिन को सीधी चुनौती देते हुए दावा किया कि स्थानीय निकाय चुनावों में DMK को करारी हार का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने यहाँ तक कहा कि राज्य के नगर निगमों में DMK एक भी मेयर पद जीतने में सफल नहीं होगी और चेन्नई में भी पार्टी के लिए अपना प्रभाव बनाए रखना मुश्किल होगा।

डीएमके का पलटवार: इतिहास का हवाला

DMK के संगठन सचिव आर.एस. भारती ने आधव अर्जुन की चुनौती को तत्काल खारिज करते हुए उनके राजनीतिक कद पर सवाल उठाए। भारती ने कहा कि आधव अर्जुन की हैसियत ऐसी नहीं है कि वे DMK अध्यक्ष एम.के. स्टालिन या उदयनिधि स्टालिन को चुनौती दें।

तमिलनाडु के राजनीतिक इतिहास का हवाला देते हुए भारती ने कहा कि 1984 के विधानसभा चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री एम.जी. रामचंद्रन के नेतृत्व में AIADMK का दबदबा था, लेकिन 1986 के स्थानीय निकाय चुनावों में DMK गठबंधन ने अधिकांश नगरपालिकाओं में जीत हासिल की थी। उन्होंने तर्क दिया कि स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजे अक्सर विधानसभा चुनावों से अलग होते हैं।

भारती का दांव: 'एक भी मेयर जीते तो मूंछ मुंडवाऊंगा'

जुबानी जंग की सबसे तीखी बात भारती की ओर से आई — उन्होंने ऐलान किया कि यदि TVK चुनाव में एक भी मेयर पद जीतने में सफल हो जाती है, तो वे अपनी मूंछ का एक हिस्सा मुंडवा देंगे। यह बयान तमिलनाडु की राजनीतिक संस्कृति में एक तरह की प्रतीकात्मक चुनौती माना जाता है और इसने विवाद को और हवा दे दी है।

आगे क्या होगा

दोनों दलों के बीच बढ़ती इस नोकझोंक से स्पष्ट है कि तमिलनाडु में स्थानीय निकाय चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मियाँ चरम पर पहुँचने वाली हैं। यह ऐसे समय में आया है जब TVK और DMK दोनों अपने-अपने आधार को मजबूत करने की कोशिश में हैं। चुनावी तारीखों के ऐलान के साथ ही यह टकराव और तीखा होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह दो राजनीतिक परियोजनाओं की टकराहट है — एक स्थापित द्रविड़ियन मशीनरी और एक उभरती हुई ताकत जो उसी मतदाता-आधार पर दावा ठोंक रही है। भारती का 1984-86 वाला ऐतिहासिक तर्क चतुर है, क्योंकि यह दिखाता है कि सत्ता में रहते हुए भी निकाय चुनावों में हार संभव है — लेकिन TVK अभी सत्ता में है, DMK नहीं, जो तुलना को कमज़ोर करता है। असली सवाल यह है कि क्या TVK का नया मतदाता-आधार निकाय स्तर पर उतना ही संगठित है जितना विधानसभा स्तर पर दिखा — और यही चुनाव तय करेगा।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

TVK और DMK के बीच ताज़ा विवाद किस बात को लेकर है?
विवाद की शुरुआत उस आरोप से हुई कि ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन की मेयर प्रिया ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में TVK विधायक पल्लवी का अपमान किया। इस घटना ने दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप को जन्म दिया।
आर.एस. भारती ने TVK को क्या चुनौती दी?
DMK संगठन सचिव आर.एस. भारती ने कहा कि यदि TVK आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में एक भी मेयर पद जीतने में सफल हो जाती है, तो वे अपनी मूंछ का एक हिस्सा मुंडवा देंगे। यह तमिलनाडु की राजनीति में एक प्रतीकात्मक और तीखी चुनौती मानी जाती है।
TVK मंत्री आधव अर्जुन ने DMK के बारे में क्या कहा?
लोक निर्माण विभाग मंत्री आधव अर्जुन ने दावा किया कि DMK राज्य के किसी भी नगर निगम में एक भी मेयर पद नहीं जीत पाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि चेन्नई में DMK के लिए अपना प्रभाव बनाए रखना भी मुश्किल होगा।
DMK ने 1984-86 के चुनावों का हवाला क्यों दिया?
भारती ने तर्क दिया कि 1984 के विधानसभा चुनाव में AIADMK का दबदबा था, फिर भी 1986 के स्थानीय निकाय चुनावों में DMK गठबंधन ने अधिकांश नगरपालिकाएं जीती थीं। इससे उनका संदेश था कि विधानसभा और निकाय चुनावों के नतीजे अलग हो सकते हैं।
तमिलनाडु में स्थानीय निकाय चुनाव कब होंगे?
अभी तक तमिलनाडु में स्थानीय निकाय चुनावों की आधिकारिक तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है। हालांकि, दोनों प्रमुख दलों के बीच बयानबाजी से संकेत मिलता है कि चुनावी तैयारियाँ जोर-शोर से शुरू हो चुकी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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