13 जुलाई 2026
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केरल में पहली बार: भाजपा पार्षद सुगथन 14 जुलाई को विय्यूर जेल के अंदर लेंगे शपथ

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केरल में पहली बार: भाजपा पार्षद सुगथन 14 जुलाई को विय्यूर जेल के अंदर लेंगे शपथ

सारांश

केरल के इतिहास में पहली बार कोई निर्वाचित पार्षद जेल की दीवारों के भीतर शपथ लेगा। भाजपा पार्षद आर. सुगथन KAAPA के तहत हिरासत में होने के बावजूद 14 जुलाई को विय्यूर केंद्रीय जेल में शपथ ग्रहण करेंगे — केरल उच्च न्यायालय की अनुमति से यह संवैधानिक अधिकार सुनिश्चित हुआ।

मुख्य बातें

सुगथन 14 जुलाई 2026 को विय्यूर केंद्रीय जेल के अंदर शपथ ग्रहण करेंगे — केरल के इतिहास में यह पहली ऐसी घटना होगी।
समारोह जेल अधीक्षक के कार्यालय कक्ष में सुबह 11 बजे आयोजित होगा।
सुगथन KAAPA (केरल असामाजिक गतिविधियाँ रोकथाम अधिनियम) के तहत न्यायिक हिरासत में हैं; दो मामलों में जमानत मिलने के बावजूद निवारक हिरासत जारी है।
केरल उच्च न्यायालय ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम के 20 पार्षदों को शपथ उल्लंघन पर अयोग्य घोषित किया था; 19 ने पुनः शपथ ली, सुगथन हिरासत के कारण नहीं ले सके।
पुनः शपथ की अंतिम तिथि 24 जुलाई है; महापौर वीवी राजेश को भी समारोह में उपस्थित रहने की अनुमति मिली है।

केरल के स्थानीय स्वशासन इतिहास में एक अभूतपूर्व घटनाक्रम के तहत भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पार्षद आर. सुगथन 14 जुलाई 2026 को विय्यूर केंद्रीय जेल के भीतर शपथ ग्रहण करेंगे — यह राज्य में पहली बार होगा जब कोई निर्वाचित स्थानीय निकाय प्रतिनिधि कारागार परिसर से औपचारिक रूप से पदभार संभालेगा। केरल उच्च न्यायालय ने इस असाधारण व्यवस्था को मंजूरी देते हुए सुगथन के निर्वाचित प्रतिनिधि के रूप में संवैधानिक अधिकार की रक्षा सुनिश्चित की है।

समारोह का विवरण

यह शपथ ग्रहण समारोह विय्यूर केंद्रीय जेल के अधीक्षक के कार्यालय कक्ष में सुबह 11 बजे आयोजित होगा। तिरुवनंतपुरम के महापौर और वरिष्ठ भाजपा नेता वीवी राजेश को भी इस समारोह में उपस्थित रहने की अनुमति दी गई है। उच्च न्यायालय के आदेश और कारागार विभाग की स्वीकृति के बाद यह विशेष व्यवस्था लागू की गई है।

सुगथन की कानूनी स्थिति

तिरुवनंतपुरम नगर निगम के वझोट्टुकोनम वार्ड से निर्वाचित सुगथन वर्तमान में केरल असामाजिक गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (KAAPA) के तहत न्यायिक हिरासत में हैं। इस महीने की शुरुआत में उन्होंने तिरुवनंतपुरम की एक स्थानीय अदालत से दो अलग-अलग आपराधिक मामलों में जमानत प्राप्त की थी, परंतु KAAPA के तहत जारी निवारक हिरासत आदेश के कारण वे अभी भी कारागार में बंद हैं।

पृष्ठभूमि: उच्च न्यायालय का निर्देश

गौरतलब है कि केरल उच्च न्यायालय ने हाल ही में तिरुवनंतपुरम नगर निगम के 20 पार्षदों को शपथ का उल्लंघन करने के आधार पर अयोग्य घोषित किया था और उन्हें चार सप्ताह के भीतर पुनः शपथ लेने का निर्देश दिया था। इनमें से 19 पार्षदों ने इस निर्देश का पालन कर लिया। सुगथन अकेले ऐसे पार्षद रहे जो न्यायिक हिरासत में होने के कारण नियत समय में शपथ नहीं ले सके।

अंतिम तिथि और आगे की राह

पुनः शपथ ग्रहण की अंतिम तिथि 24 जुलाई निर्धारित है। जेल के भीतर शपथ समारोह की अनुमति मिलने से सुगथन इस समयसीमा के भीतर अपना संवैधानिक दायित्व पूरा कर सकेंगे। यह घटनाक्रम भारतीय लोकतंत्र में निर्वाचित प्रतिनिधित्व और न्यायिक हिरासत के बीच संतुलन का एक दुर्लभ उदाहरण बनकर सामने आया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि इनमें नियमित जमानत प्रक्रिया को दरकिनार किया जा सकता है। यह विडंबना ध्यान देने योग्य है कि एक व्यक्ति दो आपराधिक मामलों में जमानत पाने के बाद भी निवारक हिरासत में रहे और उसे अपने संवैधानिक दायित्व के लिए उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाना पड़े। उच्च न्यायालय ने संवैधानिक अधिकार को प्राथमिकता देकर सही किया, लेकिन मूल प्रश्न — कि क्या KAAPA का उपयोग राजनीतिक रूप से चुने गए प्रतिनिधियों पर उचित है — अभी भी अनुत्तरित है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल में जेल के अंदर शपथ ग्रहण का मामला क्या है?
भाजपा पार्षद आर. सुगथन 14 जुलाई 2026 को विय्यूर केंद्रीय जेल के भीतर शपथ ग्रहण करेंगे — केरल के इतिहास में यह पहली बार होगा जब कोई निर्वाचित स्थानीय निकाय प्रतिनिधि कारागार परिसर से पदभार संभालेगा। केरल उच्च न्यायालय ने इसकी अनुमति दी है।
आर. सुगथन जेल में क्यों हैं?
सुगथन केरल असामाजिक गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (KAAPA) के तहत कई आपराधिक मामलों में न्यायिक हिरासत में हैं। उन्हें दो मामलों में जमानत मिल चुकी है, लेकिन KAAPA के निवारक हिरासत आदेश के कारण वे अभी भी कारागार में बंद हैं।
केरल उच्च न्यायालय ने जेल में शपथ की अनुमति क्यों दी?
उच्च न्यायालय ने सुगथन के निर्वाचित प्रतिनिधि के रूप में संवैधानिक अधिकार की रक्षा के लिए यह अनुमति दी। न्यायालय ने पहले ही 20 पार्षदों को शपथ उल्लंघन पर अयोग्य घोषित कर 24 जुलाई तक पुनः शपथ का निर्देश दिया था, और सुगथन हिरासत के कारण इसका पालन नहीं कर पाए थे।
तिरुवनंतपुरम नगर निगम के बाकी पार्षदों ने क्या किया?
उच्च न्यायालय द्वारा अयोग्य घोषित किए गए 20 पार्षदों में से 19 ने पहले ही पुनः शपथ ग्रहण कर ली है। केवल सुगथन न्यायिक हिरासत के कारण यह नहीं कर सके थे, जिसके लिए अब विशेष व्यवस्था की गई है।
शपथ ग्रहण की अंतिम तिथि क्या है और समारोह कहाँ होगा?
पुनः शपथ ग्रहण की अंतिम तिथि 24 जुलाई है। समारोह 14 जुलाई को सुबह 11 बजे विय्यूर केंद्रीय जेल के अधीक्षक के कार्यालय कक्ष में आयोजित होगा, जिसमें महापौर वीवी राजेश भी उपस्थित रहेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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