13 जुलाई 2026
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ललिता गौतम हत्याकांड: काशी टोल प्लाजा पर रोका गया कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल, इमरान मसूद बोले — 27 को दिल्ली में प्रदर्शन

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ललिता गौतम हत्याकांड: काशी टोल प्लाजा पर रोका गया कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल, इमरान मसूद बोले — 27 को दिल्ली में प्रदर्शन

सारांश

ललिता गौतम हत्याकांड में न्याय की माँग लेकर पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को मेरठ के काशी टोल प्लाजा पर पुलिस ने रोक दिया। सांसद इमरान मसूद ने इसे लोकतांत्रिक अधिकार का हनन बताया और 27 तारीख को दिल्ली में बड़े प्रदर्शन की चेतावनी दी।

मुख्य बातें

13 जुलाई को काशी टोल प्लाजा, मेरठ पर कांग्रेस के सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने रोका।
प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद , एक विधायक और चार पदाधिकारी शामिल थे।
एसपी सिटी विनायक भोसले ने कहा — पूर्व प्रदर्शन में एंबुलेंस बाधित हुईं, कुछ प्रदर्शनकारियों का आपराधिक इतिहास था और अनुमति नहीं ली गई थी।
पुलिस ने पाँच-छह घंटे समझाने के बाद भी प्रदर्शनकारियों के न हटने का हवाला दिया।
इमरान मसूद ने घोषणा की कि कांग्रेस 27 तारीख को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करेगी।

मेरठ में ललिता गौतम हत्याकांड की पीड़िता के परिवार से मुलाकात करने जा रहे कांग्रेस के एक सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को 13 जुलाई को काशी टोल प्लाजा पर पुलिस ने रोक दिया। इस प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद, एक विधायक और चार अन्य पदाधिकारी शामिल थे। घटनाक्रम के बाद एसपी सिटी विनायक भोसले ने पत्रकारों के समक्ष पुलिस का पक्ष रखा।

पुलिस का पक्ष: क्यों रोका गया प्रतिनिधिमंडल

एसपी सिटी विनायक भोसले ने बताया कि जब कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल पहुँचा, तो अधिकारियों ने उनसे संवाद स्थापित किया और उनकी माँगें सुनीं। उन्होंने कहा कि इससे पहले हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान कई एंबुलेंस रास्ते में फँसी रहीं और दो दिनों तक आम लोगों की आवाजाही बाधित रही।

भोसले के अनुसार, एक राजपत्रित अधिकारी ने लगातार पाँच-छह घंटे तक प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन कुछ लोग सड़क पर लेट गए और हटने से इनकार कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शन में शामिल कुछ व्यक्तियों का आपराधिक इतिहास था और आयोजकों ने पुलिस प्रशासन से पूर्व अनुमति नहीं ली थी।

पुलिस की चिंता: भीड़ और विदेशी तत्वों का हवाला

एसपी सिटी ने कहा कि 'भीड़ का कोई चेहरा नहीं होता' और ऐसी स्थितियों में अराजक तत्व घुसपैठ कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कथित तौर पर कुछ 'विदेशी तंत्र' इस तरह की भीड़ का हिस्सा बनकर भ्रामक जानकारी फैलाने का काम करते हैं। पुलिस का कहना है कि कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को इन सभी तथ्यों से अवगत कराने के बाद वे अपने-अपने स्थानों के लिए रवाना हो गए।

कांग्रेस का पक्ष: इमरान मसूद ने जताई आपत्ति

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने पुलिस के इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि प्रशासन ने उन्हें पीड़ित परिवार से मिलने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा, 'हमारे प्रतिनिधिमंडल में सात लोग थे — चार सदस्य और एक विधायक — फिर भी हमें रोका गया।' मसूद ने घोषणा की कि अब कांग्रेस 27 तारीख को दिल्ली में प्रदर्शन करेगी।

ललिता गौतम हत्याकांड: पृष्ठभूमि

यह मामला मेरठ में हुई ललिता गौतम की हत्या से जुड़ा है, जिसने राज्य में राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। विपक्षी दलों ने पीड़ित परिवार से मिलने और न्याय की माँग उठाने की कोशिश की है, जबकि पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है। गौरतलब है कि इस तरह के हत्याकांडों में विपक्षी प्रतिनिधिमंडलों को रोकने की घटनाएँ उत्तर प्रदेश में पहले भी सामने आती रही हैं।

आगे क्या होगा

कांग्रेस के 27 तारीख के दिल्ली प्रदर्शन से यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर उठने की संभावना है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था की दृष्टि से जो भी कदम उठाए गए, वे उचित थे। पीड़ित परिवार को न्याय मिलने और मामले की जाँच की दिशा पर सभी की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इसकी विश्वसनीयता को कमज़ोर करता है। असली सवाल यह है कि ललिता गौतम हत्याकांड में जाँच की स्थिति क्या है — जो इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम में दब गई है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ललिता गौतम हत्याकांड क्या है?
ललिता गौतम हत्याकांड मेरठ में हुई एक महिला की हत्या से जुड़ा मामला है, जिसने उत्तर प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक हलचल पैदा कर दी है। विपक्षी दल पीड़ित परिवार से मिलकर न्याय की माँग उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
काशी टोल प्लाजा पर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को क्यों रोका गया?
पुलिस के अनुसार, पूर्व में हुए प्रदर्शन के दौरान एंबुलेंस बाधित हुईं, कुछ प्रतिभागियों का आपराधिक इतिहास था और आयोजकों ने अनुमति नहीं ली थी। इन्हीं आधारों पर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को आगे जाने से रोका गया।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने क्या कहा?
इमरान मसूद ने कहा कि प्रशासन ने उन्हें पीड़ित परिवार से मिलने नहीं दिया, जबकि प्रतिनिधिमंडल में सांसद, विधायक और पार्टी पदाधिकारी शामिल थे। उन्होंने 27 तारीख को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की।
कांग्रेस का अगला कदम क्या होगा?
कांग्रेस ने 27 तारीख को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। इससे ललिता गौतम हत्याकांड का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर उठने की संभावना है।
एसपी सिटी विनायक भोसले ने पुलिस कार्रवाई को कैसे उचित ठहराया?
भोसले ने कहा कि पहले के प्रदर्शन में राजपत्रित अधिकारी ने पाँच-छह घंटे समझाने की कोशिश की, लेकिन लोग नहीं हटे और कुछ सड़क पर लेट गए। उन्होंने कहा कि भीड़ में आपराधिक तत्वों की मौजूदगी और बिना अनुमति प्रदर्शन को देखते हुए स्थिति सामान्य रखना ज़रूरी था।
राष्ट्र प्रेस
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