गाजियाबाद हत्याकांड पर सीएम योगी के बयान का विपक्ष ने किया खंडन, इमरान मसूद बोले- अपराध को धर्म से न जोड़ें
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 2 जून 2026 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गाजियाबाद सूर्या हत्याकांड पर दिए गए बयान पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि अपराध को धर्म के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश में हिंसा की कई घटनाओं का हवाला देते हुए यह तर्क दिया कि कानून-व्यवस्था सभी अपराधियों पर — चाहे वे किसी भी समुदाय के हों — समान रूप से लागू होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री का बयान और विवाद की जड़
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद सूर्या हत्याकांड पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि 'दोस्ती की आड़ में विश्वासघात और छुरा घोंपने जैसी घटनाएं किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं हैं।' इस बयान को विपक्षी दलों ने धर्म-विशेष को निशाना बनाने वाला करार दिया और इसके विरोध में मोर्चा खोल दिया।
इमरान मसूद की तीखी प्रतिक्रिया
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, 'उसे (मुख्य आरोपी असद) पुलिस ने एनकाउंटर करके मार दिया, लेकिन दूसरा जो एथलीट त्यागी लड़का है, उसका भी पता कर लेते। उसका क्या हुआ? वह भी तो दोस्ती के नाम पर मारा गया। उसके बारे में आप कुछ क्यों नहीं बोल सकते? जो रंगदारी के नाम पर गाजीपुर में मारा गया है, उस पर क्यों नहीं बोल पाते? जिसने बच्चे को पटक कर मार दिया, उस पर क्यों नहीं बोलते? यहां गला रेत कर एक हत्या हुई, हत्या तो हत्या है न।'
यूपी की कानून-व्यवस्था पर मसूद ने कहा, 'क्राइम कंट्रोल नहीं हो रहा है। आउटपुट क्या आ रहा है? मैंने कल भी कहा था कि जाति-धर्म देखकर अगर क्राइम तय करोगे तो क्राइम कंट्रोल नहीं होगा। क्रिमिनल का जो इलाज होना चाहिए, वह हर अपराधी पर लागू होना चाहिए।'
गाय के मुद्दे पर भी घिरे योगी
मुख्यमंत्री के गाय संबंधी बयान पर इमरान मसूद ने सवाल उठाते हुए कहा, 'गौमाता अगर गौमाता है तो क्या वह सिर्फ 14 साल तक ही गौमाता रहेगी? बंगाल सरकार ने 14 साल से बड़ी गाय को काटने की अनुमति दे दी है, तो क्या गाय 14 साल बाद गौमाता नहीं रहेगी? आप काटने की अनुमति क्यों देते हैं? बीफ एक्सपोर्ट बैन क्यों नहीं करते? आप इसे काटना बैन करिए।' यह बयान भी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद का पलटवार
समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने भी मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'मुख्यमंत्री योगी की एक पहचान है — प्रदेश में भी और देश में भी। उनको इस बात की फिक्र रहती है कि वे किस विचारधारा के नेता हैं और उनकी पहचान खत्म न हो जाए।' उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि सीएम के बयानों के पीछे राजनीतिक एजेंडा है।
यूपी में एनकाउंटर की बढ़ती घटनाओं पर अवधेश प्रसाद ने कहा कि कानून के राज में एनकाउंटर का कोई स्थान नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कई एनकाउंटर फर्जी तरीके से किए गए हैं और इसके खिलाफ उनकी पार्टी लगातार लड़ाई लड़ती रही है।
आगे क्या होगा
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष पहले से ही सरकार पर हमलावर है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री के किसी बयान को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगा हो — विपक्ष ऐसे मुद्दों को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले लगातार उठाता रहेगा।