गाजियाबाद एनकाउंटर पर मौलाना साजिद रशीदी का आरोप: 'धर्म देखकर किया गया पक्षपातपूर्ण एनकाउंटर'
सारांश
मुख्य बातें
ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने गाजियाबाद एनकाउंटर को 'पक्षपातपूर्ण' करार देते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी आरोपी को पहले कानूनी प्रक्रिया से गुजारा जाना चाहिए, न कि सीधे एनकाउंटर किया जाना चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब गाजियाबाद एनकाउंटर को लेकर विभिन्न तबकों में बहस तेज हो गई है।
मुख्य आरोप और सवाल
मौलाना साजिद रशीदी ने कहा, 'जिस दिन से यह एनकाउंटर हुआ है, हम यही कह रहे हैं कि यह एक पक्षपातपूर्ण एनकाउंटर था।' उन्होंने तर्क दिया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की माँग है कि किसी भी आरोपी को पहले पकड़ा जाए, उससे पूछताछ की जाए और उचित कानूनी प्रक्रिया से गुजारा जाए।
उन्होंने आगे कहा, 'एक एफआईआर दर्ज की जाती है, एक केस फाइल किया जाता है, और फिर मामला अदालत में ले जाया जाता है। यह अदालत ही तय करती है कि क्या सजा दी जानी चाहिए।' रशीदी के अनुसार, इस मामले में यह पूरी प्रक्रिया नज़रअंदाज़ की गई।
धर्म-आधारित पक्षपात का आरोप
रशीदी ने आरोप लगाया कि 'धर्म देखकर एनकाउंटर कर दिया गया।' उन्होंने यह भी कहा कि एनकाउंटर के बाद संबंधित व्यक्ति के घर पर नोटिस लगाया गया और बाद में उसके घर के कुछ हिस्से को अवैध निर्माण घोषित किया गया। उनके अनुसार, ये सभी घटनाक्रम मिलकर कई गंभीर सवाल खड़े करते हैं जिन पर सरकार को गौर करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार को इस पूरे मामले की निष्पक्ष विवेचना करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर टिप्पणी करते हुए रशीदी ने कहा कि उनके कहे गए शब्दों का इरादा शायद अच्छा हो, लेकिन जैसा कि कहावत है — दवा अक्सर कड़वी होती है। उन्होंने सुझाया कि यही संदेश इस प्रकार भी दिया जा सकता था कि हिंदू और मुसलमान दोनों ही अपने बच्चों में अच्छे संस्कार डालें, ताकि वे गलत कामों में शामिल न हों।
रशीदी ने यह भी कहा कि किसी भी मुखिया को पक्षपाती बयान नहीं देना चाहिए। उनके अनुसार, 'राजनीतिक पक्षपात से भरे जो बयान आते हैं, उन पर सवाल उठना तो लाजमी है।'
गाय को लेकर रशीदी का स्पष्टीकरण
गाय के मुद्दे पर मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि जहाँ तक किसी की आस्था की बात है, अगर कोई गाय को अपनी माँ मानता है, तो वह ऐसा करने के लिए स्वतंत्र है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी आस्था में गाय को माँ का दर्जा नहीं दिया जाता, लेकिन उन्होंने दूसरों की आस्था का सम्मान करने की बात कही।
आगे क्या
गाजियाबाद एनकाउंटर को लेकर उठे ये सवाल अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बनते जा रहे हैं। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन की माँग है कि सरकार इस मामले में पारदर्शी जाँच कराए और कानूनी प्रक्रिया की अनदेखी के सवालों का जवाब दे। यह देखना होगा कि उत्तर प्रदेश सरकार इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है।