19 जुलाई 2026
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गाजियाबाद एनकाउंटर पर मौलाना साजिद रशीदी का आरोप: 'धर्म देखकर किया गया पक्षपातपूर्ण एनकाउंटर'

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गाजियाबाद एनकाउंटर पर मौलाना साजिद रशीदी का आरोप: 'धर्म देखकर किया गया पक्षपातपूर्ण एनकाउंटर'

सारांश

ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने गाजियाबाद एनकाउंटर को 'पक्षपातपूर्ण' करार दिया और आरोप लगाया कि धर्म देखकर एनकाउंटर किया गया। उन्होंने लोकतांत्रिक कानूनी प्रक्रिया की अनदेखी पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष सरकारी जाँच की माँग की।

मुख्य बातें

मौलाना साजिद रशीदी ने गाजियाबाद एनकाउंटर को 'पक्षपातपूर्ण' बताया और कहा कि धर्म देखकर एनकाउंटर किया गया।
रशीदी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में आरोपी को पहले कानूनी प्रक्रिया से गुजारा जाना चाहिए — एफआईआर, पूछताछ और अदालत।
एनकाउंटर के बाद संबंधित व्यक्ति के घर पर नोटिस लगाया गया और घर के हिस्से को अवैध निर्माण घोषित किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर रशीदी ने कहा — इरादा अच्छा हो सकता है, लेकिन राजनीतिक पक्षपात से भरे बयानों पर सवाल उठना लाजमी है।
ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन ने सरकार से इस मामले की निष्पक्ष विवेचना की माँग की है।

ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने गाजियाबाद एनकाउंटर को 'पक्षपातपूर्ण' करार देते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी आरोपी को पहले कानूनी प्रक्रिया से गुजारा जाना चाहिए, न कि सीधे एनकाउंटर किया जाना चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब गाजियाबाद एनकाउंटर को लेकर विभिन्न तबकों में बहस तेज हो गई है।

मुख्य आरोप और सवाल

मौलाना साजिद रशीदी ने कहा, 'जिस दिन से यह एनकाउंटर हुआ है, हम यही कह रहे हैं कि यह एक पक्षपातपूर्ण एनकाउंटर था।' उन्होंने तर्क दिया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की माँग है कि किसी भी आरोपी को पहले पकड़ा जाए, उससे पूछताछ की जाए और उचित कानूनी प्रक्रिया से गुजारा जाए।

उन्होंने आगे कहा, 'एक एफआईआर दर्ज की जाती है, एक केस फाइल किया जाता है, और फिर मामला अदालत में ले जाया जाता है। यह अदालत ही तय करती है कि क्या सजा दी जानी चाहिए।' रशीदी के अनुसार, इस मामले में यह पूरी प्रक्रिया नज़रअंदाज़ की गई।

धर्म-आधारित पक्षपात का आरोप

रशीदी ने आरोप लगाया कि 'धर्म देखकर एनकाउंटर कर दिया गया।' उन्होंने यह भी कहा कि एनकाउंटर के बाद संबंधित व्यक्ति के घर पर नोटिस लगाया गया और बाद में उसके घर के कुछ हिस्से को अवैध निर्माण घोषित किया गया। उनके अनुसार, ये सभी घटनाक्रम मिलकर कई गंभीर सवाल खड़े करते हैं जिन पर सरकार को गौर करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार को इस पूरे मामले की निष्पक्ष विवेचना करनी चाहिए।

मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर टिप्पणी करते हुए रशीदी ने कहा कि उनके कहे गए शब्दों का इरादा शायद अच्छा हो, लेकिन जैसा कि कहावत है — दवा अक्सर कड़वी होती है। उन्होंने सुझाया कि यही संदेश इस प्रकार भी दिया जा सकता था कि हिंदू और मुसलमान दोनों ही अपने बच्चों में अच्छे संस्कार डालें, ताकि वे गलत कामों में शामिल न हों।

रशीदी ने यह भी कहा कि किसी भी मुखिया को पक्षपाती बयान नहीं देना चाहिए। उनके अनुसार, 'राजनीतिक पक्षपात से भरे जो बयान आते हैं, उन पर सवाल उठना तो लाजमी है।'

गाय को लेकर रशीदी का स्पष्टीकरण

गाय के मुद्दे पर मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि जहाँ तक किसी की आस्था की बात है, अगर कोई गाय को अपनी माँ मानता है, तो वह ऐसा करने के लिए स्वतंत्र है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी आस्था में गाय को माँ का दर्जा नहीं दिया जाता, लेकिन उन्होंने दूसरों की आस्था का सम्मान करने की बात कही।

आगे क्या

गाजियाबाद एनकाउंटर को लेकर उठे ये सवाल अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बनते जा रहे हैं। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन की माँग है कि सरकार इस मामले में पारदर्शी जाँच कराए और कानूनी प्रक्रिया की अनदेखी के सवालों का जवाब दे। यह देखना होगा कि उत्तर प्रदेश सरकार इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संवैधानिक मूल्यों का है। हालाँकि, 'धर्म देखकर एनकाउंटर' जैसे आरोप बिना ठोस साक्ष्य के राजनीतिक ध्रुवीकरण को और गहरा कर सकते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में पुलिस एनकाउंटर की संख्या और उनकी पारदर्शिता पहले से ही बहस के केंद्र में है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस पहलू को नज़रअंदाज़ करती है कि एनकाउंटर के बाद संपत्ति पर कार्रवाई जैसे कदम कानूनी प्रक्रिया के सवालों को और जटिल बनाते हैं।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मौलाना साजिद रशीदी ने गाजियाबाद एनकाउंटर पर क्या कहा?
मौलाना साजिद रशीदी ने गाजियाबाद एनकाउंटर को 'पक्षपातपूर्ण' करार दिया और आरोप लगाया कि धर्म देखकर एनकाउंटर किया गया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी आरोपी को पहले कानूनी प्रक्रिया से गुजारना अनिवार्य है।
ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन ने क्या माँग की है?
ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन ने सरकार से गाजियाबाद एनकाउंटर की निष्पक्ष विवेचना कराने की माँग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष रशीदी का कहना है कि एनकाउंटर के बाद घर पर नोटिस और अवैध निर्माण की कार्रवाई जैसे कदमों पर भी सरकार को गौर करना चाहिए।
रशीदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर क्या कहा?
रशीदी ने कहा कि मुख्यमंत्री के बयान का इरादा शायद अच्छा हो, लेकिन किसी भी मुखिया को पक्षपाती बयान नहीं देना चाहिए। उन्होंने सुझाया कि संदेश इस प्रकार दिया जा सकता था कि हिंदू और मुसलमान दोनों अपने बच्चों में अच्छे संस्कार डालें।
एनकाउंटर में कानूनी प्रक्रिया की अनदेखी का क्या आरोप है?
रशीदी के अनुसार, लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी आरोपी को पहले गिरफ्तार कर, पूछताछ कर और अदालत में पेश किया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि इस एनकाउंटर में यह पूरी प्रक्रिया नज़रअंदाज़ की गई और सजा देने का अधिकार अदालत की बजाय पुलिस ने ले लिया।
गाजियाबाद एनकाउंटर विवाद क्यों बढ़ रहा है?
एनकाउंटर के बाद संबंधित व्यक्ति के घर पर नोटिस लगाना और घर के हिस्से को अवैध निर्माण घोषित करना — इन कदमों ने विवाद को और गहरा किया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री के बयान और धर्म-आधारित पक्षपात के आरोपों ने इस मामले को राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बना दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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