मौलाना साजिद रशीदी का कीर्ति आजाद के बयान पर प्रतिक्रिया: कंट्रोवर्सी से बचें
सारांश
Key Takeaways
- कंट्रोवर्सी से बचना चाहिए।
- राजनीति को खेल की भावना में रहना चाहिए।
- सामाजिक एकता को बनाए रखना जरूरी है।
- मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण है।
- युद्ध का कोई समाधान नहीं है।
नई दिल्ली, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद के टी-20 विश्व कप पर दिए गए बयान का जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कंट्रोवर्सी हर चीज में पैदा करना उचित नहीं है।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि यह एक अजीब स्थिति है। हर कोई हर बात में राजनीति करने की कोशिश कर रहा है। सवाल यह है कि भारतीय क्रिकेट टीम का कप्तान हिंदू है, बीसीसीआई और आईसीसी के सदस्य भी हिंदू हैं। अगर ट्रॉफी मंदिर में ले जाई जाती है, तो इसमें गलत क्या है? मुझे नहीं लगता कि इसमें कोई राजनीति होनी चाहिए। अगर कोई कहे कि ट्रॉफी मस्जिद में भी जानी चाहिए, तो यह सिर्फ राजनीति है। इस तरह की राजनीति से देश कमजोर होता है।
होली के दिन उत्तम नगर में हुई घटना पर मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि होली पर केवल एक घटना नहीं हुई, बल्कि दिल्ली में दो घटनाएं हुईं। एक उत्तम नगर में हुई। अगर रंग डालने की बात है, तो उस पर इतना बड़ा एक्शन नहीं होना चाहिए था कि किसी की जान चली जाए। सरकार ने कार्रवाई की, लोगों को पकड़ा और घर तोड़ दिए।
दूसरी ओर, महिपालपुर में पुनित यादव नाम के युवक की हत्या हिंदूवादी संगठनों से जुड़े लोगों ने की। अभी तक किसी को भी नहीं पकड़ा गया है। नाबालिगों को पकड़कर असली मुजरिमों को नहीं पकड़ा गया। बजरंग दल देश में दहशत फैला रहा है। अगर हिंदू ने हिंदू को मारा, तो उस पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। मीडिया ने पुनित यादव के मामले को नजरअंदाज किया है। यह एक साजिश है, जिसमें हिंदू-मुसलमान का खेल किया जा रहा है। इससे मुसलमानों को नुकसान होगा, लेकिन हिंदू भी सुरक्षित नहीं रहेंगे।
ईरान-इजरायल संघर्ष पर मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि सरकार को पहल करनी चाहिए। यह युद्ध रुकना चाहिए, क्योंकि युद्ध से किसी का भला नहीं होता।