गुजरात: गिर सोमनाथ, देवभूमि द्वारका और डांग में बनेंगे टूरिस्ट फ्रेंडली पुलिस स्टेशन, ऐप और हेल्प डेस्क भी
सारांश
Key Takeaways
- गिर सोमनाथ, देवभूमि द्वारका और डांग में पहले चरण में टूरिस्ट फ्रेंडली पुलिस स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
- निर्णय 29 अप्रैल को डीजीपी केएलएन राव की अध्यक्षता में गांधीनगर में हुई उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया।
- उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के मार्गदर्शन में यह पहल लागू की जाएगी।
- पर्यटकों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क, कियोस्क और एक सेंट्रल इंटरेक्टिव टूरिस्ट पुलिस ऐप विकसित किया जाएगा।
- पुलिसकर्मियों के लिए विशेष यूनिफॉर्म और वाहनों के लिए अलग लोगो डिज़ाइन किया जाएगा।
- मौजूदा पुलिस चौकियों को अत्याधुनिक टूरिस्ट पुलिस थानों के रूप में अपग्रेड किया जाएगा।
गुजरात के प्रमुख पर्यटन जिलों — गिर सोमनाथ, देवभूमि द्वारका और डांग — में विशेष 'टूरिस्ट फ्रेंडली पुलिस स्टेशन' स्थापित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को सुरक्षित और मैत्रीपूर्ण वातावरण प्रदान करना है। यह निर्णय 29 अप्रैल को गांधीनगर में राज्य के पुलिस महानिदेशक केएलएन राव की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया। इसके साथ ही पर्यटकों की सुविधा के लिए एक केंद्रीय 'इंटरेक्टिव टूरिस्ट पुलिस एप्लिकेशन', हेल्प डेस्क और कियोस्क भी स्थापित किए जाएंगे।
बैठक में कौन-कौन शामिल रहे
डीजीपी कार्यालय के अनुसार, इस उच्च स्तरीय बैठक में पुलिस महानिरीक्षक (प्रशासन) के साथ-साथ गिर सोमनाथ, देवभूमि द्वारका और डांग जिलों के पुलिस अधीक्षक (एसपी) भी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य एजेंडा डीजी-आईजी कॉन्फ्रेंस की सिफारिशों के आधार पर इन पर्यटन जिलों में समर्पित टूरिस्ट पुलिस थाने कार्यरत करना था। गौरतलब है कि यह पहल उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के मार्गदर्शन में पहले चरण में लागू की जाएगी।
मौजूदा चौकियों को किया जाएगा अपग्रेड
अधिकारियों ने बताया कि जिन पर्यटन स्थलों पर पहले से पुलिस चौकियाँ कार्यरत हैं, वहाँ उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए उन्हें अत्याधुनिक टूरिस्ट पुलिस थानों के रूप में उन्नत किया जाएगा। नए थाने बनाने की बजाय मौजूदा ढाँचे को सुदृढ़ करने की यह रणनीति लागत-प्रभावी मानी जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात के पर्यटन क्षेत्र में घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
विशेष यूनिफॉर्म और लोगो की भी होगी व्यवस्था
बैठक में यह भी चर्चा की गई कि पर्यटक पुलिसकर्मियों को आसानी से पहचान सकें, इसके लिए विशेष यूनिफॉर्म तैयार की जाएगी और पुलिस वाहनों के लिए एक अलग 'लोगो' डिज़ाइन किया जाएगा। इससे पर्यटकों को आपात स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त करने में आसानी होगी। प्रमुख पर्यटन स्थलों पर हेल्प डेस्क और कियोस्क भी स्थापित किए जाएंगे, जहाँ पर्यटकों को त्वरित सहायता मिल सके।
टूरिस्ट पुलिस ऐप से मिलेगी एक ही प्लेटफॉर्म पर सभी सेवाएँ
सभी पुलिस अधीक्षकों को एक सेंट्रल इंटरेक्टिव टूरिस्ट पुलिस एप्लिकेशन विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें पर्यटकों को एक ही मंच पर सभी आवश्यक जानकारी और सुरक्षा सेवाएँ उपलब्ध होंगी। यह ऐप पर्यटकों को स्थानीय पुलिस से जोड़ने, शिकायत दर्ज करने और पर्यटन संबंधी जानकारी प्राप्त करने में सहायक होगा।
डीजीपी का बयान और आगे की राह
पुलिस महानिदेशक केएलएन राव ने स्पष्ट किया कि इस पहल का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि गुजरात आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को एक सुरक्षित और मैत्रीपूर्ण अनुभव देना है। बैठक में हर टूरिस्ट पुलिस स्टेशन में पर्याप्त मानव बल, नए वाहनों की खरीद और आवश्यक इन्फ्रास्ट्रक्चर सुनिश्चित करने पर भी विशेष बल दिया गया। राज्य पुलिस विभाग ने गुजरात के पर्यटन क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर अधिक सुरक्षित बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।