10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

इमरान मसूद का अखिलेश यादव पर हमला: 'यूपी में मुसलमानों पर जुल्म, आपकी खामोशी समझ नहीं आती'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
इमरान मसूद का अखिलेश यादव पर हमला: 'यूपी में मुसलमानों पर जुल्म, आपकी खामोशी समझ नहीं आती'

सारांश

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने अखिलेश यादव को दोहरे मोर्चे पर घेरा — 403 सीटों वाला बयान 'बड़े नेताओं को शोभा नहीं देता' और यूपी में मुसलमानों पर कथित जुल्म पर सपा की खामोशी 'समझ से परे' है। विपक्षी एकता की यह दरार आगामी यूपी चुनाव की रणनीति पर बड़े सवाल खड़े करती है।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 22 जून 2026 को सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
अखिलेश के 403 सीटों पर अकेले तैयारी के बयान को मसूद ने 'बड़े नेताओं को न शोभा देने वाला' कहा।
मसूद ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में मुसलमानों पर कथित जुल्म के मुद्दे पर सपा नेतृत्व मुखर नहीं है।
कांग्रेस-सपा गठबंधन पर मसूद ने कहा — अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व का होगा, उनका नहीं।
सपा की ओर से इस बयान पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 22 जून 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की अखिलेश की टिप्पणी को मसूद ने 'बड़े नेताओं को न शोभा देने वाला बयान' करार दिया और साथ ही सपा नेतृत्व से यह भी पूछा कि प्रदेश में मुस्लिम समुदाय से जुड़े कथित मुद्दों पर उनकी चुप्पी क्यों बनी हुई है।

मुख्य घटनाक्रम

मसूद ने कहा, 'मुझे समझ नहीं आता कि इस तरह की बातें क्यों कही जा रही हैं। आप अपनी तैयारी करिए, हम अपनी तैयारी कर रहे हैं। आप बहुत बड़े नेता हैं, आपके मुंह से यह बात अच्छी नहीं लगती।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर विपक्षी खेमे में रणनीतिक हलचल तेज हो चुकी है और इंडिया गठबंधन के घटक दलों के बीच सीट-बंटवारे को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

मुस्लिम समुदाय के मुद्दों पर सपा की 'खामोशी'

कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में मुसलमानों के साथ कथित तौर पर हो रही ज्यादतियों पर सपा नेतृत्व मुखर नहीं है। मसूद ने कहा, 'यूपी में मुसलमानों के ऊपर जुल्म हो रहा है और आपकी खामोशी मुसलमानों के समझ में नहीं आ रही है।' उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश यादव राम मंदिर के चंदे की कथित चोरी जैसे मुद्दों पर खुलकर बोलते हैं, लेकिन मुस्लिम समुदाय से जुड़े मामलों पर चुप्पी साध लेते हैं।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब इंडिया गठबंधन के किसी घटक दल के नेता ने सपा की रणनीति पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए हों। आलोचकों का कहना है कि विपक्षी एकता की यह दरार आगामी चुनाव में भाजपा के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बना सकती है।

गठबंधन पर मसूद का रुख

कांग्रेस और सपा के बीच संभावित गठबंधन के सवाल पर इमरान मसूद ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय पूरी तरह पार्टी नेतृत्व पर निर्भर है। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस और सपा के गठबंधन को लेकर फैसला पार्टी का है, मेरा नहीं। मैं पार्टी का एक समर्पित सिपाही हूं और पार्टी जो निर्णय लेगी, वही मेरे लिए सर्वोपरि होगा।'

सपा की प्रतिक्रिया

इस बयान पर समाजवादी पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। अखिलेश यादव ने हाल ही में कहा था कि सपा उत्तर प्रदेश की सभी 403 सीटों पर अपनी तैयारी कर रही है — एक बयान जिसे कांग्रेस ने गठबंधन की संभावनाओं पर सवालिया निशान के रूप में देखा है।

क्या होगा आगे

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तारीखों की अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक दलों ने जमीनी तैयारी तेज कर दी है। विपक्षी खेमे में यह आंतरिक बयानबाजी संकेत देती है कि इंडिया गठबंधन के घटकों के बीच सीट-बंटवारे की बातचीत अभी भी अनिश्चित दौर में है। आने वाले हफ्तों में दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व के बीच होने वाली बातचीत यह तय करेगी कि यूपी में साझा रणनीति बनती है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि कांग्रेस इंडिया गठबंधन की छतरी तले साझा रणनीति चाहती है। मसूद का मुस्लिम मुद्दों पर सपा की 'खामोशी' उठाना दरअसल उस वोट बैंक को सीधे संबोधित करना है जो परंपरागत रूप से सपा का आधार रहा है — यह कांग्रेस की ओर से एक सुनियोजित राजनीतिक दबाव की रणनीति भी हो सकती है। बिना गठबंधन के दोनों दलों की वोट-विभाजन की स्थिति 2022 की तरह भाजपा के लिए सीधा फायदा बन सकती है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इमरान मसूद ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने अखिलेश यादव पर दो आरोप लगाए — पहला, 403 सीटों पर अकेले तैयारी का बयान 'बड़े नेताओं को शोभा नहीं देता'; और दूसरा, उत्तर प्रदेश में मुसलमानों पर कथित जुल्म के मुद्दे पर सपा नेतृत्व की चुप्पी समझ से परे है।
अखिलेश यादव के किस बयान पर इमरान मसूद ने आपत्ति जताई?
अखिलेश यादव ने कहा था कि समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर अपनी तैयारी कर रही है। इस बयान को मसूद ने गठबंधन की संभावनाओं के विरुद्ध संकेत मानते हुए आपत्तिजनक बताया।
क्या कांग्रेस और सपा यूपी चुनाव में साथ लड़ेंगी?
इमरान मसूद ने स्पष्ट किया कि गठबंधन पर अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व करेगा, वे खुद नहीं। अभी तक दोनों दलों के बीच सीट-बंटवारे पर कोई आधिकारिक समझौता नहीं हुआ है।
मसूद ने राम मंदिर के चंदे का जिक्र क्यों किया?
मसूद ने यह तर्क देने के लिए राम मंदिर के चंदे की कथित चोरी का उल्लेख किया कि अखिलेश यादव कुछ मुद्दों पर खुलकर बोलते हैं, लेकिन मुस्लिम समुदाय से जुड़े कथित मामलों पर चुप्पी साध लेते हैं — जो उनके अनुसार असंगत है।
यूपी विधानसभा चुनाव कब होने वाले हैं?
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की आधिकारिक तारीखों की घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक दलों ने जमीनी तैयारी शुरू कर दी है और बयानबाजी तेज हो गई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले