इमरान मसूद का अखिलेश यादव पर हमला: 'यूपी में मुसलमानों पर जुल्म, आपकी खामोशी समझ नहीं आती'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 22 जून 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की अखिलेश की टिप्पणी को मसूद ने 'बड़े नेताओं को न शोभा देने वाला बयान' करार दिया और साथ ही सपा नेतृत्व से यह भी पूछा कि प्रदेश में मुस्लिम समुदाय से जुड़े कथित मुद्दों पर उनकी चुप्पी क्यों बनी हुई है।
मुख्य घटनाक्रम
मसूद ने कहा, 'मुझे समझ नहीं आता कि इस तरह की बातें क्यों कही जा रही हैं। आप अपनी तैयारी करिए, हम अपनी तैयारी कर रहे हैं। आप बहुत बड़े नेता हैं, आपके मुंह से यह बात अच्छी नहीं लगती।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर विपक्षी खेमे में रणनीतिक हलचल तेज हो चुकी है और इंडिया गठबंधन के घटक दलों के बीच सीट-बंटवारे को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
मुस्लिम समुदाय के मुद्दों पर सपा की 'खामोशी'
कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में मुसलमानों के साथ कथित तौर पर हो रही ज्यादतियों पर सपा नेतृत्व मुखर नहीं है। मसूद ने कहा, 'यूपी में मुसलमानों के ऊपर जुल्म हो रहा है और आपकी खामोशी मुसलमानों के समझ में नहीं आ रही है।' उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश यादव राम मंदिर के चंदे की कथित चोरी जैसे मुद्दों पर खुलकर बोलते हैं, लेकिन मुस्लिम समुदाय से जुड़े मामलों पर चुप्पी साध लेते हैं।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब इंडिया गठबंधन के किसी घटक दल के नेता ने सपा की रणनीति पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए हों। आलोचकों का कहना है कि विपक्षी एकता की यह दरार आगामी चुनाव में भाजपा के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बना सकती है।
गठबंधन पर मसूद का रुख
कांग्रेस और सपा के बीच संभावित गठबंधन के सवाल पर इमरान मसूद ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय पूरी तरह पार्टी नेतृत्व पर निर्भर है। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस और सपा के गठबंधन को लेकर फैसला पार्टी का है, मेरा नहीं। मैं पार्टी का एक समर्पित सिपाही हूं और पार्टी जो निर्णय लेगी, वही मेरे लिए सर्वोपरि होगा।'
सपा की प्रतिक्रिया
इस बयान पर समाजवादी पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। अखिलेश यादव ने हाल ही में कहा था कि सपा उत्तर प्रदेश की सभी 403 सीटों पर अपनी तैयारी कर रही है — एक बयान जिसे कांग्रेस ने गठबंधन की संभावनाओं पर सवालिया निशान के रूप में देखा है।
क्या होगा आगे
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तारीखों की अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक दलों ने जमीनी तैयारी तेज कर दी है। विपक्षी खेमे में यह आंतरिक बयानबाजी संकेत देती है कि इंडिया गठबंधन के घटकों के बीच सीट-बंटवारे की बातचीत अभी भी अनिश्चित दौर में है। आने वाले हफ्तों में दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व के बीच होने वाली बातचीत यह तय करेगी कि यूपी में साझा रणनीति बनती है या नहीं।