UP 2027 सीट शेयरिंग में देरी से नुकसान: कांग्रेस सांसद इमरान मसूद की सपा को चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 18 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के बीच सीट शेयरिंग का फॉर्मूला जल्द से जल्द तय होना चाहिए, क्योंकि इसमें हो रही देरी विपक्षी गठबंधन को नुकसान पहुँचा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन हो या न हो, कांग्रेस प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार है।
सीट शेयरिंग पर कांग्रेस का रुख
मसूद ने कहा, 'हम लोग अपनी तैयारी कर रहे हैं। गठबंधन होगा तो भी, नहीं होगा तो भी, हम चुनाव लड़ेंगे। हमने तो कह दिया है कि आप देरी कर रहे हैं — इससे नुकसान हो रहा है, इससे कोई फायदा नहीं हो रहा है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब UP 2027 चुनाव की तैयारियाँ सभी दलों में तेज़ हो चुकी हैं और विपक्षी एकता का सवाल केंद्र में है। गौरतलब है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन विफल रहा था और दोनों दलों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था।
चुनाव आयोग पर तीखा प्रहार
चुनाव आयोग (ECI) द्वारा तृणमूल कांग्रेस (TMC) के चुनाव चिह्न को उपचुनाव के लिए फ्रीज़ किए जाने के मुद्दे पर मसूद ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'लोकतंत्र के लिए यह बहुत घातक है। चुनाव आयोग एक खिलौना बन गया है और खिलौने की तरह इस्तेमाल हो रहा है।' उन्होंने शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के चुनाव चिह्न विवादों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह एक क्रम में हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने जो किया है और किसके इशारे पर किया, यह पूरी दुनिया जानती है।
जयंत चौधरी के बयान पर टिप्पणी
केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी द्वारा सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर दिए गए बयान पर मसूद ने कहा कि अखिलेश यादव ने जयंत चौधरी को राज्यसभा भेजा था, इसमें कोई दो राय नहीं है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, 'जब आप बोल ही नहीं सकते या बोल ही नहीं पाते, तो उसके मायने क्या रह गए?' यह टिप्पणी UP के राजनीतिक समीकरणों में RLD और सपा के बीच उभरते तनाव की ओर इशारा करती है।
UPI शुल्क और अन्य मुद्दे
UPI पर शुल्क लगाने के प्रस्ताव पर मसूद ने कहा कि जिस दबाव में यह फैसला किया गया, उसे पूरा देश समझता है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के एक कार्यक्रम का ज़िक्र करते हुए कहा कि इस सरकार को अब 'जेनज़ी' की ताकत का भी अंदाज़ा हो गया है — यह संकेत देते हुए कि युवा मतदाता वर्ग अब राजनीतिक दलों के लिए एक निर्णायक कारक बन रहा है।
आगे क्या
UP 2027 में 403 सीटों पर मुकाबला होना है और सपा-कांग्रेस गठबंधन की स्थिति अभी अनिश्चित बनी हुई है। मसूद के बयान से साफ़ है कि कांग्रेस अपनी तैयारी स्वतंत्र रूप से जारी रखेगी, चाहे समझौता हो या नहीं। आने वाले हफ्तों में दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व के बीच बातचीत के नए दौर की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।