4 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

UP 2027: सपा ने गठबंधन को बताया तय, कांग्रेस ने सम्मानजनक सीटों पर अड़ी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
UP 2027: सपा ने गठबंधन को बताया तय, कांग्रेस ने सम्मानजनक सीटों पर अड़ी

सारांश

UP 2027 चुनाव से पहले सपा-कांग्रेस गठबंधन की बात तो तय है, लेकिन सीटों पर असली खींचतान अभी बाकी है। सपा ने धैर्य रखने को कहा तो कांग्रेस ने 'सम्मानजनक हिस्सेदारी' की शर्त रख दी — अंतिम फैसला अखिलेश, राहुल और खड़गे के हाथ में।

मुख्य बातें

सपा नेता एमएच खान ने कहा कि 2027 UP चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन तय है, सीट बंटवारा चुनाव नजदीक आने पर होगा।
अंतिम फैसला अखिलेश यादव , राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे करेंगे।
कांग्रेस सांसद राकेश राठौड़ ने कहा कि सीटें 'सम्मानजनक' होंगी, अकेले लड़ने का विकल्प भी खुला है।
राठौड़ ने कहा कि छोटे अंतर से जीते सांसदों की जीत में कांग्रेस का वोट निर्णायक था, इसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
खान ने पाकिस्तान में 100 साल पुराने मंदिर को कथित तौर पर तोड़े जाने की 'घोर निंदा' की।
सपा ने SIR प्रक्रिया पर चुनाव आयोग के रोल पर सवाल उठाते हुए सतर्क रहने की बात कही।

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के बीच सीट बंटवारे पर बयानबाजी तेज हो गई है। 3 सितंबर को दोनों पार्टियों के नेताओं ने साफ किया कि गठबंधन होगा — लेकिन शर्तें अभी तय नहीं हुई हैं। सपा नेता एमएच खान ने कहा कि अंतिम फैसला अखिलेश यादव, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे करेंगे, जबकि कांग्रेस सांसद राकेश राठौड़ ने स्पष्ट किया कि पार्टी 'सम्मानजनक सीटों' पर ही गठबंधन धर्म निभाएगी।

सपा का रुख: गठबंधन तय, सीटें बाद में

सपा नेता एमएच खान ने कहा, 'चुनाव नजदीक आने दीजिए, सीटों का बंटवारा हो जाएगा। जिस तरह से पहले मध्य प्रदेश के चुनाव में बंटवारा हुआ था, उसी हिसाब से बंटवारा हो जाएगा। उसमें कोई दिक्कत नहीं है, कोई झगड़ा नहीं, कोई बवाल नहीं है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो लोग इस मुद्दे को तूल दे रहे हैं, वे अपनी ही पार्टी को कमजोर कर रहे हैं।

खान ने दावा किया कि अखिलेश यादव सहारनपुर समेत कई जिलों का दौरा कर चुके हैं, बूथ कमेटियाँ तक गठित हो चुकी हैं और 2027 में सपा सरकार बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने विश्वास जताया कि अखिलेश यादव अगले मुख्यमंत्री बनेंगे।

कांग्रेस की शर्त: सम्मान चाहिए, समझौता नहीं

कांग्रेस सांसद राकेश राठौड़ ने गठबंधन की पुष्टि करते हुए सीटों पर दो-टूक कहा कि 'सीटें बहुत सम्मानजनक होंगी।' उन्होंने तर्क दिया कि जो सांसद 4,000, 6,000 या 10,000 वोटों से जीते, उनकी जीत में कांग्रेस का योगदान निर्विवाद है — फिर भी उनके यहाँ कांग्रेस का झंडा नहीं लगा।

राठौड़ ने यह भी संकेत दिया कि यदि गठबंधन में सम्मानजनक हिस्सेदारी नहीं मिली, तो कांग्रेस अकेले भी 'शानदार प्रदर्शन' कर सकती है। उन्होंने कहा, 'ताली एक हाथ से नहीं बजती।' हालाँकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शीर्ष नेतृत्व की मंशा के अनुसार ही काम होगा।

पाकिस्तान में मंदिर तोड़े जाने पर सपा नेता की निंदा

सपा नेता एमएच खान ने पाकिस्तान में कथित तौर पर करीब 100 साल पुराने मंदिर को तोड़े जाने की खबर पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'अगर मंदिर तोड़ा गया है तो उसकी मैं घोर निंदा करता हूँ। यही इंसानियत का पैगाम है और यही सारे धर्मों का पैगाम है।' उन्होंने कुरान का हवाला देते हुए कहा कि किसी के भी धर्म या आस्था का अपमान इस्लाम की शिक्षाओं के विरुद्ध है।

बसपा और 'बी टीम' के आरोपों पर सपा का जवाब

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की आंतरिक राजनीतिक हलचल पर खान ने कहा कि यह बसपा का अपना मामला है। सपा को 'बी टीम' कहे जाने के आरोपों को उन्होंने सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पार्टी की ज़मीनी तैयारी खुद बोलती है। उन्होंने यह भी चेताया कि विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए जा रहे हैं और सपा इसे होने नहीं देगी।

आगे की राह: नेतृत्व स्तर पर होगा फैसला

दोनों पार्टियों के बयानों से स्पष्ट है कि गठबंधन की इच्छाशक्ति तो है, लेकिन सीट बंटवारे की जटिल बातचीत अभी बाकी है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) उत्तर प्रदेश में अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी है और विपक्षी एकता की परीक्षा होनी बाकी है। अंतिम सीट-साझाकरण फॉर्मूला अखिलेश यादव, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच बातचीत से तय होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

ठीक वैसे जैसे 2024 लोकसभा से पहले हुआ था। कांग्रेस का 'सम्मानजनक सीट' का आग्रह दरअसल उस असंतोष की अभिव्यक्ति है जो INDIA गठबंधन में लंबे समय से सुलग रहा है। गौरतलब है कि UP में कांग्रेस की ज़मीनी ताकत सीमित है, फिर भी वह अपनी शर्तें रखने की स्थिति में है — यह दर्शाता है कि सपा को भी राष्ट्रीय आख्यान के लिए कांग्रेस की ज़रूरत है। असली परीक्षा तब होगी जब नाम और नंबर मेज पर आएँगे।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

UP 2027 चुनाव में सपा और कांग्रेस का गठबंधन होगा या नहीं?
दोनों पार्टियों के नेताओं ने गठबंधन की पुष्टि की है। सपा नेता एमएच खान ने कहा कि साथ लड़ना तय है, जबकि कांग्रेस सांसद राकेश राठौड़ ने कहा कि सम्मानजनक सीटें मिलने पर गठबंधन धर्म पूरी तरह निभाया जाएगा।
UP 2027 में सीट बंटवारे का फैसला कौन करेगा?
सपा नेता एमएच खान के अनुसार यह फैसला अखिलेश यादव, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के स्तर पर होगा। अभी तक कोई औपचारिक सीट-साझाकरण फॉर्मूला तय नहीं हुआ है।
कांग्रेस 'सम्मानजनक सीटें' क्यों माँग रही है?
कांग्रेस सांसद राकेश राठौड़ ने तर्क दिया कि 2024 लोकसभा में कई सीटें जो सपा समर्थित उम्मीदवारों ने थोड़े अंतर से जीतीं, उनमें कांग्रेस का वोट निर्णायक था। इसलिए पार्टी चाहती है कि 2027 में उसे उचित और सम्मानजनक हिस्सेदारी मिले।
क्या कांग्रेस UP 2027 में अकेले भी लड़ सकती है?
राकेश राठौड़ ने संकेत दिया कि यदि गठबंधन में सम्मानजनक सीटें नहीं मिलीं, तो कांग्रेस अकेले भी 'शानदार प्रदर्शन' कर सकती है। हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि शीर्ष नेतृत्व की मंशा के अनुसार ही अंतिम निर्णय होगा।
पाकिस्तान में मंदिर तोड़े जाने पर सपा का क्या रुख है?
सपा नेता एमएच खान ने पाकिस्तान में कथित तौर पर करीब 100 साल पुराने मंदिर को तोड़े जाने की 'घोर निंदा' की। उन्होंने कहा कि यह इंसानियत और इस्लाम की शिक्षाओं के भी विरुद्ध है और मंदिर को पुनर्निर्मित किया जाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले