UP 2027: सपा ने गठबंधन को बताया तय, कांग्रेस ने सम्मानजनक सीटों पर अड़ी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के बीच सीट बंटवारे पर बयानबाजी तेज हो गई है। 3 सितंबर को दोनों पार्टियों के नेताओं ने साफ किया कि गठबंधन होगा — लेकिन शर्तें अभी तय नहीं हुई हैं। सपा नेता एमएच खान ने कहा कि अंतिम फैसला अखिलेश यादव, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे करेंगे, जबकि कांग्रेस सांसद राकेश राठौड़ ने स्पष्ट किया कि पार्टी 'सम्मानजनक सीटों' पर ही गठबंधन धर्म निभाएगी।
सपा का रुख: गठबंधन तय, सीटें बाद में
सपा नेता एमएच खान ने कहा, 'चुनाव नजदीक आने दीजिए, सीटों का बंटवारा हो जाएगा। जिस तरह से पहले मध्य प्रदेश के चुनाव में बंटवारा हुआ था, उसी हिसाब से बंटवारा हो जाएगा। उसमें कोई दिक्कत नहीं है, कोई झगड़ा नहीं, कोई बवाल नहीं है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो लोग इस मुद्दे को तूल दे रहे हैं, वे अपनी ही पार्टी को कमजोर कर रहे हैं।
खान ने दावा किया कि अखिलेश यादव सहारनपुर समेत कई जिलों का दौरा कर चुके हैं, बूथ कमेटियाँ तक गठित हो चुकी हैं और 2027 में सपा सरकार बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने विश्वास जताया कि अखिलेश यादव अगले मुख्यमंत्री बनेंगे।
कांग्रेस की शर्त: सम्मान चाहिए, समझौता नहीं
कांग्रेस सांसद राकेश राठौड़ ने गठबंधन की पुष्टि करते हुए सीटों पर दो-टूक कहा कि 'सीटें बहुत सम्मानजनक होंगी।' उन्होंने तर्क दिया कि जो सांसद 4,000, 6,000 या 10,000 वोटों से जीते, उनकी जीत में कांग्रेस का योगदान निर्विवाद है — फिर भी उनके यहाँ कांग्रेस का झंडा नहीं लगा।
राठौड़ ने यह भी संकेत दिया कि यदि गठबंधन में सम्मानजनक हिस्सेदारी नहीं मिली, तो कांग्रेस अकेले भी 'शानदार प्रदर्शन' कर सकती है। उन्होंने कहा, 'ताली एक हाथ से नहीं बजती।' हालाँकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शीर्ष नेतृत्व की मंशा के अनुसार ही काम होगा।
पाकिस्तान में मंदिर तोड़े जाने पर सपा नेता की निंदा
सपा नेता एमएच खान ने पाकिस्तान में कथित तौर पर करीब 100 साल पुराने मंदिर को तोड़े जाने की खबर पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'अगर मंदिर तोड़ा गया है तो उसकी मैं घोर निंदा करता हूँ। यही इंसानियत का पैगाम है और यही सारे धर्मों का पैगाम है।' उन्होंने कुरान का हवाला देते हुए कहा कि किसी के भी धर्म या आस्था का अपमान इस्लाम की शिक्षाओं के विरुद्ध है।
बसपा और 'बी टीम' के आरोपों पर सपा का जवाब
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की आंतरिक राजनीतिक हलचल पर खान ने कहा कि यह बसपा का अपना मामला है। सपा को 'बी टीम' कहे जाने के आरोपों को उन्होंने सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पार्टी की ज़मीनी तैयारी खुद बोलती है। उन्होंने यह भी चेताया कि विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए जा रहे हैं और सपा इसे होने नहीं देगी।
आगे की राह: नेतृत्व स्तर पर होगा फैसला
दोनों पार्टियों के बयानों से स्पष्ट है कि गठबंधन की इच्छाशक्ति तो है, लेकिन सीट बंटवारे की जटिल बातचीत अभी बाकी है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) उत्तर प्रदेश में अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी है और विपक्षी एकता की परीक्षा होनी बाकी है। अंतिम सीट-साझाकरण फॉर्मूला अखिलेश यादव, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच बातचीत से तय होगा।