UP सीट शेयरिंग: अखिलेश यादव और मल्लिकार्जुन खड़गे तय करेंगे फॉर्मूला — सपा सांसद वीरेंद्र सिंह
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद वीरेंद्र सिंह ने 2 सितंबर को नई दिल्ली में स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए सपा-कांग्रेस गठबंधन में सीट बँटवारे का फैसला दोनों दलों के राष्ट्रीय अध्यक्ष — अखिलेश यादव और मल्लिकार्जुन खड़गे — मिलकर करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि सपा फिलहाल उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर स्वतंत्र रूप से चुनावी तैयारी में जुटी हुई है।
गठबंधन की भूमिका और सीट बँटवारा
वीरेंद्र सिंह ने कहा, 'गठबंधन की भूमिका तो दोनों दलों के राष्ट्रीय अध्यक्ष तय करेंगे — शीर्ष नेतृत्व इस पर फैसला करेगा।' उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने 403 सीटों पर तैयारी के निर्देश दिए हैं और सभी कार्यकर्ता उसी के अनुरूप काम कर रहे हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में विपक्षी गठजोड़ की आंतरिक बातचीत को लेकर अटकलें तेज़ हैं।
GDP विकास दर पर केंद्र सरकार को घेरा
सपा सांसद ने केंद्र सरकार के आर्थिक दावों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल किया कि यदि प्रधानमंत्री विकास दर बढ़ने की बात कर रहे हैं, तो जनता को महंगाई से राहत क्यों नहीं मिल रही और युवाओं को रोज़गार क्यों नहीं मिल रहा। वीरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से जारी आँकड़े 'केवल बाज़ीगरी' हैं। उनके अनुसार हर साल लाखों स्नातक नौकरी की तलाश में निकलते हैं, लेकिन उनमें से केवल 7 से 8 प्रतिशत को ही रोज़गार मिल पाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार ने रोज़गार देने के लिए आउटसोर्सिंग का रास्ता अपना लिया है, जिससे युवाओं को स्थायी रोज़गार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे।
CM योगी के AI वीडियो पर सपा का रुख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एआई वीडियो विवाद पर वीरेंद्र सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी 'टिट-फॉर-टैट' की भूमिका में थी। उन्होंने कहा, 'आप जिस तरीके से हमसे लड़ना चाहोगे, सपा उसका उत्तर उसी रूप में देगी।' यह बयान दोनों दलों के बीच डिजिटल प्रचार की बढ़ती तीखी जंग का संकेत देता है।
राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO पर निशाना
राम मंदिर ट्रस्ट में नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति पर सपा सांसद ने कहा कि भगवान राम के ट्रस्ट के संचालन के लिए किसी न किसी को ज़िम्मेदारी देनी ही होगी, लेकिन उनके अनुसार यह नियुक्ति कथित तौर पर चंदा चोरी के मुद्दे से जनता का ध्यान हटाने के लिए की गई है। उन्होंने कहा कि जनता की आस्था भगवान राम के प्रति अटूट है और कथित चंदा चोरी के आरोपों को लेकर लोग आहत हैं।
जल जीवन मिशन में कथित भ्रष्टाचार का आरोप
वीरेंद्र सिंह ने जल शक्ति मंत्रालय की प्रस्तावित कार्यशाला का उल्लेख करते हुए कहा कि 10 अगस्त को आयोजित होने वाली बैठक में उन्हें जल जीवन मिशन-2 में कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चर्चा की उम्मीद थी। उनके अनुसार सरकार ने कार्यक्रम को स्थगित कर दिया और विपक्षी सांसदों को हटाकर केवल सत्ता पक्ष के सांसदों के साथ इस विषय पर बातचीत की तैयारी की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि जल जीवन मिशन कथित तौर पर 'भ्रष्टाचार का स्मारक' बन गया है और इस मुद्दे को दबाने का प्रयास हो रहा है — हालाँकि सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आगे देखना होगा कि गठबंधन की सीट बँटवारे की बातचीत कब और किस स्वरूप में आगे बढ़ती है।