मौलाना रशीदी का बड़ा बयान: राहुल गांधी मुस्लिम सीएम घोषित करें तो सपा को नहीं मिलेगा एक भी वोट
सारांश
मुख्य बातें
ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने 22 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में कहा कि यदि कांग्रेस नेता राहुल गांधी उत्तर प्रदेश में किसी मुसलमान को मुख्यमंत्री बनाने का ऐलान करते हैं, तो मुस्लिम समुदाय के सारे वोट कांग्रेस को मिलेंगे और समाजवादी पार्टी (सपा) को एक भी वोट नहीं जाएगा। रशीदी ने यह बात 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक रूप से गर्म होते माहौल में कही, जब सभी दलों की सियासी बयानबाजी तीव्र हो रही है।
मुख्य बयान और संदर्भ
मौलाना रशीदी ने कहा, 'जो भी पार्टी यह दावा करती है कि हम भारतीय जनता पार्टी (BJP) को हराना चाहते हैं, वह असल में भाजपा के साथ ही मिली हुई होती है, चाहे वह कोई भी पार्टी हो। सवाल यह है कि क्या मुसलमान सिर्फ भाजपा को हराने के लिए पैदा हुए हैं।' उन्होंने जोर देकर कहा कि हर पार्टी को अपनी विचारधारा फैलाने और चुनाव लड़ने का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन मुसलमानों को यह तय करना होगा कि उनके हित किस दल के साथ जुड़े हैं।
रशीदी ने यह भी कहा कि 65 साल तक वोट देने के बावजूद कांग्रेस ने खुद स्वीकार किया कि मुसलमान बदतर जिंदगी जी रहे हैं, और सपा वोट लेने के बाद मुसलमानों को ही भाजपा का एजेंट बताती है।
अखिलेश यादव पर सीधा निशाना
सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए रशीदी ने कहा कि अखिलेश ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक मुस्लिम पत्रकार को सिर्फ इसलिए भाजपा का एजेंट कह दिया क्योंकि वह मुसलमान थे और उन्होंने रे-बैन का चश्मा लगाया हुआ था। उनके अनुसार, 'इसका मतलब यह हुआ कि जो मुसलमान अच्छे कपड़े पहनेगा, कारों में चलेगा या अच्छा चश्मा लगाएगा, वह भाजपा का एजेंट होगा।' रशीदी ने इसे मुस्लिम समुदाय के प्रति अपमानजनक सोच करार दिया।
ओवैसी को भी दी चुनौती
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के मुस्लिम प्रधानमंत्री वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए रशीदी ने कहा कि ओवैसी और अखिलेश दोनों को भी यह स्पष्ट ऐलान करना चाहिए कि यूपी में मुस्लिम मुख्यमंत्री होगा। उन्होंने कहा कि 2027 के चुनाव में मुसलमानों को बेहद सजग और समझदारी के साथ वोट करना होगा ताकि वे अपने हक की बात कर सकें।
धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर टिप्पणी
रशीदी ने धार्मिक कार्यक्रमों पर भी बयान दिया। उन्होंने इस्लामिक दृष्टिकोण से कहा कि होली, दिवाली या गरबा जैसे कार्यक्रमों में जहाँ देवी-देवताओं की पूजा होती है, वहाँ मुसलमानों का शामिल होना शरई रूप से वर्जित है क्योंकि कुरान में शिर्क को माफ न होने वाला पाप बताया गया है।
BJP विधायक रामेश्वर शर्मा के एक बयान — जिसमें उन्होंने कथित तौर पर मुसलमानों से अपनी बहनों-बेटियों को हिंदू धार्मिक आयोजनों में लाने को कहा था — का जवाब देते हुए रशीदी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, 'आपकी तरह हमारी गंदी मानसिकता नहीं है।' साथ ही उन्होंने BJP के शीर्ष नेतृत्व से सवाल किया कि ऐसे बयानों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जाती।
2027 की राजनीतिक परिस्थिति
उत्तर प्रदेश में करीब 19-20 प्रतिशत मुस्लिम आबादी मानी जाती है, जो किसी भी दल के लिए निर्णायक हो सकती है। ऐसे में रशीदी जैसे धार्मिक-सामाजिक नेताओं के बयान राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण संकेत माने जाते हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब सपा, कांग्रेस और AIMIM सभी 2027 के लिए अपनी-अपनी रणनीति बना रहे हैं और मुस्लिम वोट बैंक को साधने की कोशिश में हैं।