मौलाना साजिद रशीदी की चेतावनी: मुस्लिम CM फेस घोषित न हुआ तो अखिलेश को नहीं मिलेगा वोट
सारांश
मुख्य बातें
ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने 1 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले किसी मुसलमान को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं करते, तो मुस्लिम समुदाय उन्हें वोट नहीं देगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब सपा के राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची में किसी मुस्लिम नाम के न होने पर सियासी विवाद छिड़ा हुआ है।
मुख्य बयान और माँग
मौलाना रशीदी ने कहा, 'सीटों को लेकर जो बातें आजकल सामने आ रही हैं, उसमें दोनों पार्टियाँ — सपा और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) — जब तक मुसलमानों की बात सड़कों पर नहीं लेकर आएंगी और मुसलमान के लिए मुख्यमंत्री का ऐलान नहीं करेंगी, तब तक सीटें किसी को भी कितनी मिल जाएँ, कहीं न कहीं फ्लॉप होने वाली हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि सपा के मुस्लिम विधायकों और सांसदों को समझना चाहिए कि उनके वोट से पार्टी जीतती है, इसलिए अब उनके वोट पर उनका मुख्यमंत्री बनना चाहिए।
राज्यसभा उम्मीदवारों पर सीधा हमला
मौलाना रशीदी ने अखिलेश यादव के तथाकथित 'मुस्लिम प्रेम' पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्यसभा के लिए सपा की ओर से दो नामांकन हुए, किन्तु उनमें एक भी मुसलमान नहीं है — जबकि पार्टी मुस्लिम वोटों के बल पर जीतती आई है। उनके अनुसार, अखिलेश का यह रवैया संकेत देता है कि वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मार्ग पर चलते हुए मुसलमानों से दूरी बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने जनसंख्या के आँकड़े देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में मुसलमान 22 से 23 प्रतिशत हैं, जबकि यादव 8 से 11 प्रतिशत। उनका तर्क था, 'अगर 8 से 11 प्रतिशत वालों को चार बार मुख्यमंत्री बना दिया गया है, तो अब हमारा नंबर है।'
अन्य मुद्दों पर प्रतिक्रिया
योग गुरु बाबा रामदेव के मुसलमानों से संबंधित हालिया बयान पर मौलाना रशीदी ने कहा कि वे अपना प्रचार करने के लिए मुसलमानों का सहारा ले रहे हैं और उनकी 'दुकान कुछ कम चल रही है।' राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर के NRC से जुड़े बयान पर उन्होंने कहा कि पहले आंबेकर की खुद जाँच होनी चाहिए।
भारतीय पायलट की तारीफ
मौलाना रशीदी ने फ्लाईदुबई विमान में संकट को टालने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारतीय पायलट ने बिना किसी भेदभाव के यात्रियों की जान बचाई और सरकार से माँग की कि उन्हें उचित पुरस्कार से सम्मानित किया जाए।
आगे का सियासी समीकरण
गौरतलब है कि 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अभी लगभग डेढ़ वर्ष दूर हैं, लेकिन सपा-कांग्रेस गठबंधन में सीट बँटवारे का फॉर्मूला अभी तय नहीं हुआ है। ऐसे में मौलाना रशीदी का यह बयान मुस्लिम मतदाताओं की नाराज़गी को सार्वजनिक मंच पर लाने का प्रयास माना जा रहा है। यदि सपा और कांग्रेस इस दबाव को नज़रअंदाज़ करती हैं, तो मुस्लिम वोटों के विभाजन की संभावना 2027 के चुनावी नतीजों को निर्णायक रूप से प्रभावित कर सकती है।