शायान मसूद सपा में शामिल, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को बड़ा झटका
सारांश
मुख्य बातें
सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के दामाद शायान मसूद ने 21 अगस्त को कांग्रेस से नाता तोड़ते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) की सदस्यता ग्रहण कर ली। लखनऊ में हुई इस औपचारिक शामिलगी के बाद शायान मसूद ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से शिष्टाचार मुलाकात भी की। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले यह घटनाक्रम कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से असहज करने वाला माना जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
सपा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर जानकारी दी कि सहारनपुर के शादान मसूद, शायान मसूद एवं उनके साथियों ने लखनऊ में पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की। सदस्यता के तुरंत बाद शायान मसूद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अखिलेश यादव के समर्थन में एक गाना साझा किया, जिसे सपा समर्थकों ने व्यापक रूप से प्रसारित किया।
शायान मसूद का बयान
सपा में शामिल होने के बाद शायान मसूद ने कहा, 'समाजवादी पार्टी पूरे प्रदेश के अंदर अच्छा प्रदर्शन कर रही है। पीडीए की स्वीकार्यता बहुत तेज़ी से बढ़ती जा रही है। लोगों में इस बात को लेकर उत्साह है कि इस बार उत्तर प्रदेश में बदलाव आए।' उन्होंने यह भी कहा कि वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी को मज़बूत करने और बेहतर परिणाम दिलाने के लिए काम करेंगे।
अखिलेश यादव पर टिप्पणी
शायान मसूद ने अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश के 'सबसे दूरदर्शी और प्रगतिशील सोच वाले नेताओं में से एक' बताया। उन्होंने 2012 से 2017 के सपा शासनकाल का हवाला देते हुए कहा कि लैपटॉप वितरण, साइकिल योजना, विकास परियोजनाओं और राजमार्ग निर्माण के मामले में तत्कालीन सरकार का काम मौजूदा सरकार से बेहतर था। यह टिप्पणी सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की योगी सरकार पर निशाना थी।
कांग्रेस पर असर और राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में हुई है जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव नज़दीक आ रहे हैं और कांग्रेस तथा सपा के बीच गठबंधन की संभावनाओं पर चर्चा जारी है। इमरान मसूद जैसे वरिष्ठ कांग्रेस नेता के परिवार से किसी का सपा में जाना पार्टी की आंतरिक एकजुटता पर सवाल खड़े करता है। यह कोई पहली बार नहीं है जब पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के करीबी नेताओं ने सपा का दामन थामा हो — यह क्षेत्र में राजनीतिक ध्रुवीकरण की बड़ी प्रवृत्ति का हिस्सा है।
आगे क्या
शायान मसूद ने संकेत दिया है कि वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सपा के लिए सक्रिय रूप से काम करेंगे। कांग्रेस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सहारनपुर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में यह बदलाव आगामी चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।