ईयू-भारत एफटीए पर साल के अंत तक हस्ताक्षर संभव, 2027 में लागू होने की उम्मीद: फिनलैंड के राजदूत
सारांश
मुख्य बातें
भारत में फिनलैंड के राजदूत मिक्को किविकोस्की ने 5 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कहा कि भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर इस वर्ष के अंत तक हस्ताक्षर होने की प्रबल संभावना है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि दोनों पक्षों की औपचारिक मंजूरी के बाद यह समझौता 2027 में किसी समय लागू हो सकता है। किविकोस्की ने रूस-यूक्रेन संघर्ष, भारत-फिनलैंड द्विपक्षीय संबंधों और एआई, रक्षा तथा शिक्षा में सहयोग पर भी अपने विचार साझा किए।
एफटीए पर राजदूत का बयान
राजदूत किविकोस्की ने स्पष्ट किया, 'फिलहाल, हमें उम्मीद है कि साल के आखिर तक इस पर हस्ताक्षर हो जाएंगे। इसके बाद, भारत सरकार और यूरोपीय संघ को इस समझौते को मंजूरी देनी होगी। इसमें शायद कुछ महीने लगेंगे, इसलिए उम्मीद है कि यह अगले साल किसी समय लागू हो जाएगा।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत-EU व्यापार वार्ता वर्षों की जटिल प्रक्रिया के बाद अंतिम चरण में बताई जा रही है। गौरतलब है कि इस एफटीए पर बातचीत का सिलसिला एक दशक से भी अधिक समय से चला आ रहा है।
रूस-यूक्रेन संघर्ष और भारत की भूमिका
जब किविकोस्की से भारत की ओर से रूस-यूक्रेन विवाद को बातचीत से सुलझाने की अपील के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, 'बिल्कुल, यही एकमात्र तरीका है। बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाना चाहिए। फिनलैंड उन सभी गतिविधियों की बहुत सराहना करता है, जो भारत इस समय कर रहा है।' यह टिप्पणी महत्वपूर्ण है क्योंकि फिनलैंड स्वयं नाटो का सदस्य है और रूसी सीमा से सटा देश है — यानी उसकी सराहना में कूटनीतिक वज़न है।
भारत-फिनलैंड द्विपक्षीय संबंध
राजदूत ने द्विपक्षीय संबंधों को 'इस साल रिकॉर्ड स्तर पर' बताया। उन्होंने रेखांकित किया कि फिनलैंड के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति दोनों ने 2026 में भारत का दौरा किया। इसके अलावा ओस्लो में इंडिया-नॉर्डिक समिट का आयोजन हुआ, और भारत के विदेश मंत्री एवं वाणिज्य मंत्री ने फिनलैंड का दौरा किया। उन्होंने गांधीनगर में आयोजित 'वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम' का भी उल्लेख किया, जो भारत और फिनलैंड सरकारों की संयुक्त पहल थी।
एआई, रक्षा और शिक्षा में सहयोग
एआई और रक्षा सहयोग के सवाल पर किविकोस्की ने कहा, 'आकार में हम भले ही छोटे हों, लेकिन इनोवेशन और समाधान के मामले में हम काफी बड़े हैं। भारत के पास बड़े पैमाने पर काम करने की क्षमता और टैलेंट है। जब हम अपनी ताकत को मिलाते हैं, तो साथ मिलकर बड़ी चीजें हासिल कर सकते हैं।' उन्होंने बताया कि जनवरी 2026 में EU-भारत समिट में रक्षा और सुरक्षा साझेदारी को भी वार्ता में शामिल किया गया था। EU सदस्य के रूप में फिनलैंड इस सहयोग को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
नोकिया और ICEYE की रक्षा साझेदारी
राजदूत ने विशेष रूप से फिनलैंड की दो कंपनियों — नोकिया और ICEYE (सैटेलाइट प्रौद्योगिकी क्षेत्र की फिनिश कंपनी) — के बीच हुई ताज़ा सहयोग घोषणा का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि यह साझेदारी मुख्यतः 'सॉवरेन, डुअल-यूज सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम' पर केंद्रित है, जिसका स्वामित्व और संचालन उन देशों के हाथ में होता है जो इन प्रणालियों का उपयोग करते हैं। यह घोषणा पिछले सप्ताह ही की गई। भारत-EU रक्षा सहयोग के संदर्भ में यह एक उल्लेखनीय घटनाक्रम माना जा रहा है।