जी-7 समिट में PM मोदी ने EU नेताओं से की बैठक, FTA पर हस्ताक्षर और IMEC को लेकर बनी सहमति
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जून 2026 को एवियन, फ्रांस में जारी जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप देने, भारत-मध्य पूर्व-यूरोप कॉरिडोर (आईएमईसी) को आगे बढ़ाने और आर्थिक संबंधों को और गहरा करने पर महत्वपूर्ण सहमति बनी। मोदी ने इस बैठक को 'बहुत शानदार' करार दिया।
बैठक में क्या हुआ
विदेश मंत्रालय के अनुसार, तीनों नेताओं ने इस वर्ष की शुरुआत में नई दिल्ली में हुए 16वें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन (27 जनवरी) में हुई प्रगति की समीक्षा की। उस सम्मेलन में भारत-ईयू एफटीए वार्ता को ऐतिहासिक रूप से संपन्न घोषित किया गया था, जिसे नेताओं ने 'सभी समझौतों में सबसे बड़ा समझौता' बताया था। इस बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, विदेश सचिव विक्रम मिस्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी उपस्थित रहे।
एफटीए और आईएमईसी पर आगे की राह
एंटोनियो कोस्टा ने स्पष्ट किया कि भारत और ईयू इस वर्ष के अंत तक एफटीए पर हस्ताक्षर करेंगे और निवेश समझौते पर भी काम तेज किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्ष सुरक्षा एवं रक्षा सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ आईएमईसी के ज़रिए बेहतर कनेक्टिविटी के लिए मिलकर काम करेंगे। गौरतलब है कि आईएमईसी परियोजना भारत को मध्य पूर्व के रास्ते यूरोप से जोड़ने की महत्वाकांक्षी पहल है, जो चीन की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का एक विकल्प मानी जाती है।
मोदी और कोस्टा के एक्स पोस्ट
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, 'आज एवियन में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से मिलना बहुत अच्छा रहा। यह भारत-ईयू संबंधों के लिए बहुत अच्छा समय रहा है, क्योंकि हमने मुक्त व्यापार समझौता पूरा कर लिया है। भारत और ईयू का बढ़ता सहयोग आज की दुनिया में शांति, स्थिरता और विकास को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है।' कोस्टा ने एक्स पर जवाब देते हुए लिखा, 'हमने दुनिया के सबसे बड़े व्यापार समझौतों में से एक को पूरा किया है और अब अपनी प्रतिबद्धताओं को तेजी से पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।'
जी-7 में भारत की भागीदारी का संदर्भ
फ्रांस की अध्यक्षता में एवियन में आयोजित इस जी-7 शिखर सम्मेलन में भारत की यह 13वीं भागीदारी है। प्रधानमंत्री मोदी लगातार सातवीं बार इस वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्यापार तनाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच भारत अपने पश्चिमी साझेदारों के साथ संबंधों को नई ऊंचाई देने में जुटा है। उल्लेखनीय है कि कोस्टा और वॉन डेर लेयेन इस वर्ष भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि भी रहे थे।
क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी संवाद
बैठक के दौरान तीनों नेताओं ने आपसी हित से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-ईयू एफटीए, जो वार्ता के लगभग दो दशकों के बाद संपन्न हुआ है, दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए व्यापार और निवेश के नए द्वार खोल सकता है। आने वाले महीनों में औपचारिक हस्ताक्षर समारोह और क्रियान्वयन की रूपरेखा पर नज़र रहेगी।