विश्व ओजोन दिवस 2026: राजस्थान CM भजनलाल, UP उपमुख्यमंत्री समेत कई नेताओं ने एक्स पर दिया संरक्षण का संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
विश्व ओजोन दिवस के अवसर पर 16 सितंबर 2026 को देशभर में ओजोन परत के संरक्षण को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर संदेश पोस्ट कर नागरिकों से पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने की अपील की।
विभाग का आधिकारिक संदेश
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट कर लिखा, 'ओजोन परत बचाएं, पृथ्वी का भविष्य सुरक्षित बनाएं।' विभाग ने स्पष्ट किया कि ओजोन परत सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों से पृथ्वी पर जीवन की रक्षा करने वाला प्राकृतिक सुरक्षा कवच है। विभाग ने कहा कि मानव जीवन, वन्यजीवों, पेड़-पौधों और समूचे पर्यावरण की सुरक्षा के लिए इसका संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का संकल्प
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर लिखा, 'विश्व ओजोन दिवस पर आइए, हम सब मिलकर कार्बन उत्सर्जन कम करने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लें। हमारी जागरूक पहल ही धरती को सुरक्षित बनाएगी।'
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपनी एक्स पोस्ट में कहा कि विश्व ओजोन दिवस पर्यावरणीय जिम्मेदारी और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि ओजोन परत के संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाएं और भावी पीढ़ियों के लिए स्वस्थ, सुरक्षित एवं हरित पृथ्वी सुनिश्चित करने में अपना योगदान दें।
बिहार सरकार के मंत्रियों की अपील
बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एक्स पर लिखा, 'विश्व ओजोन दिवस के अवसर पर आइए, हम सभी ओजोन परत के संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण और प्रकृति की रक्षा का संकल्प लें।' उन्होंने कहा कि ओजोन परत को सुरक्षित रखना केवल वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य के प्रति हमारा दायित्व भी है। सिन्हा ने लोगों से प्रकृति संरक्षण को अपनी दैनिक जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाने की अपील की।
बिहार सरकार के ही मंत्री दिलीप जायसवाल ने एक्स पर संदेश दिया, 'ओजोन परत की सुरक्षा हमारी पृथ्वी, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। स्वच्छ वायु, स्वस्थ पर्यावरण और सुरक्षित पृथ्वी के संकल्प के साथ प्रकृति संरक्षण को जन-जन का दायित्व बनाएं।'
ओजोन दिवस का महत्व
गौरतलब है कि प्रत्येक वर्ष 16 सितंबर को विश्व ओजोन दिवस मनाया जाता है। यह दिन 1987 में मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर की वर्षगाँठ के रूप में मान्यता प्राप्त है, जो ओजोन परत को नुकसान पहुँचाने वाले पदार्थों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की वैश्विक संधि है। भारत इस संधि का हस्ताक्षरकर्ता देश है। विशेषज्ञों के अनुसार, ओजोन परत में क्षरण से त्वचा कैंसर, मोतियाबिंद और प्रतिरोधक क्षमता में कमी जैसे गंभीर स्वास्थ्य खतरे उत्पन्न होते हैं।
आम जनता पर असर और आगे की राह
विशेषज्ञों का कहना है कि नेताओं के सोशल मीडिया संदेशों से जागरूकता तो बढ़ती है, लेकिन ठोस नीतिगत कदम — जैसे HFC गैसों का नियमन, वाहनों से उत्सर्जन में कमी और रेफ्रिजरेशन उद्योग में पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों को अपनाना — ओजोन परत की वास्तविक बहाली के लिए अनिवार्य हैं। आलोचकों का कहना है कि सांकेतिक अपीलों से आगे बढ़कर नीति-स्तरीय क्रियान्वयन की आवश्यकता है।