विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस 2026: राजस्थान के CM भजनलाल, बिहार के सम्राट चौधरी और UP के केशव मौर्य ने दिया खाद्य शुद्धता का संदेश
सारांश
मुख्य बातें
विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के अवसर पर 7 जून 2026 को राजस्थान, बिहार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों, उपमुख्यमंत्रियों और मंत्रियों ने नागरिकों से सुरक्षित, पौष्टिक और शुद्ध भोजन अपनाने का आग्रह किया। इन नेताओं ने खाद्य अपव्यय रोकने, गुणवत्तापूर्ण आहार सुनिश्चित करने और स्वस्थ समाज के निर्माण में सामूहिक भागीदारी का आह्वान किया।
राजस्थान: CM और डिप्टी CM का संदेश
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'समस्त प्रदेशवासियों को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। स्वस्थ एवं सुरक्षित समाज के निर्माण हेतु खाद्य पदार्थों की शुद्धता, गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।' उन्होंने नागरिकों से सुरक्षित व स्वच्छ खाद्य पदार्थों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लेने का आग्रह किया।
राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने भी इस अवसर पर लिखा, 'आइए, हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि हर व्यक्ति को पर्याप्त, पौष्टिक और सुरक्षित भोजन उपलब्ध हो।'
बिहार: CM और मंत्री का आह्वान
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपनी पोस्ट में कहा, 'सुरक्षित, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन को अपनाकर स्वस्थ समाज के निर्माण में अपना योगदान दें। स्वस्थ भोजन ही स्वस्थ जीवन और समृद्ध भविष्य की आधारशिला है।'
बिहार सरकार में मंत्री दिलीप जयसवाल ने भोजन की बर्बादी पर विशेष जोर देते हुए कहा, 'आज हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि हम भोजन की बर्बादी को पूरी तरह रोकेंगे, पौष्टिक एवं सुरक्षित खान-पान की आदतें अपनाएंगे और समाज में खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाएंगे।'
उत्तर प्रदेश: किसानों को नमन, नागरिकों से संकल्प
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अन्नदाता किसानों को विशेष रूप से सम्मान देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खाद्य सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए करोड़ों जरूरतमंद नागरिकों तक खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने इसे अंत्योदय और जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का उदाहरण बताया।
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री नंद गोपाल नंदी ने उत्पादन से उपभोग तक खाद्य मानकों के कड़े अनुपालन पर बल दिया। उन्होंने कहा, 'हमारे अन्नदाताओं के श्रम का सम्मान करते हुए, समाज के अंतिम व्यक्ति तक शुद्ध एवं संतुलित आहार की उपलब्धता सुनिश्चित करना हमारा सामूहिक दायित्व है।'
खाद्य सुरक्षा दिवस का महत्व
यह दिवस प्रतिवर्ष 7 जून को मनाया जाता है और इसका उद्देश्य खाद्य जनित बीमारियों की रोकथाम, खाद्य गुणवत्ता मानकों के प्रति जागरूकता और वैश्विक खाद्य आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित बनाना है। यह ऐसे समय में प्रासंगिक है जब भारत में खाद्य अपव्यय और पोषण असमानता एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
गौरतलब है कि इन राज्यों के नेताओं का यह सामूहिक संदेश खाद्य सुरक्षा को केवल सरकारी नीति नहीं, बल्कि नागरिक जिम्मेदारी के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक कदम है। आगे देखना होगा कि ये संकल्प ज़मीनी नीतियों और कार्यक्रमों में किस रूप में परिलक्षित होते हैं।