बिहार में 1 करोड़ नए राशन कार्ड का लक्ष्य: CM सम्राट चौधरी ने PDS को तकनीक से मजबूत करने के दिए निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 9 जुलाई 2026 को पटना में अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में 1 करोड़ नए राशन कार्ड बनाने का लक्ष्य शीघ्रातिशीघ्र पूरा किया जाए और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को पारदर्शी, तकनीक-आधारित एवं अधिक प्रभावी बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी पात्र लाभार्थियों तक खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ समयबद्ध और सम्मानजनक तरीके से पहुँचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को लोक सेवक आवास, पटना में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी के साथ विभागीय योजनाओं एवं PDS की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के प्रभावी क्रियान्वयन तथा खाद्यान्न भंडारण प्रणाली के आधुनिकीकरण पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के संयुक्त सचिव रविशंकर तथा बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव दीपक आनंद ने विभागीय योजनाओं की अद्यतन स्थिति पर प्रस्तुतीकरण दिया।
मुख्य निर्देश और प्राथमिकताएँ
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभाग की सभी योजनाओं के लाभार्थियों का व्यापक एवं अद्यतन डेटाबेस तैयार किया जाए, ताकि पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ पहुँच सके। उन्होंने कहा कि बिहार की ऑनलाइन सार्वजनिक वितरण प्रणाली का प्रदर्शन सराहनीय है और इसे और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयास जारी रहने चाहिए।
बैठक में स्मार्ट वेयरहाउसिंग विकसित करने, 'सार्थक PDS' मॉडल के विभिन्न मॉड्यूल, तकनीकी संरचना और लागत साझेदारी के पहलुओं पर भी चर्चा की गई। गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई जब केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर खाद्य सुरक्षा वितरण में तकनीकी सुधार को प्राथमिकता दी जा रही है।
भंडारण और आपूर्ति श्रृंखला पर जोर
मुख्यमंत्री ने राशन वितरण व्यवस्था की नियमित एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी पात्र लाभार्थी को खाद्यान्न प्राप्त करने में कठिनाई न हो। उन्होंने राज्य के सभी खाद्यान्न गोदामों की गुणवत्ता, सुरक्षा और रखरखाव पर विशेष ध्यान देने को कहा और यह भी निर्देश दिया कि सभी वेयरहाउस में निर्बाध विद्युत आपूर्ति और आवश्यक बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ।
केंद्र-राज्य समन्वय
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार से प्राप्त सुझावों के अनुरूप विभाग बेहतर समन्वय के साथ निर्धारित लक्ष्यों को तेजी से पूरा करे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'गरीब कल्याण विद डिग्निटी' के संकल्प को धरातल पर उतारने की प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री ने बिहार आकर योजनाओं की समीक्षा करने और राज्य के विकास में हरसंभव सहयोग का आश्वासन देने पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के प्रति आभार व्यक्त किया।
बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, सचिव लोकेश कुमार सिंह एवं संजय कुमार सिंह सहित केंद्र और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। आगामी हफ्तों में इन निर्देशों के क्रियान्वयन की प्रगति पर नज़र रखी जाएगी।