बिहार में पीएनजी विस्तार को मिली रफ्तार: CM सम्राट चौधरी ने अपार्टमेंट और कॉलोनियों को दी प्राथमिकता

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बिहार में पीएनजी विस्तार को मिली रफ्तार: CM सम्राट चौधरी ने अपार्टमेंट और कॉलोनियों को दी प्राथमिकता

सारांश

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपार्टमेंट और आवासीय कॉलोनियों में पीएनजी कनेक्शन को प्राथमिकता देने के आदेश दिए हैं। राज्य में फिलहाल 1.12 लाख कनेक्शन सक्रिय हैं और 25,813 आवेदन लंबित हैं। यह कदम स्वच्छ ईंधन और ईवी अपनाने की दिशा में बिहार की बड़ी रणनीति का हिस्सा है।

मुख्य बातें

CM सम्राट चौधरी ने 12 मई को अपार्टमेंट और कॉलोनियों में पीएनजी कनेक्शन तेज़ी से बढ़ाने के निर्देश दिए।
बिहार में अभी 1.12 लाख पीएनजी कनेक्शन सक्रिय हैं और 25,813 आवेदन प्रक्रियाधीन हैं।
खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के सचिव अभय कुमार सिंह ने ईंधन आपूर्ति की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।
मुख्यमंत्री ने राज्य में पर्याप्त ईंधन आपूर्ति का आश्वासन दिया और घबराहट न करने की अपील की।
जनता से इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) अपनाने और चार पहिया वाहनों का उपयोग सीमित करने की अपील की गई।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 12 मई को अधिकारियों को राज्य के अपार्टमेंट और आवासीय कॉलोनियों में पाइप वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी) कनेक्शनों के वितरण में तेज़ी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए। पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया। फिलहाल बिहार में 1.12 लाख पीएनजी कनेक्शन सक्रिय हैं और 25,813 आवेदन प्रक्रियाधीन हैं।

बैठक में क्या हुआ

खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के सचिव अभय कुमार सिंह ने बैठक में राज्य में ईंधन आपूर्ति की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि पीएनजी बुनियादी ढाँचे के विस्तार में तेज़ी से प्रगति हो रही है और कनेक्शन की संख्या लगातार बढ़ रही है। बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, दीपक कुमार, बी. राजेंद्र, लोकेश कुमार सिंह, संजय कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और प्रमुख तेल कंपनियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री के निर्देश

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जोर देकर कहा कि घनी आबादी वाले आवासीय क्षेत्रों — विशेष रूप से अपार्टमेंट परिसरों और कॉलोनियों — में पीएनजी की सुविधा बढ़ाने से कवरेज में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने अधिकारियों को जमीनी स्तर पर तेज़ी से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और जनता की सुविधा को अधिकतम करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। उनका स्पष्ट संदेश था कि पीएनजी का विस्तार न केवल दैनिक जीवन को सरल बनाएगा, बल्कि स्वच्छ और अधिक कुशल ईंधन के उपयोग को भी बढ़ावा देगा।

ईंधन आपूर्ति की स्थिति

मुख्यमंत्री ने बैठक में राज्य में पेट्रोल, डीजल और पीएनजी की उपलब्धता की भी समीक्षा की। उन्होंने आश्वस्त किया कि बिहार में वर्तमान में पर्याप्त ईंधन आपूर्ति है और नागरिकों से अनावश्यक घबराहट न करने की अपील की। गौरतलब है कि यह समीक्षा ऐसे समय में हुई जब देशभर में ईंधन आपूर्ति शृंखला पर निगरानी बढ़ाई जा रही है।

इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की अपील

मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि वे केवल आवश्यकता पड़ने पर ही चार पहिया वाहनों का उपयोग करें। उन्होंने ईंधन पर निर्भरता और प्रदूषण को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को अपनाने पर भी ज़ोर दिया। यह बयान बिहार सरकार की दीर्घकालिक स्वच्छ ऊर्जा नीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

आगे क्या होगा

अधिकारियों को अपार्टमेंट और कॉलोनियों में पीएनजी कनेक्शन को प्राथमिकता देने के स्पष्ट आदेश मिल चुके हैं। यदि क्रियान्वयन तय गति से हुआ, तो 25,813 लंबित आवेदनों का जल्द निपटारा होने की उम्मीद है। बिहार में पीएनजी बुनियादी ढाँचे का यह विस्तार राज्य के शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा पहुँच को नई दिशा दे सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की गति में है। 25,813 लंबित आवेदन यह दर्शाते हैं कि माँग पहले से मौजूद है — अड़चन आपूर्ति पक्ष पर है। घनी आबादी वाली कॉलोनियों में पाइपलाइन बिछाने की तकनीकी और प्रशासनिक जटिलताएँ अक्सर ऐसी घोषणाओं को धीमा कर देती हैं। जब तक समयबद्ध लक्ष्य और जवाबदेही तंत्र सार्वजनिक नहीं किए जाते, यह निर्देश महज़ एक समीक्षा बैठक की औपचारिकता बनकर रह सकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में पीएनजी कनेक्शन की मौजूदा स्थिति क्या है?
बिहार में अभी 1.12 लाख पीएनजी कनेक्शन सक्रिय हैं और 25,813 आवेदन प्रक्रियाधीन हैं। राज्य में पीएनजी बुनियादी ढाँचे के विस्तार में तेज़ी से प्रगति हो रही है।
CM सम्राट चौधरी ने पीएनजी को लेकर क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 12 मई को अधिकारियों को अपार्टमेंट और आवासीय कॉलोनियों में पीएनजी कनेक्शन को प्राथमिकता देने, जमीनी स्तर पर तेज़ी से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और जनता की सुविधा अधिकतम करने के निर्देश दिए।
पीएनजी विस्तार से बिहार के निवासियों को क्या फायदा होगा?
पीएनजी कनेक्शन मिलने से अपार्टमेंट और कॉलोनियों के निवासियों को सस्ता, स्वच्छ और सुविधाजनक ईंधन मिलेगा। यह दैनिक जीवन को सरल बनाएगा और प्रदूषण कम करने में भी मदद करेगा।
बिहार में ईंधन आपूर्ति की स्थिति कैसी है?
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में पेट्रोल, डीजल और पीएनजी की पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है। नागरिकों से अनावश्यक घबराहट न करने की अपील की गई है।
बिहार सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर क्या कहा?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जनता से इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) अपनाने और चार पहिया वाहनों का उपयोग केवल आवश्यकता पड़ने पर करने की अपील की। यह कदम ईंधन निर्भरता और प्रदूषण कम करने की दिशा में उठाया गया है।
राष्ट्र प्रेस