बिहार में पीएनजी विस्तार को मिली रफ्तार: CM सम्राट चौधरी ने अपार्टमेंट और कॉलोनियों को दी प्राथमिकता
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 12 मई को अधिकारियों को राज्य के अपार्टमेंट और आवासीय कॉलोनियों में पाइप वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी) कनेक्शनों के वितरण में तेज़ी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए। पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया। फिलहाल बिहार में 1.12 लाख पीएनजी कनेक्शन सक्रिय हैं और 25,813 आवेदन प्रक्रियाधीन हैं।
बैठक में क्या हुआ
खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के सचिव अभय कुमार सिंह ने बैठक में राज्य में ईंधन आपूर्ति की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि पीएनजी बुनियादी ढाँचे के विस्तार में तेज़ी से प्रगति हो रही है और कनेक्शन की संख्या लगातार बढ़ रही है। बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, दीपक कुमार, बी. राजेंद्र, लोकेश कुमार सिंह, संजय कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और प्रमुख तेल कंपनियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री के निर्देश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जोर देकर कहा कि घनी आबादी वाले आवासीय क्षेत्रों — विशेष रूप से अपार्टमेंट परिसरों और कॉलोनियों — में पीएनजी की सुविधा बढ़ाने से कवरेज में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने अधिकारियों को जमीनी स्तर पर तेज़ी से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और जनता की सुविधा को अधिकतम करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। उनका स्पष्ट संदेश था कि पीएनजी का विस्तार न केवल दैनिक जीवन को सरल बनाएगा, बल्कि स्वच्छ और अधिक कुशल ईंधन के उपयोग को भी बढ़ावा देगा।
ईंधन आपूर्ति की स्थिति
मुख्यमंत्री ने बैठक में राज्य में पेट्रोल, डीजल और पीएनजी की उपलब्धता की भी समीक्षा की। उन्होंने आश्वस्त किया कि बिहार में वर्तमान में पर्याप्त ईंधन आपूर्ति है और नागरिकों से अनावश्यक घबराहट न करने की अपील की। गौरतलब है कि यह समीक्षा ऐसे समय में हुई जब देशभर में ईंधन आपूर्ति शृंखला पर निगरानी बढ़ाई जा रही है।
इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की अपील
मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि वे केवल आवश्यकता पड़ने पर ही चार पहिया वाहनों का उपयोग करें। उन्होंने ईंधन पर निर्भरता और प्रदूषण को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को अपनाने पर भी ज़ोर दिया। यह बयान बिहार सरकार की दीर्घकालिक स्वच्छ ऊर्जा नीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
आगे क्या होगा
अधिकारियों को अपार्टमेंट और कॉलोनियों में पीएनजी कनेक्शन को प्राथमिकता देने के स्पष्ट आदेश मिल चुके हैं। यदि क्रियान्वयन तय गति से हुआ, तो 25,813 लंबित आवेदनों का जल्द निपटारा होने की उम्मीद है। बिहार में पीएनजी बुनियादी ढाँचे का यह विस्तार राज्य के शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा पहुँच को नई दिशा दे सकता है।