प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना: हर घर तक पहुंचा एलपीजी कनेक्शन, वितरण में सुधार
सारांश
Key Takeaways
- प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 10.56 करोड़ कनेक्शन का लक्ष्य।
- ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी की पहुंच में सुधार।
- सरकार द्वारा सब्सिडी की पेशकश।
- 2026 तक नए डिस्ट्रीब्यूटरों की स्थापना।
- ऊर्जा बचत के लिए जागरूकता कार्यक्रम।
नई दिल्ली, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) को लागू करने के बाद, देश में एलपीजी की पहुंच लगभग हर घर तक फैल गई है। 1 मार्च 2026 तक, देशभर में लगभग 10.56 करोड़ पीएमयूवाई कनेक्शन वितरित किए जा चुके हैं, जिनमें महाराष्ट्र में 52.60 लाख और गुजरात में 43.92 लाख कनेक्शन शामिल हैं। यह जानकारी सोमवार को संसद में प्रदान की गई।
सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 में 25 लाख अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन जारी करने की अनुमति भी दी है, ताकि लंबित आवेदनों को पूरा किया जा सके और देश में एलपीजी की पूरी पहुंच सुनिश्चित की जा सके।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने राज्यसभा में लिखित उत्तर में बताया कि इस विस्तार के तहत 1 मार्च 2026 तक महाराष्ट्र में लगभग 0.48 लाख और गुजरात में करीब 0.87 लाख नए कनेक्शन दिए गए हैं।
पीएमयूवाई शुरू होने से पहले, देश में एलपीजी कवरेज लगभग 62 प्रतिशत थी, जो अब काफी बढ़ चुकी है। इसके साथ ही लाभार्थी एलपीजी के उपयोग में भी वृद्धि देख रहे हैं। 2021-22 में जहां औसतन 3.68 सिलेंडर सालाना उपयोग किए जाते थे, वहीं 2025-26 में यह बढ़कर 4.80 सिलेंडर हो गया है।
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) ने घरेलू एलपीजी की सप्लाई व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण सुधार किया है।
गोपी ने कहा, "1 मार्च 2026 तक देश में कुल 25,605 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर हैं, जिनमें से 17,677 ग्रामीण क्षेत्रों में हैं, और इनकी सप्लाई के लिए 214 एलपीजी बॉटलिंग प्लांट कार्यरत हैं।"
ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में एलपीजी की पहुंच बढ़ाने के लिए अप्रैल 2016 से फरवरी 2026 के बीच 8,037 नए डिस्ट्रीब्यूटर स्थापित किए गए, जिनमें से 93 प्रतिशत यानी 7,444 ग्रामीण क्षेत्रों में हैं।
मंत्री के अनुसार, सरकार पीएमयूवाई उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की कीमत कम करने के लिए भी प्रयास कर रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में सरकार 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर पर 300 रुपए तक की सब्सिडी (और 5 किलो वाले सिलेंडर के लिए भी अनुपातिक रूप से) देने की योजना बना रही है, जो अधिकतम 9 रिफिल तक लागू है।
इसके अतिरिक्त, 'सक्षम' नामक पहल के माध्यम से ऑयल कंपनियां (पीएसयू) ऊर्जा बचत और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने के लिए लोगों को जागरूक कर रही हैं।