भारत में 25,605 एलपीजी वितरक, ग्रामीण क्षेत्रों में 17,677: सरकारी जानकारी
सारांश
Key Takeaways
- देश में कुल 25,605 एलपीजी वितरक हैं।
- 17,677 वितरक ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत हैं।
- सरकार ने एलपीजी की पहुंच बढ़ाने के लिए 8,037 नए वितरकों की स्थापना की है।
- उज्ज्वला योजना के तहत 10.56 करोड़ कनेक्शन दिए जा चुके हैं।
- दिल्ली में 14.2 किलोग्राम का सिलेंडर 613 रुपए में उपलब्ध है।
नई दिल्ली, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सरकार ने सोमवार को जानकारी दी कि भारत में कुल 25,605 एलपीजी वितरक मौजूद हैं (1 मार्च 2026 तक), जिनमें से 17,677 वितरक ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत हैं। ये वितरक तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) के 214 एलपीजी बॉटलिंग प्लांट्स के माध्यम से आपूर्ति प्राप्त कर रहे हैं।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में एलपीजी की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए अप्रैल 2016 से फरवरी 2026 के बीच 8,037 नए वितरकों की स्थापना की गई है। इनमें से 7,444 यानी लगभग 93 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
मंत्री ने यह भी बताया कि उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए आईवीआरएस और एसएमएस के माध्यम से एलपीजी रीफिल बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इस प्रणाली के तहत बुकिंग, कैश मेमो बनने और डिलीवरी जैसे महत्वपूर्ण चरणों पर उपभोक्ताओं को एसएमएस अलर्ट भेजे जाते हैं।
इसके अतिरिक्त, तेल विपणन कंपनियों ने डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) की शुरुआत की है, जो एसएमएस के माध्यम से उपभोक्ताओं को भेजा जाता है। यह कोड डिलीवरी करने वाले व्यक्ति को दिखाने पर ही सिलेंडर की पुष्टि के साथ डिलीवरी की जाती है।
सरकार ने उपभोक्ताओं को सस्ती एलपीजी उपलब्ध कराने के लिए वित्त वर्ष 2022-23 में ओएमसी को 22,000 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया था, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 30,000 करोड़ रुपए की अतिरिक्त सहायता को मंजूरी दी गई है।
मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) का आरंभ मई 2016 में किया गया था, जिसका उद्देश्य गरीब परिवारों की वयस्क महिलाओं को मुफ्त जमा राशि के साथ एलपीजी कनेक्शन प्रदान करना है।
उन्होंने कहा कि 1 मार्च 2026 तक देश में उज्ज्वला योजना के तहत लगभग 10.56 करोड़ एलपीजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं।
वर्तमान में दिल्ली में 14.2 किलोग्राम का घरेलू एलपीजी सिलेंडर की खुदरा बिक्री कीमत 913 रुपए है। उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को सरकार 300 रुपए प्रति सिलेंडर की लक्षित सब्सिडी देती है, जिसके बाद उनका प्रभावी खर्च 613 रुपए होता है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, भारत पेट्रोल और डीजल के उत्पादन में आत्मनिर्भर बना हुआ है और घरेलू मांग को पूरा करने के लिए इन ईंधनों के आयात की आवश्यकता नहीं पड़ती। देश की सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर कार्यरत हैं और पर्याप्त कच्चे तेल का भंडार बनाए हुए हैं।
मंत्रालय ने कहा कि सरकार घरेलू उपभोक्ताओं के हितों को प्राथमिकता देती है और घरों, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे प्राथमिक क्षेत्रों में एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।