भारत में 24 घंटे में 55 लाख एलपीजी रिफिल का वितरण: केंद्र की पुष्टि
सारांश
Key Takeaways
- 55 लाख से अधिक एलपीजी रिफिल उपलब्ध हुए हैं।
- सरकार ने ऑनलाइन बुकिंग को बढ़ावा दिया है।
- जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए छापेमारी जारी है।
- सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से कार्यरत हैं।
- उपभोक्ताओं से ऊर्जा संरक्षण के लिए अपील की गई है।
नई दिल्ली, 29 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पेट्रोलियम मंत्रालय ने रविवार को जानकारी दी कि देश में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। शनिवार को 55 लाख से अधिक रिफिल किए गए, और साथ ही 64,000 अतिरिक्त 5 किलो के सिलेंडर भी बेचे गए। सभी एलपीजी वितरकों ने पुष्टि की है कि कहीं भी सिलेंडर की कमी नहीं है।
बयान में बताया गया है कि उद्योग स्तर पर ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग में 94 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वितरक स्तर पर हेराफेरी रोकने के लिए, डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित डिलीवरी को फरवरी में 53 प्रतिशत से बढ़ाकर 84 प्रतिशत किया गया है।
सभी रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। देश में पेट्रोल और डीजल का भी अच्छा स्टॉक है। घरेलू खपत के लिए रिफाइनरियों ने एलपीजी उत्पादन बढ़ाया है। देशभर में सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं।
सरकार ने उपभोक्ताओं से ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग करने का अनुरोध किया है, ताकि वे एलपीजी वितरकों के पास जाने से बच सकें। नागरिकों से पीएनजी और इंडक्शन/इलेक्ट्रिक कुकटॉप जैसे वैकल्पिक ईंधन का उपयोग करने की अपील की गई है। सभी नागरिकों से ऊर्जा संरक्षण के लिए आवश्यक प्रयास करने का भी अनुरोध किया गया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य के लगातार बंद होने के कारण, देशभर में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठाए जा रहे हैं।
कुछ राज्यों में खुदरा दुकानों पर भीड़भाड़ होने से बिक्री में असामान्य वृद्धि हुई है। हालांकि, सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। सरकार ने जनता से अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की है।
एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में छापेमारी की जा रही है। अब तक लगभग 2,900 छापेमारी की जा चुकी हैं और शनिवार को करीब 1,000 सिलेंडर जब्त किए गए हैं।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों के अधिकारियों ने शनिवार को देशभर में 1200 से अधिक आरओ और एलपीजी वितरकों पर अचानक निरीक्षण किया। इससे आपूर्ति में किसी भी प्रकार की रुकावट को रोका जा सके और जमाखोरी की गतिविधियों को समाप्त किया जा सके। तेल कंपनियों ने अब तक एलपीजी वितरकों को लगभग 480 कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।