11 अगस्त 2026
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झारखंड बंद: एबीवीपी कार्यकर्ता विधानसभा घेराव से पहले हिरासत में, रांची में कई जगह सड़क जाम

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झारखंड बंद: एबीवीपी कार्यकर्ता विधानसभा घेराव से पहले हिरासत में, रांची में कई जगह सड़क जाम

सारांश

जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती अनियमितताओं के विरोध में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के बाद रांची में भाजपा बंद और एबीवीपी के विधानसभा घेराव ने शहर को आंशिक रूप से ठप किया। पुलिस ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं को विधानसभा पहुँचने से पहले ही हिरासत में ले लिया; नामकुम और लोवाडीह से कुल 28 गिरफ्तार।

मुख्य बातें

11 अगस्त को रांची में भाजपा के बंद और एबीवीपी के विधानसभा घेराव का मिला-जुला असर रहा।
पुलिस ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं को पुराने विधानसभा परिसर के पास ही हिरासत में लेकर बस में बैठाया।
लोवाडीह से 11 और नामकुम से 17 बंद समर्थकों को हिरासत में लिया गया।
कांके रोड, रातू रोड, हरमू चौक, अरगोड़ा चौक सहित कई इलाकों में सड़क जाम और टायर जलाने की घटनाएँ हुईं।
मेन रोड, बरियातू और मोरहाबादी में दुकानें खुली रहीं — बंद का प्रभाव असमान रहा।
आंदोलन की जड़ में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताएँ और सोमवार को छात्रों पर हुआ लाठीचार्ज है।

रांची में मंगलवार, 11 अगस्त को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आह्वान पर झारखंड बंद का मिला-जुला असर देखने को मिला। जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में आंदोलन कर रहे छात्रों पर सोमवार को हुए लाठीचार्ज के खिलाफ यह प्रदर्शन आयोजित किया गया था। पुलिस ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं को विधानसभा तक पहुँचने से पहले ही हिरासत में ले लिया।

मुख्य घटनाक्रम

सुबह आठ बजे से ही भाजपा कार्यकर्ता रांची के अलग-अलग इलाकों में सड़कों पर उतर आए और दुकानें बंद कराने लगे। कांके रोड, रातू रोड, हरमू चौक, अरगोड़ा चौक, बोड़ेया और सीएमपीडीआई गेट के पास कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम किया। कई स्थानों पर टायर भी जलाए गए, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुँचकर जाम हटाया।

नामकुम में सुबह करीब 11 बजे भाजपा कार्यकर्ताओं ने बाजार चौक पर बैठकर प्रदर्शन किया और रांची-जमशेदपुर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। करीब साढ़े 11 बजे पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर सड़क खाली कराई, जिस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। लोवाडीह में भाजपा मंडल अध्यक्ष अशोक गोप के नेतृत्व में भी बंद कराया गया।

हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारी

पुलिस के अनुसार, लोवाडीह से 11 और नामकुम से 17 बंद समर्थकों को हिरासत में लेकर थाने लाया गया। फिलहाल सभी को थाने में रखा गया है। इधर, राज्यभर से पहुँचे एबीवीपी कार्यकर्ता पुराने विधानसभा परिसर के पास एकत्र हुए और सड़क पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोका, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच हल्की नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई।

बाद में पुलिस ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर बस में बैठा दिया। कुछ छात्र नेता बस की छत पर चढ़कर नारेबाजी करते रहे, जबकि कुछ कार्यकर्ता बस के आगे और पीछे सड़क पर लेट गए।

बंद का असर — कहाँ बंद, कहाँ खुला

बंद का असर पूरे शहर में एकसमान नहीं रहा। मेन रोड, बरियातू और मोरहाबादी सहित कई इलाकों में दुकानें खुली रहीं और वाहनों का आवागमन सामान्य बना रहा। शहर के अधिकांश इलाकों में सुबह सामान्य गतिविधियाँ देखी गईं, जो इस बात का संकेत है कि बंद का व्यापक प्रभाव सीमित रहा।

आंदोलन की पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का असंतोष लंबे समय से उबल रहा है। सोमवार को आंदोलनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज ने इस असंतोष को और भड़का दिया, जिसके बाद भाजपा और एबीवीपी ने तत्काल बंद और घेराव का ऐलान किया। गौरतलब है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की माँग राज्य में एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है।

आगे क्या

हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं की रिहाई और सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर अब सबकी नजरें टिकी हैं। यदि भर्ती अनियमितताओं की माँगें अनसुनी रहीं, तो आंदोलन के और तेज होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन छात्रों पर लाठीचार्ज ने इसे एक नई धार दी है। भाजपा का बंद स्वाभाविक रूप से विपक्षी राजनीति का हिस्सा है, पर असली सवाल यह है कि सत्तारूढ़ सरकार भर्ती पारदर्शिता पर ठोस कदम कब उठाएगी। बंद का असर आंशिक रहना यह भी दर्शाता है कि आम जनता इस राजनीतिक प्रदर्शन से पूरी तरह नहीं जुड़ी — जब तक छात्रों की माँगें केंद्र में नहीं आतीं, आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिलना मुश्किल है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड बंद क्यों बुलाया गया था?
झारखंड बंद जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में आंदोलन कर रहे छात्रों पर सोमवार को हुए लाठीचार्ज के विरोध में बुलाया गया था। भाजपा ने बंद और एबीवीपी ने विधानसभा घेराव का आह्वान किया था।
एबीवीपी कार्यकर्ताओं को कहाँ और क्यों हिरासत में लिया गया?
एबीवीपी कार्यकर्ताओं को पुराने विधानसभा परिसर के पास विधानसभा की ओर बढ़ने की कोशिश के दौरान पुलिस ने रोककर हिरासत में लिया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की नोकझोंक के बाद कार्यकर्ताओं को बस में बैठाया गया।
रांची में कितने लोगों को हिरासत में लिया गया?
पुलिस के अनुसार, लोवाडीह से 11 और नामकुम से 17 बंद समर्थकों को हिरासत में लेकर थाने लाया गया। फिलहाल सभी को थाने में रखा गया है।
झारखंड बंद का शहर पर कितना असर पड़ा?
बंद का असर पूरे रांची में एकसमान नहीं रहा। कांके रोड, रातू रोड और हरमू चौक जैसे इलाकों में जाम और टायर जलाने की घटनाएँ हुईं, जबकि मेन रोड, बरियातू और मोरहाबादी में दुकानें खुली रहीं और यातायात सामान्य रहा।
जेपीएससी-जेएसएससी विवाद क्या है?
जेपीएससी (झारखंड लोक सेवा आयोग) और जेएसएससी (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। सोमवार को इन्हीं छात्रों पर हुए लाठीचार्ज ने स्थिति को और गंभीर बना दिया।
राष्ट्र प्रेस
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