झारखंड बंद: छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में BJP का आंदोलन, रांची-पलामू समेत 6 जिलों में सड़क जाम
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार, 11 अगस्त को झारखंड बंद का आह्वान किया, जो झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने के विरोध में बुलाया गया। रांची, हजारीबाग, पलामू, गिरिडीह, चतरा और सिमडेगा सहित राज्य के कई जिलों में बंद का व्यापक असर देखा जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
रांची के हरमू चौक पर BJP कार्यकर्ताओं ने टायर जलाकर सड़क जाम कर दी और राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस बल की भारी तैनाती की गई है तथा प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी है।
पलामू जिले में डालटनगंज के छहमुहान और रेडमा चौक पर BJP कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। पार्टी के पलामू जिलाध्यक्ष अमित तिवारी ने राज्य सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
सिमडेगा में BJP कार्यकर्ताओं ने बीरू सहित कई स्थानों पर राष्ट्रीय राजमार्ग-143 को जाम कर दिया, जिससे मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बाधित हुई। गिरिडीह के धनवार और चतरा के प्रतापपुर में भी सड़क जाम किए जाने की सूचना है।
बंद की शर्तें और समयसीमा
BJP ने सोमवार, 10 अगस्त को घोषणा की थी कि बंद सुबह 8 बजे से रात 11 बजे तक रहेगा। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य सेवाएँ और देवघर सहित धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले कांवड़िये बंद के दायरे से बाहर रहेंगे।
छात्र आंदोलन की पृष्ठभूमि
बंद का आह्वान सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच हुए टकराव के बाद किया गया। JPSC और JSSC की विवादित परीक्षाओं को रद्द करने, भर्ती प्रक्रिया में सुधार और कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जाँच की माँग को लेकर हजारों छात्र विधानसभा की ओर बढ़े थे।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की। छात्रों के आगे बढ़ने पर वाटर कैनन और आँसू गैस का इस्तेमाल किया गया, और बाद में लाठीचार्ज भी हुआ। इस दौरान कई छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए।
आम जनता पर असर
बंद के चलते रांची समेत कई जिलों में सड़क यातायात बाधित है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर जाम के कारण आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है।
क्या होगा आगे
यह देखना होगा कि राज्य सरकार छात्रों की माँगों — JPSC-JSSC परीक्षा रद्द करने और CBI जाँच — पर क्या रुख अपनाती है। BJP के इस बंद के बाद राजनीतिक दबाव बढ़ने की संभावना है, और आने वाले दिनों में छात्र संगठनों का अगला कदम झारखंड की राजनीति की दिशा तय कर सकता है।